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October 8, 2026
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बीजेपी का दाग धुलेगा मिल्कीपुर !

By Shakti Prakash Shrivastva on January 13, 2025
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                                                                             शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

दिल्ली विधानसभा चुनाव के साथ ही चुनाव आयोग ने मंगलवार को उत्तरप्रदेश के अयोध्या की प्रतिष्ठापरक मिल्कीपुर विधानसभा सीट के लिए भी उपचुनाव की घोषणा कर दी है। बीते लोकसभा चुनाव में अयोध्या में समाजवादी पार्टी के हाथों शिकस्त मिलने से भारतीय जनता पार्टी के राममयी दामन पर जो दाग लगे थे उसे धुलने का एक मौका साबित हो सकता है मिल्कीपुर का ये उप चुनाव। इसके लिए जहां प्रदेश और देश में सत्तारूढ़ बीजेपी अपनी सारी ऊर्जा लगा रही है वही विपक्षी गठबंधन के प्रदेश में  ध्वजवाहक समाजवादी पार्टी भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है।

लोकसभा चुनाव के ठीक पहले जनवरी में हुए भव्य राममंदिर निर्माण का जश्न मनाते समय बीजेपी को इस बात का कत्तई अंदाजा नहीं था कि वो अयोध्या की लोकसभा सीट चुनाव में हार जाएगी। क्योंकि उसे इस बात का पूरा इत्मीनान था कि सैकड़ों सालों के बाद बीजेपी सत्ताशाही में ही भव्य और दिव्य राममंदिर निर्माण होने से क्षेत्र की राममयी मतदाता उसे भरपूर समर्थन दे इतिहास रचेगी। उसे अयोध्या के साथ-साथ इस आधार पर पूरे देश में भगवामई परिणाम आने का भरोसा था।  लेकिन हुआ इसके उल्टा। वहाँ समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी अयोध्या प्रसाद ने जीत की प्रत्याशा में अतिउत्साहित बीजेपी उम्मीदवार को चारो खाने चित्त कर दिया।  इस हार से बीजेपी के ऊपर लगे दाग ने बीजेपी की सियासत को अवसादग्रस्त कर दिया। प्रदेश में जब रिक्त दस विधानसभा सीटों के लिए उप चुनाव होने थे तो बीजेपी को लगा कि वो इसमें पुरजोर प्रयास कर मतदाताओं के हाथों अपने ऊपर लगे दाग को साफ कर लिया जाए। लेकिन उसके इस मंसूबे पर भी न्यायालय का ग्रहण लग गया। इलाहाबाद उच्च न्यायालय में लंबित एक वाद के चलते नौ विधानसभा सीटों के लिए चुनाव तो हुए लेकिन मिल्कीपुर को छोड़ कर। इस निर्णय से बीजेपी को बहुत मायूसी हुई थी। लेकिन मंगलवार को जब मिल्कीपुर के लिए उपचुनाव की घोषणा हुई तो एक बार फिर बीजेपी को अपने ऊपर लगे दाग को धुलने का अवसर मिल गया है। इस अवसर का लाभ  बीजेपी पूरी शिद्दत और संजीदगी से उठाना चाहती है। उसके गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चुनाव की तिथि घोषित होते ही बीजेपी में चल रहे स्थानीय संगठन चुनाव को भी चुनाव तक के लिए स्थगित कर दिया है। जिससे कि पूरा संगठन चुनाव में एकजुट रहे।

चुनाव आयोग की घोषणा की मुताबिक मिल्कीपुर में 5 फरवरी को मतदान होगा और 8 फरवरी को मतगणना की प्रक्रिया सम्पन्न होगी। मतलब 8 फरवरी को यह तय हो जाएगा कि बीजेपी ने पिछले चुनाव में लगे दाग से मुक्ति पा ली है या स्थानीय मतदाताओं ने उसे एक बार फिर हराकर मंथन करने के लिए छोड दिया है। फिलहाल चुनावी दुदुंभी बज चुकी है और सियासी दल मैदान में उतर गए हैं। बीते चुनाव में मिली जीत से जहां सपा उत्साह से लबरेज है वहीं बीजेपी इस बार जीत दर्ज कर हार की निराशा से अपने को उबारना चाहती है। कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी न उतार कर सपा प्रत्याशी को ही समर्थन देने की घोषणा की है और सूबे की चौथी पार्टी बीएसपी ने चुनाव न लड़ने का निर्णय लिया है।

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