नई दिल्ली(एजेंसी)- देश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। संकट की इस घड़ी में अब भारतीय सेना देशवासियों के बचाव में आगे आई है। सेना अस्पताल बनाने लेकर विदेश से क्रायोजेनिक कंटेनर लाने में जुटी है। एकीकृत रक्षा स्टाफ (मेडिकल) की उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल माधुरी कानितकर ने बताया कि सेना ने 14 रेलवे कोच दिए हैं। उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक प्वाइंट पर तीन सशस्त्र बल मुख्यालय एक तालमेल बल के रूप में कार्य कर रहे हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सीडीएस और आर्मी चीफ की मीटिंग के बारे में माधुरी ने कहा कि हम जनता को आश्वस्त करते हैं कि हम हर संभव मदद करेंगे। हमें काम करने के लिए दिशा-निर्देश आए हैं। जितना संभव होता, उतना कार्य करेंगे।
सेना की तीनों विंग ने मदद में आयी
एकीकृत रक्षा स्टाफ (मेडिकल) की उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल माधुरी कानितकर ने कहा कि सेना ने कोरोना संकट के समय 14 रेलवे कोच प्रदान किए हैं जो आमतौर पर ऑक्सीजन टैंकरों के परिवहन के लिए सैन्य सामान के परिवहन के लिए उपयोग किए जाते हैं।हमने कुछ चीजें की हैं। सबसे पहले लॉजिस्टिक प्वाइंट पर तीन सशस्त्र बल मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ के तहत एक तालमेल बल के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध के मैदान में सेना को सहायता करने के लिए नर्सिंग का प्रशिक्षण दिया जाता है। वे प्रशिक्षित सैनिक हैं, लेकिन अब डॉक्टरों और पैरामेडिक्स की मदद कर रहे हैं। । उन्होंने 200 ट्रक ड्राइवरों को भी सहायता प्रदान किया है, जो ऑक्सीजन टैंकरों को स्थानों पर ले जा रहे हैं। भारतीय वायुसेना ने सिंगापुर, दुबई से ऑक्सीजन टैंकर लाते हुए आंतरिक और बाह्य रूप से कई उड़ानें भरी हैं। उसके बाद पिछले 2 दिनों में उन्होंने खाली टैंकरों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए उड़ानें भरी हैं, फिर उन्हें ऑक्सीजन से भरा गया है। उन्होंने कहा कि संकट के समय सशस्त्र बल एक साथ हैं। हम इसे को जीत (Co-Jeet) कहते हैं। क्योंकि हमें कोविड पर यह युद्ध जीतने की जरूरत है। हमें यह युद्ध हर हाल में जीतना है। सभी सशस्त्र बल इस मौके एक दूसरे का सहयोग कर रहे हैं।