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सपा के सियासी मुद्दे में बदलाव !

By Shakti Prakash Shrivastva on April 16, 2025
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव
वैसे तो सियासत क्षेत्र ही है मुद्दे का। जहां किसी न किसी मुद्दे पर सियासत की तलवार तेज की जाती है। और फिर इसकी तेज धार से फायदे की फसल काटी जाती है। लेकिन इन दिनों देश में ऐसे-ऐसे विषय को सियासी मुद्दा बनाया जा रहा है जिससे देश के सामाजिक समरसता और भाईचारे पर संकट बढ़ रहा है। बीते दिनों जिस तरह इतिहास में दर्ज राणा सांगा जैसे व्यक्तित्व को लेकर विवाद शुरू हुआ और देखते-देखते उस विवाद ने गंभीर रूप अख्तियार कर लिया। यह समूचा प्रकरण शायद ही किसी देशवासी को पसंद आया हो। लेकिन सियासत के लिए यह मुद्दा बेहद मुफीद साबित हुआ। सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक ने इसे खूब हवा दिया। लेकिन इसी बीच सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को एक हिदायत दे यह साबित कर दिया कि वो आज भी औरों से कुछ मायने में अलग हैं। उन्होंने अपने पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं को मौजूदा दौर के सियासी मुद्दों से इतर विकास, किसान, नौजवान, आरक्षण सरीखे मुद्दों पर बात करने की सलाह दी। उन्होंने इतिहास से जुड़े मुद्दों पर बात करने से दूरी बनाने की सलाह दी।
उत्तर प्रदेश की मुख्य विपक्षी और देश की तीसरी सबसे ज्यादा लोकसभा सीट जीतने वाली समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन इन दिनों अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में बने हुए हैं। राणा सांगा को लेकर दिए गए उनके बयान पर करणी सेना सहित क्षत्रिय समाज के कई संगठनों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बीते दिनों करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने सांसद सुमन के घर पर प्रदर्शन के लिए जाते समय जमकर बवाल काटा।
इस वारदात से सपा सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खासे आहत हैं। उन्होंने अपने पार्टी नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि मैं आप सभी से यही कहूंगा कि कोई भी सवाल इतिहास से जुड़ा न किया जाए। क्योंकि इतिहास में हर तरह की बातें होती हैं। उन्होंने कहा कि अभी सुनने में आ रहा है कि लोग इतिहास के पन्ने पलट रहे हैं। जब से रामजी लाल सुमन ने बयान दिया है तब से आप गूगल पर देखिए।
उन्होंने कहा अगर इतिहास की बातें, हमें अच्छा रास्ता न दिखा सकें, हमें कोई सकारात्मक रास्ते पर न ले जा सकें और अगर हमें सकारात्मक दिशा न दे सकें तो इतिहास को इतिहास ही रहने देना चाहिए। इतिहास पर चर्चा नहीं करनी चाहिए।
आजमगढ़ में पिछले दिनों मौजूद अखिलेश यादव ने सांसद रामजी लाल सुमन के बयान पर कहा कि इतिहास को इतिहास रहने दो। जो इतिहास हमारे बीच में खाई पैदा करे, उस इतिहास के बारे में नहीं जानना है। इसके समर्थन में अखिलेश ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि मीरा ने जो भजन गाया उसे नुसरत फतेह अली खां ने गजल में गा दिया है, तो क्या नुसरत फतेह अली खां को पकड़ोगे या मीरा जी को पकड़ोगे, इसलिए इतिहास को इतिहास रहने दो। अखिलेश ने कहा कि मैं यह कहना चाहता हूं कि पार्टी का कोई भी इतिहास की बात न करें।
अलबत्ता उन्होंने इन सबसे इतर समाजवादी सरकारों द्वारा किये गए प्रोग्रेसिव कामों पर चर्चा करने की नसीहत दी। यह भी कहा कि डायल 100, किसान की आय दोगुनी, नौकरी-रोजगार और आरक्षण जैसे तमाम ऐसे मुद्दे हैं। जिन पर बात होनी चाहिए

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