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मैनपुरी उपचुनाव : पार्टियों के प्रचार में मौजूद है ‘नेताजी’!

By Shakti Prakash Shrivastva on November 29, 2022
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव की आवाज में रिपोर्ट सुनने के लिए आडियो बटन पर क्लिक करें।

शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

मैनपुरी लोकसभा सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में मतदान की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है। पार्टियों के प्रचार की रफ्तार तेज और तेज होती जा रही है। समाजवादी पार्टी के अस्तित्व में आने के बाद से यह पहला लोकसभा चुनाव है जिसमें नेताजी मुलायम सिंह यादव की उपस्थिति नहीं है क्योंकि यह उपचुनाव ही उनके निधन हो जाने की वजह से हो रहा है। लेकिन उनके अनुपस्थिति के बावजूद चुनाव प्रचार के दौरान हरतरफ नेताजी के नाम की ही गूंज है। भारतीय जनता पार्टी हो या समाजवादी पार्टी दोनों का ही चुनाव प्रचार नेताजी का नाम इस्तेमाल किए बगैर पूरा नहीं हो रहा है। सोमवार को बीजेपी प्रत्याशी का प्रचार करने मैनपुरी के करहल पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सम्बोधन से पहले नेताजी मुलायम सिंह यादव को मंच से श्रद्धांजलि दी। नेताजी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि नेताजी ने ही संसद में बीजेपी के जीतने की बात कही थी। आज उनकी बात सच हो रही है।  दूसरी तरफ मैनपुरी के कुरावली क्षेत्र में सभा को संबोधित करते हुए सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी को समझना चाहिए कि ये नेताजी से जुड़े लोग हैं जो उनके सम्मान में वोट डालना चाहते हैं। वो बीजेपी के बहकावे में फँसने वाले लोग नहीं है। इनके अलावा भी दोनों पार्टियों की तरफ से आने वाले स्टार प्रचारकों के सम्बोधन के मूल में भी नेताजी का नाम ही रह रहा हैं। उसकी वजह भी है। क्योंकि 1992 में जब समाजवादी पार्टी की नींव रखी गयी तबसे लेकर आज तक हुए मैनपुरी के सभी लोकसभा चुनावों में बलराम यादव, धर्मेंद्र यादव और तेज प्रताप यादव को छोड़कर पाँच बार तो नेताजी मुलायम सिंह यादव ने ही यहाँ से प्रतिनिधित्व किया है। इस वजह से इस इलाके को नेताजी का गढ़ माना जाता रहा है। यहाँ तक कि जब देश में प्रचंड मोदी लहर थी तब भी यहाँ से सपा का झण्डा बुलंद रहा। वो भी नेताजी की ही वजह से। अब जबकि पिछले दस अक्टूबर को नेताजी का दिल्ली के मेदान्ता अस्पताल में निधन हो गया था। पूरा इलाका उनके निधन से जिस तरह मर्माहत दिखा वो सामान्य से परे था। विरले ही कोई ऐसे राजनेता होंगे जिनके निधन पर रिकार्ड तोड़ जनसैलाब देखने को मिला था। यह मुलायम सिंह यादव की उस लोकप्रियता पर मुहर लगाता दिखा जिसकी वजह से उन्हे सत्ता हो या विपक्ष सभी नेताजी के रूप में सम्मान देते थे। आजाद हिंदुस्तान के पहले के स्वतन्त्रता सेनानियों में नेताजी सुभाष चंद्रबोस के बाद आजाद भारत में मुलायम सिंह यादव को ही नेताजी के नाम से लोकप्रियता मिली। नेताजी के नाम का ही प्रभाव है कि मैनपुरी लोकसभा की सभी पाँच सीटों में से तीन पर सपा का कब्जा है। अब इस चुनाव के परिणाम से यह बात स्पष्ट हो जाएगी कि नेताजी के निधन के बाद मैनपुरी की जनता नेताजी को अपनी श्रद्धांजलि किस रूप में दे रही है।

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