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कोरोना त्रासदी के बीच खुशी: लीची उत्पादन कम लेकिन दाम अधिक मिलने से व्यापारी खुश

By Shakti Prakash Shrivastva on May 26, 2021
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मुजफ्फरपुर,(संवाददाता)। लीची उत्पादन में मुजफ्फरपुर जिले का पूरे देश में अपना अलग स्थान है। यहाँ सहजपुर कोठी सरीखे सैकड़ों एकड़ में होती है लीची की पैदावार। इस बार हालांकि पैदावार कम हुई है लेकिन फल आकार में बड़ा होने के नाते इस बार व्यापारी पहले की तुलना में अच्छा दाम दे रहे है। कोरोना त्रासदी झेल रहे व्यापारी ऐसे में खुश हैं।

सहजपुर कोठी में करीब 120 एकड़ में लीची के बाग हैं। यहाँ के व्यापारी मनोज कुमार की मुताबिक इस बार पेड़ों में फल कम आए हैं, लेकिन फल का आकार बड़ा है। इसकी वजह से व्यापारी बाग में ही किसानों से 45 से 50 रुपए किलो शाही लीची खरीद रहे हैं। पिछले साल बागों में फल अधिक थे, लेकिन आकार बड़े नहीं होने के कारण 30 से 35 रुपये किलो बेचनी पड़ी थी। इस बार लीची का उत्पादन आधा से भी कम है। शहर ने निकल रहे लीची की गाडियाँ रेवा रोड, बड़का गांव रोड, मीनापुर रोड, बोचहां रोड में सड़कों के किनारे खड़ी है। जहां से बाहरी व्यापारी माल खरीद रहे हैं।

जूस निकालने का काम है बंद
जो लीची गुच्छों से टूटकर अलग हो जाती है, उसे जूस फैक्ट्री वाले खरीदते हैं। व्यापारी ऐसी लीची बागों में 20 रुपये किलो खरीद रहे हैं। पिछले साल उत्पादकों का सैकड़ों टन जूस नहीं बिक पाया। इसलिए इस साल कई फैक्ट्री में जूस निकालने का काम बंद रहा।

42 से 45 रुपये किलो मिल रही है लीची
अहियापुर थाना से पूरब दरभंगा रोड एवं चतुरी पुनाव गावं में दर्जनों पिकअप पर लीची लोड की गई। यहाँ बड़ी आकार के कारण 42 ये 45 रुपये किलो लीची बिक रही है।

बाहर के शहरों में भेजने का सिलसिला शुरू
मेथनापुर में लीची जूस का प्लांट लगा चुके सुनील साह ने बताया कि आज गांव से कम से कम 50 पिकअप लीची बाहर जा रही है। सीमावर्ती खेमाईपट्टी, राघोपुर एवं गंज बाजार गांवों में 130 से अधिक पिकअप में लीची लोडिंग हुई है। सुनील साह ने बताया कि गांव में कोलकाता, बिहारशरीफ, सासाराम, औरंगाबाद समेत कई शहरों के व्यापारी पहुंच चुके हैं। व्यापारी पहले एक किसान की लीची खरीदते हैं और उसी किसान को एजेंट बनाकर दूसरे किसानों के बागों का मुआयना करते हुए लीची के बाग खरीद रहे हैं।

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