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August 10, 2026
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पाक से अधिक खतरनाक हैं ये दुश्मन !

By Shakti Prakash Shrivastva on May 23, 2025
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    शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव
पाकिस्तान हमारा पड़ोसी देश है लेकिन उसके साथ हमारे रिश्ते ठीक नहीं है। उसे हम अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानते है। लेकिन बीते दिनों हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बीच कुछ ऐसे चौंकाने वाले खुलासे हुए जिसने यह मानने को बाध्य कर दिया कि देश के लिए इससे भी खतरनाक दुश्मन और भी है। ये नए दुश्मन वो हैं जो देश में रहते है और अपनी झूठी शानोशौकत और चंद पैसों की लालच में देश की सुरक्षा और देशवासियों का जीवन दाँव पर लगाने से गुरेज नहीं करते हैं। इस आशय का खुलासा पिछले दिनों यूपी, पंजाब और हरियाणा से हुए चंद लोगों की गिरफ़्तारी के बाद हुआ है। जांच में ये प्रमाणित हुआ है कि इन गिरफ्तार लोगों के रिश्ते पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से है। ये लोग बिना देश और देशवासियों की सुरक्षा की चिंता किये भारत की सूचनाएं पाकिस्तानी एजेंसी को मुहैया कराते थे।
मेरा मानना है कि ये ही देश के सबसे बड़े दुश्मन है। बल्कि देश के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। लेकिन इनको पालने-पोषने और बढ़ने में कहीं न कहीं कमी हमारी ही है। लिहाजा अब हमे अपनी गलती में सुधार करते हुए इन्ही चिन्हित करना होगा। देश के कानून प्रवर्तन एजेंसियों और खुफिया एजेंसियों को भी इन्हे गंभीरता से लेना होगा। यह चिंता का विषय है कि हरियाणा की रहने वाली सोशल मीडिया क्रियेटर ज्योति के बारे में जानकारी मिली है कि वो भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने की वजह से निकाले गए पाकिस्तानी दूतावास के एक अधिकारी के संपर्क में थी और उसे देश की संवेदनशील जानकारियाँ मुहैया कराती थी। उस पर आरोप तो ये भी है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के पहले वो कश्मीर गई थी और उसके पहले पाकिस्तान भी गई थी। जानकारी यह भी मिल रही है कि ज्योति के पाक खुफिया एजेंसी के एक अधिकारी से अंतरंग संबंध थे। वो उसके साथ घूमने बाली भी गई थी। चर्चा ये भी कि पाकिस्तानी दूतावास में आयोजित एक पार्टी का वीडियों भी मिला है जिसमे ज्योति डांस करते दिख रही है। ज्योति की ही तरह उत्तर प्रदेश के रहने वाले नौमान इलाही और शहजाद के ऊपर भी देश विरोधी गतिविधियों में लिप्तता के आरोप है। पंजाब से पकड़े गए दो लोगों पर भी इसी तरह जासूसी करने के आरोप है। जांच में लगी एजेंसियां यह पता लगाने के प्रयास में है कि क्या इन लोगों को सैन्य या रक्षा अभियानों की सीधी जानकारी मिलती थी या कोई सोर्स उन्हे यह जानकारी उपलब्ध कराता था।
उम्मीद है कि इन लोगों से पूछताछ के दौरान देश के खिलाफ बड़ी साजिशों को पर्दाफाश करने वाली कुछ जानकारिया मिले।
भारत विरोधी शक्तियों के इशारे पर देश को मुश्किल में डालने वाले ऐसे देशवासियों के ये कृत्य वाकई परेशान करने वाला है। सूचना क्रांति के मौजूदा दौर में व्हाट्सअप, टेलीग्राम आदि सोशल् मीडिया मंचों के माध्यम से विदेशी खुफिया एजेंसियां भारतीय मददगारों से संपर्क कर रही है। उन्हे पैसों और सुविधाओं का लालच दे अपने तरीके से उनका इस्तेमाल कर रही है। ऐसे में देश की खुफिया एजेंसियों को पूरी गंभीरता से सतर्कता बरतते हुए ऐसे कुत्सित प्रयासों को विफल करने की तरकीब ढूँढ़नी होगी। वरना दुश्मन देशों से पार पाना एक बार आसान होगा लेकिन इन आस्तीन मे पल रहे दुश्मनों से निजात पाना मुश्किल होगा।

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