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मैनपुरी उपचुनाव : डिम्पल ने मानी शर्त तो शिवपाल करने लगे प्रचार

By Shakti Prakash Shrivastva on November 28, 2022
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव की आवाज में रिपोर्ट सुनने के लिए आडियो बटन पर क्लिक करें।

शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

चाचा शिवपाल यादव और उनके भतीजे अखिलेश यादव के बीच 2016 में पड़ी रिश्तों की दरार काफी गहरी होने के बावजूद अब लगता है पट चुकी है, यानि सामान्य हो चुकी है। बीते छः सालों में चाचा-भतीजे में कम से कम चार बार असामान्य फिर सामान्य रहे रिश्तों को अखिलेश की पत्नी डिम्पल यादव के एक फोन ने फिर सामान्य कर दिया है। ऐसा सामान्य कर दिया है कि मैनपुरी उपचुनाव में चाचा शिवपाल यादव अपनी बहू डिम्पल यादव के प्रचार में दिन-रात एक किए हुए हैं। अखिलेश यादव और प्रोफेसर रामगोपाल यादव के साथ भी मंच साझा कर रहे हैं। जगह-जगह नुक्कड़ सभाएं कर रहे हैं। लेकिन इसके लिए शिवपाल की एक शर्त डिम्पल को माननी पड़ी है। फोन पर शिवपाल ने डिम्पल से कहा कि बहू मैं तुम्हारे साथ रहूँगा लेकिन अखिलेश यादव ने मेरे साथ फिर कुछ गड़बड़ किया तो तुम्हें गवाह बनना होगा।

समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद रिक्त हुई मैनपुरी लोकसभा सीट पर उपचुनाव की सरगर्मियाँ इन दिनों चरम पर हैं। इस सीट के लिए मतदान 5 दिसंबर को होना है। सपा (समाजवादी पार्टी) ने इस बार यहाँ से पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव की पत्नी डिम्पल यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है। हाल के वर्षों में पहली बार ऐसा देखा जा रहा है कि आपसी मतभेद भुलाकर पूरा यादव कुनबा एकजुट होकर डिम्पल के प्रचार में जुटा हुआ है। पूरे यादव कुनबे में सर्वाधिक आश्चर्य शिवपाल यादव के साथ आने से है। क्योंकि चाचा शिवपाल और भतीजा अखिलेश यादव 2016 से ही आपसी तल्ख हुए रिश्ते को ढ़ो रहे थे। चाचा शिवपाल ने 2018 में अपनी खुद की पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) बनाई और 2019 के लोकसभा चुनाव में फिरोजाबाद से सपा के खिलाफ चुनाव भी लड़ा। इस साल के विधानसभा चुनाव में हालांकि अखिलेश ने शिवपाल के साथ गठबंधन तो किया लेकिन उन्हें केवल एक सीट जसवंतनगर की दी। यहीं से शिवपाल सपा की साइकिल पर सवार होकर विधानसभा पहुंचे। हालांकि कुछ ही दिनों में दोनों के रिश्तों में एक बार फिर खटास आ गई और शिवपाल राष्ट्रपति चुनाव में सत्तारूढ़ बीजेपी के साथ दिखे। शिवपाल ने इसका कारण पार्टी में अपनी हो रही लगातार उपेक्षा बताया था। शिवपाल यादव की मुताबिक इस बार उनके साथ आने का कारण बहू डिम्पल है। जिसने फोन कर कहा चाचा हम लड़ेंगे चुनाव आ जाओ। इस पर शर्त रखते हुए चाचा शिवपाल ने कहा कि तुम गवाह रहना हमारी अगर अखिलेश फिर गड़बड़ करें तो हमारे साथ ही रहना और अब हम साथ ही रहेंगे। शिवपाल जिस जसवंतनगर विधानसभा सीट से छठी बार विधायक हैं वो भी मैनपुरी लोकसभा का हिस्सा है। इसलिए मैनपुरी फतह के लिए जसवंतनगर का समर्थन बहुत जरूरी है। डिम्पल के प्रचार में इन दिनों शिवपाल जगह-जगह नुक्कड़ सभाएं कर रहे हैं। वो सभाओं में इस बात का संकेत भी दे रहे हैं कि अब पार्टी परिवार के युवाओं को आगे बढ़ाएगी। शिवपाल लोगों से नेताजी मुलायम सिंह यादव की विरासत का हवाला देते हुए इस सीट को प्रतिष्ठा की सीट बताते हुए रिकार्ड वोटों से जिताने की अपील करना नही भूलते हैं।

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