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आहिस्ता-आहिस्ता ‘शाइस्ता’ बनी लेडी डान

By Shakti Prakash Shrivastva on April 5, 2023
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

        प्रदेश के पूर्वाञ्चल में अपराध और अपराधियों के लिए खासा जाना पहचाना नाम है प्रयागराज के माफिया अतीक अहमद का। वो अतीक जिसका  जरायम की दुनिया में पदार्पण महज 17 साल की उम्र में ही हो गया था। उसके ऊपर सैकड़ों आपराधिक मामले दर्ज है। लेकिन उसके आपराधिक रसूख के चलते लगभग चार दशक के बाद पहली बार कोई मामला कोर्ट में फैसले की चौखट तक पहुंचा और उसी में उम्रकैद की इसे सजा भी हो गई। इस पूरे दौर में अतीक के हमसाया के रूप में उसकी बेगम पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करती रही। पति के आपराधिक चौहद्दी से दूरदूर तक उनका कोई तालुक नहीं था। लेकिन धीरे-धीरे समय के साथ-साथ परिस्थितियाँ ऐसी बनती चली गई कि बेगम शाइस्ता को भी आपराधिक शुभचिंतकों से मेलमिलाप रखनी जरूरी हो गई। समय बदला 24 फरवरी की शाम प्रयागराज में पूर्व विधायक राजू पाल की हत्या के मुख्य गवाह उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर की नृशंस हत्या के मामले में अतीक और गुर्गों व बेटे के साथ बेगम शाइस्ता का नाम भी उछला जबकि  बाद में संलिप्तता प्रमाणित भी हो गई। इस कांड में शामिल शूटर साबिर, गुर्गे बल्ली पंडित सहित कई कुख्यात अपराधियों के साथ शाइस्ता की तस्वीर, वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुई तो एकबारगी लगा कि जरायम पेशे में वो भी बखूबी संलिप्त हैं। यही वजह है कि कई पुलिस वाले और करीबी शाइस्ता को लेडी डान  के नाम से संबोधित करने लगे। इसी आधार पर शाइस्ता परवीन का नाम इंटरस्टेट यानि IS-227 गैंग में शामिल करने की कवायद पुलिस ने शुरू कर दी है। हत्याकांड के बाद से फरार चल रही 25 हजार की इनामी शाइस्ता को अतीक के गैंग का सदस्य बनाने की कवायद शुरू हो गई है। पुलिस रिकार्ड में चकिया खुल्दाबाद निवासी माफिया अतीक की बीवी शाइस्ता के खिलाफ वर्ष 2009 में पहला मुकदमा धोखाधड़ी, कूटरचना व आर्म्स एक्ट के आरोप में कर्नलगंज थाने में लिखा गया था। उसी साल धोखाधड़ी सहित दो और मुकदमे कर्नलगंज थाने में कायम किए गए थे। इसके बाद धूमनगंज थाने में 25 फरवरी 2023 को हत्या, जानलेवा हमला, साजिश रचने, सात सीएलए एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में लिखा गया।

यह मुकदमा उमेश पाल और उनके सरकारी गनर की हत्या के बाद जया पाल की तहरीर पर कायम किया गया है। इसी मामले में शाइस्ता के अलावा उसके शौहर अतीक, बेटे, देवर खालिद अजीम उर्फ अशरफ, बेटों, शूटर गुलाम, बमबाज गुड्डू मुस्लिम को नामजद किया गया है। वारदात के बाद पुलिस ने शाइस्ता की तलाश तेज की तो वह भाग निकली। गिरफ्तारी न होने पर उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया, लेकिन अब तक वो पकड़ से दूर हैं। इसी तरह अतीक के बेटे असद, गुड्डू मुस्लिम  समेत पाँच फरार अभियुक्तों पर सरकार ने पाँच-पाँच लाख का इनाम घोषित कर रखा है।  लेकिन दुर्भाग्य कि एक महीने से अधिक का वक्त बीतने के बावजूद भी पुलिस के हाथ एक भी आरोपी नहीं लग सके हैं।

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