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June 20, 2026
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एमपी में I.N.D.I.A.को लग सकता है झटका !

By Shakti Prakash Shrivastva on October 22, 2023
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

                    देश में सत्तारूढ़ बीजेपी वाली एनडीए सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने के स्पष्ट एलान के साथ गठित विपक्षी दलों के गठबंधन इंडियन नेशनल डेवेलपमेंटल एलायन्स यानि आईएनडीआईए का अपने सदस्य दलों को एकसाथ रखने का पहला प्रयोग मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में ही दम तोड़ता नजर आने लगा है। गठबंधन के अंदर सहयोगी दलों के बीच सीटों के बँटवारे को लेकर चल रही कवायद के बीच रविवार की शाम सपा ने एमपी की आठ सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिये। इन घोषित आठ में चार सीटें ऐसी हैं जिस पर उसी दिन सुबह कांग्रेस ने भी उम्मीदवार उतारे थे। इस तरह गठबंधन के दो मजबूत घटक दल अब आमने-सामने आ गए हैं।

सियासी जानकारों का मानना है की ऐसा सपा दबाव बनाने के लिए कर रही है। क्योंकि दो महीने पहले ही सपा ने प्रदेश की छः सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिये थे। इसमें निवाड़ी से मीरा दीपक यादव, राजनगर से ब्रजगोपाल पटेल, भांडेर से रिटायर्ड जिला जज डीआर राहुल, मेहगांव से बृज किशोर सिंह गुर्जर, धौहानी से विश्वनाथ सिंह मरकाम व चितरंगी से श्रवण कुमार गौड़ का नाम शामिल था। सपा की तरफ से रविवार को जो सूची घोषित की है उनमें से मेहगांव के प्रत्याशी को वापस कर दिया गया है जबकि पहले घोषित पांच सीटों के साथ ही तीन सीटों पर और दावा ठोक दिया है। पार्टी ने सिरमौर से लक्ष्मण तिवारी, बिजावर से मनोज यादव, कटंगी से महेश सहारे और सीधी से रामप्रताप सिंह यादव को उम्मीदवार घोषित किया है। समाजवादी पार्टी को राष्ट्रस्तरीय पार्टी बनाने का संकल्प लेने वाले पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव ने रविवार को राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव की मौजूदगी में मध्य प्रदेश के सपा पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें इस बात की चर्चा की गई की आखिर आठ घोषित प्रत्याशियों की सूची कांग्रेस को दिये जाने के बाद भी कांग्रेस ने अपने घोषित 144 सीटों में भांडेर, राजनगर, बीजावर और कटंगी में अपने उम्मीदवार क्यों उतारे।
इनमें भांडेर और राजनगर से सपा पहले ही उम्मीदवार घोषित कर चुकी थी जबकि बिजावर से सपा की दावेदारी पहले से ही थी क्योंकि 2018 में बिजावर में सपा जीती थी। सपा ने कांग्रेस के इस निर्णय को गठबंधन धर्म के विरुद्ध बताते हुए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की।

2018 में भांडेर से कांग्रेस के उम्मीदवार को 40 हजार वोटों से विजय मिली थी। जबकि राजनगर में कांग्रेस तीसरी बार जीती है। सपा को भी राजनगर में 23 हजार से अधिक वोट मिले थे। सीधी विधानसभा में बीजेपी को विजय मिली थी और कांग्रेस दूसरे व सपा तीसरे नंबर पर रही थी। बिजावर से सपा को जीत मिली थी लेकिन पार्टी के इकलौते विधायक ने बाद में बीजेपी ज्वाइन कर लिया था। सपा ने जिन 8 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए उनमें से एक उसके पास दो कांग्रेस के पास और पांच बीजेपी के पास हैं। इनमें चार सीटों पर कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही जबकि दो सीटों पर सपा दूसरे नंबर पर रही। ऐसे में आई एन डी आई ए गठबंधन पर यह सवाल खड़ा हो रहा है की यदि अभी से इस तरह आपस में कलह या मतभेद की स्थिति होगी तो आने वाले लोकसभा चुनाव में तो यह गठबंधन अपने उद्देश्य से भटक जाएगा। हालांकि अब यह देखना है की कांग्रेस की जो नयी सूची जारी होने वाली है उसमें सपा के शेष घोषित सीटों पर उनके उम्मीदवार उतारती है या नहीं।

 

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