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June 20, 2026
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बीजेपी के हुए राजा भैया !

By Shakti Prakash Shrivastva on August 1, 2024
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                                                                                     शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

यूँ तो प्रतापगढ़ जिले के कुंडा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भईया और सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच सियासी बाँडिंग को शुरू से ही बेहतर माना जाता है। लेकिन पिछले दिनों लोकसभा के चुनाव के दौरान कुछ एक मौके ऐसे भी आए जिससे ऐसा लगा कि राजा भैया की नजदीकिया बीजेपी या योगी आदित्यनाथ की तुलना में सपा से अधिक होने लगी है। जबकि समय ने इस संभावना को भी खारिज कर दिया। अब एक बार फिर तस्वीरें गवाह बनी है कि योगी आदित्यनाथ के प्रति राजा भैया की श्रद्धा बरकरार है।

इस बात को पुख्ता मानने के लिए तस्वीरों के कुछ प्रमाणों को आधार बनाना होगा। इन दिनों उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है। 29 जुलाई से शुरू हुए इस सत्र के पहले ही दिन कुछ ऐसा हुआ जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरने लगीं। खासकर उत्तर प्रदेश की सियासी गलियारों में इसकी धूम अधिक दिखी। वायरल तस्वीरों को अलग-अलग लोग अलग-अलग तरीके से व्याख्या कर रहे हैं। जैसा कि अमूमन होता भी है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रतिक्रियाएं देने वाले अधिकांश ने इसको  सियासी अर्थ से जोड़कर देखा है या देख रहे हैं। चूंकि सोशल मीडिया मंच उन्हीं घटनाक्रमों को अधिक तवज्जो देता है जो नामचीन लोगों से जुड़ा हो। यह वायरल तस्वीर भी दो विशिष्ट नेताओं से जुड़ा हुआ है। इनमें एक तो सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ है जबकि दूसरा व्यक्तित्व प्रतापगढ़ जिले के कुंडा विधानसभा से लगातार जीत दर्ज करने वाले विधायक और जनसत्ता दल के संस्थापक अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया है। ये दोनों ही सियासत में किसी परिचय के मोहताज नहीं है। लिहाजा इनसे जुड़ी तस्वीरों को सुर्खियां मिलनी ही है।
दरअसल हुआ ये कि विधानसभा सत्र शुरू होते ही जब सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आगमन हुआ तो वहाँ मौजूद सताधारी विधायक उनके सम्मान में उनके नजदीक जा पहुंचे। विधायकों में उनके पैर छूने की होड़ सी मच गई। सभी का अभिवादन स्वीकारते मुख्यमंत्री आगे बढ़ते रहे। इस दौरान उनके सामने जनसता दल सुप्रीमो और कुंडा के विधायक राजा भैया पड गए। फिर क्या था राजा भैया नेआगे बढ़कर मुख्यमंत्री का झुककर पैर छूते हुए शिष्टाचार व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने भी ससम्मान उन्हेआशीर्वाद दिया। बस यही तस्वीरें किसी की मोबाइल में कैद हो गई और वायरल हो गई।

हालांकि इस मौके पर वहाँ सत्ताधारी विधायकों के अलावा राजा भैया समेत निषाद पार्टी सुप्रीमो डॉ संजय निषाद, अपना दल एस प्रदेश अध्यक्ष आशीष पटेल और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी प्रमुख ओम प्रकाश राजभर जैसे सत्ता में सहयोगी दलों के विधायक भी मौजूद रहे। इन सभी ने मुख्यमंत्री योगी को हाथ जोड़कर अभिवादन किया। लेकिन इनके बीच राजा भैया का पैर छूकर आशीर्वाद लेना सियासी चर्चा को जन्म दे दिया।

वायरल इस तस्वीर को सोशल मीडिया मंचों पर तवज्जो इसलिए मिली क्योंकि बीते लोकसभा चुनाव में ऐसा महसूस किया गया कि इन दोनों के बीच तालमेल पहले जैसा नहीं रह गया है। क्योंकि 2017 में जब उत्तर प्रदेश की सियासत में राजनाथ सिंह के बाद एक बार फिर क्षत्रियों के प्रभाव वाली सियासत की शुरुआत मानी गई थी। तभी से राजा भैया को एक तरह से सत्ताधारी समर्थक ही माना गया। उन्होंने कुछ मौकों पर इस कयास को पुख्ता भी किया। लेकिन उस इमेज को धक्का तब लगा जब लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी को लेकर कुछ तल्ख तेवर राजा भैया ने दिखाए। उसके बाद इस नई तस्वीर ने एक बार उस मायने को बदलने का प्रयास किया है।

लोकसभा चुनाव के दौरान राजा भैया और बीजेपी के साथ तल्ख रिश्ते होने की मुख्य वजह थी उम्मीद। समय-समय पर बीजेपी को समर्थन देने वाले कुंडा से विधायक राजा भैया को इस बात की उम्मीद थी कि कौशाम्बी सीट पर बीजेपी उनकी पार्टी को समर्थन कर सकती है लेकिन ऐसा नहीं हुआ और बीजेपी ने कौशाम्बी से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। इसके बाद राजा भैया की नाराजगी बीजेपी के प्रति दिखी थी। उस तल्खी के बाद इस बात के कयास लगाए जाने लगे थे कि जब विधानसभा सत्र होगा तो राजा भैया बीजेपी सरकार को कटघरे में करने वाले जनहितकारी मुद्दों पर विपक्षी नेताओं के साथ मिलकर सरकार की मुश्किलें बढ़ाएंगे। लेकिन राजा भैया ने उन सभी कयासों पर फिलहाल पानी फेर दिया है। हालांकि ऐसा नहीं है कि राजा भैया ने पहली बार मुख्यमंत्री का पैर छूआ है। बल्कि इसके पहले भी पैर छूकर आशीर्वाद लेते रहे हैं। लेकिन कहते है न कि सियासत है यहाँ कब किस तिल का ताड़ बना दिया जाएगा अनुमान नहीं लगा सकते। तस्वीरों से इतर सच्चाई देर सबेर समय के साथ प्रमाणित हो ही जाएगी।

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