Responsive Menu
Add more content here...
August 9, 2026
ब्रेकिंग न्यूज

Sign in

Sign up

बगावत पर उतरे मंत्री अनुप्रिया-आशीष ?

By Shakti Prakash Shrivastva on January 4, 2025
0 473 Views

                                                                                शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

केंद्र सरकार के गठबंधन सहयोगी अपना दल एस सुप्रीमो और केंद्र सरकार में मंत्री अनुप्रिया पटेल और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल इन दिनों मीडिया की सुर्खियों में हैं। अफसोसनाक बात ये है कि इनके सुर्खियों में होने की वजह अपनी ही सरकार पर हमलावर होना है। सरकार में शामिल मंत्री द्वारा अपनी ही सरकार पर हमलावर होना एकबारगी अटपटा लगता है। लेकिन इस अचंभित करने वाली सियासी घटनाक्रम को समझने के लिए चंद रोज पहले के कालखंड में जाना होगा।

पिछले दिनों जब उत्तर प्रदेश विधान सभा का शीतकालीन सत्र शुरू हुआ तो कौशांबी के सिराथु विधानसभा से सपा विधायक और अपना दल कमेरावादी नेता पल्लवी पटेल ने प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और अपना दल एस नेता आशीष पटेल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए विधानसभाध्यक्ष सतीश महाना से इस विषय पर सदन में बोलने के लिए समय मांगा। समय न मिलने पर विरोध स्वरूप विधान परिसर स्थित चौधरी चरण सिंह प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गई। हालांकि देर शाम सरकार के वित्तमंत्री सुरेश खन्ना के प्रयास से मामला शांत हुआ। लेकिन मंत्री के अधीनस्थ प्राविधिक शिक्षा विभाग में विभागाध्यक्षों के पदोन्नति में हुए भ्रष्टाचार के इस मामले पर जब कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो पल्लवी पटेल प्रदेश की महामहिम राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की दरबार में जा पहुंची। उनसे मिल पल्लवी ने SIT जांच कराने की मांग कर दी है। इस पर तिलमिलाए प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने सूचना विभाग और एसटीएफ पर हमला बोलते हुए योगी सरकार को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि एसटीएफ मेरे सीने पर गोली मारे। साजिश और षडयंत्र करना बंद करे। आशीष पटेल के बाद भला उनकी पत्नी और केंद्र सरकार में मंत्री अनुप्रिया पटेल भला क्यों शांत रहतीं। सो अनुप्रिया पटेल भी मैदान में उतर आईं और पति का बचाव करते हुए विरोधियों के साथ अपनी सहयोगी सरकार को भी जमकर ललकारा।

ललकार भरे शब्दों में उन्होंने कहा कि पार्टी अपने कार्यकर्ता और नेताओं की प्रतिष्ठा के मुड़े पर किसी से कोई समझौता नहीं करेगी। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि पिछले दिनों जो भी बातें मीडिया में आई हैं, वो किसके इशारे पर किया जा रहा है ये अपना दल का एक-एक कार्यकर्ता और समर्थक जानता है।
दरअसल आशीष पटेल को कटघरे में खड़ा करने वाली पल्लवी कोई और नहीं बल्कि उनकी सगी साली है। यह अलग बात है कि पिता स्वर्गीय सोनेलाल पटेल की बनाई पार्टी अपना दल पर कब्जे को लेकर दोनों बहनों के आपसी रिश्ते ठीक नहीं है। पल्लवी पटेल और माँ कृष्णा पटेल मिलकर अपना दल कमेराबादी और अनुप्रिया पटेल अपना दल सोनेलाल का संचालन करती है। सियासी गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि मामले के मूल में आपसी विरोध भी हो सकता है। बहरहाल पल्लवी का आरोप था कि आशीष पटेल की सरपरस्ती वाले प्राविधिक शिक्षा विभाग में विभागाध्यक्ष का पद पैसे लेकर प्रोन्नति से भरे गए जबकि नियमतः उसे उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा सीधी भर्ती से भरा जाना चाहिए। पल्लवी का आरोप यह भी है कि इसमे अभ्यर्थियों से 25-25 लाख रिश्वत भी ली गई। जबकि जवाब में मंत्री पटेल ने कहा कि मेरी राजनीतिक हत्या की साजिश के तहत यह मनगढ़ंत तथ्यहीन आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने सूचना विभाग और एसटीएफ को भी निशाने पर रखा, कहा कि अगर पदोन्नति गलत हुआ है तो सूचना विभाग को इस पर स्पष्टीकरण जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर मेरे साथ किसी भी तरह का षणयंत्र या दुर्घटना हुई तो इसकी जिम्मेदारी यूपी एसटीएफ की होगी। इस तरह पूरे मामले में क्या अनुप्रिया पटेल और क्या आशीष पटेल दोनों ने ही अपनी बयानबाजी से अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करने का काम किया है। अब देखना है इसका विपक्ष कितना इस्तेमाल कर पाता है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *