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योगी हैं तो मुमकिन है…

By Shakti Prakash Shrivastva on April 18, 2022
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

           हाल के दिनों में देश के कई राज्यों में धार्मिक जुलूसों पर उन्मादियों द्वारा हिंसा किये जाने की वारदातें हुईं। इस क्रम में क्या दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और क्या गुजरात कोई अछूता नहीं रहा जहां इस तरह की घटनाएं न हुई हों। जबकि ऐसे धार्मिक उन्मादों के लिए हमेशा से संवेदनशील माना जाने वाला उत्तर प्रदेश इससे पूरी तरह अछूता रहा। यहाँ पिछले पाँच सालों में एक भी ऐसी सांप्रदायिक सौहार्द को चुनौती देने वाली घटनाएं नहीं हुई। ऐसा महज संयोग नहीं था। बल्कि इसके पीछे प्रदेश की बागडोर संभालने वाले सख्त और ईमानदार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तेवर वाले छवि का बड़ा हाथ है। प्रदेश की सत्ता संभालते ही योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में ऐसे कृत्यों को अंजाम देने वाले गुंडा-मवालियों को खुली चुनौती दे दी थी कहा था कि या तो सुधार जाओ या प्रदेश छोड़ दो वरना ठोक दिए जाओगे। बाद के दिनों में हुआ भी कुछ ऐसा ही। प्रदेश के कई मनबढ़ माफिया पुलिस की गोली के शिकार हुए, कई जेल भेजे गए तो कुछ ने प्रदेश छोड़ना बेहतर समझा। अब जैसे राज्यों से हिंसा की खबरे आती है तब लगता है कि शायद सामाजिक सुरक्षा के इसी व्यवस्थागत अच्छाइयों के चलते ही प्रदेश की जनता ने विगत दिनों हुए विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ की सरकार को दशकों का रिकार्ड तोड़ते हुए दुबारा सत्ता में आने का मौका दिया। क्योंकि योगी आदित्यनाथ की पहली सरकार में भी चुनौतियाँ कम नही थीं। कोरोना जैसी विश्वव्यापी आपदा, एनआरसी, सीएए संबंधी प्रदर्शन और रामजन्म भूमि विवाद में कोर्ट का निर्णय आने पर व्याप्त अघोषित संवेदनशील स्थितियों का सामना सरकार को करना पड़ा था। लेकिन इन चुनौतियों का सरकार ने जिस कुशलता के साथ अनुशासित प्रबंधन किया वो काबिले तारीफ है। उपजे हालात और उस पर प्रभावी नियंत्रण देख प्रदेश की जनता को इस बात का यकीन हो गया था कि प्रदेश में योगी है तो मुमकिन है। योगी आदित्यनाथ ने भी जनता के इस भरोसे को टूटने नहीं दिया। आज भी जब मुस्लिम धर्मावलंबियों के पाक महीने रमजान और हिन्दुओ की रामनवमी व हनुमान जयंती जैसे धार्मिक आयोजनों में कई प्रदेशों में हिंसक घटनाए हुईं लेकिन योगी आदित्यनाथ सरकार की चुस्त-दुरुस्त कानून-व्यवस्था का परिणाम रहा कि पूरे प्रदेश में कही भी कोई उल्लेखनीय वारदात दर्ज नहीं हुई। बल्कि लखनऊ और नोएडा जैसे शहरों में तो सांप्रदायिक सौहार्द का अनूठा नजारा देखने को मिला कि रामनवमी और हनुमान जयंती के जुलूसों में मुस्लिम भाइयों ने न केवल बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया बल्कि सेवादारी करते नजर आए। प्रदेश के मौजूदा हालात पर पत्रकार टी हुसेन राजन का मानना है कि यह जो अमन चैन है वो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त कार्यशैली की वजह से है जिसका न केवल अपराधियों पर अंकुश है बल्कि पुलिस बल पर भी उतना ही खौफ है।

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