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जिंदा है अतीक !

By Shakti Prakash Shrivastva on April 20, 2024
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव
प्रयागराज और उसके आसपास के दुरदाँत माफिया डान अतीक अहमद की लगभग एक साल पहले 15 अप्रैल की रात प्रयागराज के एक अस्पताल परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके साथ उसके माफिया भाई अशरफ की भी हत्या हुई थी। इस घटना की चर्चा देश ही नहीं विदेशों तक में खूब हुई। इस हत्याकांड से अतीक-अशरफ से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली। क्योंकि उनके आतंक का साया अतीक-अशरफ की मौत के बाद से छँट गया था। लेकिन शुक्रवार की सुबह मीडिया की सुर्खियों पर यदि गौर करे तो पता चलेगा कि माफिया अतीक अभी भी जिंदा है। क्योंकि मीडिया में आई ऐसी भ्रामक खबरें प्रयागराज विकास प्राधिकरण के एक पत्र के नाते उत्पन्न हुईं। हुआ ये कि प्राधिकरण ने एक अवैध निर्माण के धवस्तीकरण के लिए बाकायदा अतीक अहमद के नाम से नोटिस जारी की है। जिसमें निर्माणाधीन निर्माण के अविलंब रोकने और उसके ध्वस्त कराने की चेतावनी दी गई है। चेतावनी में यह भी है कि यदि आदेश पर अमल नहीं हुआ तो पीडीए यानि प्रयागराज विकास प्राधिकरण उस निर्माण को ध्वस्त करा देगा और इसमें आने वाले खर्च को अतीक अहमद से वसूलेगा। विभाग के इस नोटिस को लेकर तरह-तरह की चर्चा चल रही है।
आम नागरिक के लिए पीडीए की यह कारस्तानी हैरान करने वाली है। हद है अगंभीरता की भी कि जिस माफिया अतीक अहमद की एक वर्ष पहले पुलिस कस्टडी में गोलियों से छलनी किया जा चुका है उसके अवैध निर्माण को रोकने के लिए पीडीए ने नोटिस जारी किया है। हुआ ये है कि हाईकोर्ट चौराहे पर अम्बेडकर प्रतिमा के पास सड़क के उत्तरी तरफ अतीक अहमद के स्वामित्व वाले नजूल भूखंड संख्या 571/2 सिविल लाइंस बंगला नंबर-दो पर निर्मित अवैध निर्माण को चार वर्ष पहले पीडीए ने ध्वस्त करा दिया था। उस भूखंड पर एक बार फिर इन दिनों निर्माण शुरू हो गया है। बाहर से टिन लगाकर अंदर काम कराए जाने की शिकायत मिलने के बाद पीडीए की नींद खुली। इसी क्रम में पीडीए ने साल भर पहले ही मारे जा चुके अतीक अहमद के नाम से नोटिस जारी कर उसे अवैध निर्माण रोकने और खुद से ध्वस्त करने के लिए चेतावनी दे डाली।
प्राधिकरण के जोनल अधिकारी की ओर से अतीक के नाम भेजे गए नोटिस में लिखा है कि चार वर्ष पहले छह अगस्त 2020 को अनधिकृत निर्माण के विरुद्ध कारण बताने और अवैध निर्माण रोकने के लिए कहा गया था। लेकिन आप की ओर से निर्माण बंद नहीं किया गया। ऐसी स्थिति में बंगला नंबर दो पर अवैध निर्माण को स्वयं ध्वस्त कर इस कार्यालय को सूचित करें।
पीडीए के जोनल अधिकारी संजीव कुमार उपाध्याय द्वारा जारी इस तरह के भ्रामक नोटिस पर पीड़ीए के उपाध्यक्ष अरविन्द चौहान का मानना है कि मरे हुए माफिया के नाम से नोटिस नहीं जारी किया जा सकता है। इस मामले को देखा जाएगा। अवैध निर्माण की सूचना है। इसपर कार्रवाई की जाएगी। बेशक आने वाले दिनों में संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों पर प्राधिकरण प्रशासन कार्रवाई करे लेकिन इस वाकये ने यह प्रश्नचिह्न तो खड़ा कर ही दिया है कि अधिकारी अपने काम के प्रति कितने गंभीर हैं।

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