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सरगना मारा गया फिर भी बढ़ रहा गैंग !

By Shakti Prakash Shrivastva on October 16, 2023
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

                 प्रयागराज और उसके आस-पास के जिलों में तीन दशकों से भी अधिक समय तक माफियाई खौफ का प्रतीक बने रहे माफिया डान अतीक अहमद और उसका भाई अशरफ अहमद हालांकि अब इस दुनिया में नहीं है लेकिन उनका प्रभाव अभी भी इलाकाइयों में बरकरार है। बाकायदा इसके स्पष्ट प्रमाण है। प्रमाण ये हैं कि अतीक और अशरफ का जो माफिया गैंग पुलिस रिकार्ड में सूचीबद्ध है उसका विस्तार हो रहा है। जबकि सरगना के न रहने पर तो उसे समाप्त हो जाना चाहिए।

पुलिस रिकार्ड में माफिया अतीक अहमद गैंग को आईएस-227 के नाम से जाना जाता है। अतीक अहमद के इस गैंग में कुल 137 सदस्य थे। समय के साथ इन सदस्यों में लगभग दो दर्जन से अधिक की मौत हो गई। मौत हुए सदस्यों में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद का भी नाम शामिल है। प्रयागराज शूट आउट और उसके बाद हुए माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ की पुलिस कस्टडी में हत्या किए जाने के बाद हो रही पुलिसिया पड़ताल में इस गैंग की सूची में भी फेरबदल हो रहा है। पुलिस सूची में शामिल सदस्यों में से मृत हो चुके सदस्यों के नाम हटा रही है जबकि अभी तक बचे रहे कुछ कुख्यात माफियाओं को नए सिरे से इसमें शामिल भी कर रही है। प्रयागराज शूट आउट में मारे गए पूर्व विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और उसके दो सरकारी सुरक्षा कर्मियों की मौत के बाद पुलिस सहित जांच एजेंसियां सक्रिय हुईं तो उनकी जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। बहुत सारे ऐसे सफेदपोश व्यवसायियों के बारे में पता चला है जो सीधे तौर पर अतीक के आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने के बावजूद पुलिसिया रिकार्ड में दर्ज नहीं है। ऐसे लोगों को नए सिरे से गैंग में सूचीबद्ध किया जा रहा है।

लगभग छः महीने पहले हुए प्रयागराज शूट आउट के बाद से लगातार तफतीश में लगी एजेंसियों को अतीक-अशरफ के प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष मददगारों के बारे में पता चल रहा है। मददगारों में ऐसे-ऐसे है जिनमे कुछ ने इनको हथियार मुहैया कराया तो कुछ ने इनके अपराधियों को वारदात के बाद छिपाने में मदद की। अभी भी ऐसे ही कुछ अंजान बने सदस्यों की मदद से ही शूट आउट के पाँच लाख के इनामिया आरोपी गुड्डू मुस्लिम सहित अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन, अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा और अन्य आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। लेकिन जिस तरह से पुलिस सूत्रों से जानकारी मिल रही है ऐसा लगता है कि जल्द ही इनकी गिरफ्तारी भी हो सकेगी। पुलिस ऐसे नामों पर गंभीरता से पड़ताल कर रही है कि आखिर क्यों इनके नाम पुलिसिया रिकार्ड में दर्ज नहीं हुए जबकि इनके साक्षी मौजूद है। अतीक अहमद के आईएस-227 गैंग में 58 नए नामों की नयी इंट्री हुई है। नयी सूची बहुत एहतियात के साथ बनाई जा रही है। पहले अतीक के इस आईएस-227 गिरोह में कुल 137 सदस्य थे। बाद में इनमें से दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई। मरने वालों की सूची में अतीक और अशरफ भी शामिल हैं। पुलिस से जुड़े सूत्रों की माने तो जल्द ही गैंग की फाइनल सूची बन जाएगी जिसे जारी भी कर दिया जाएगा।

 

 

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