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October 8, 2026
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अमेरिका के कब्जे में खामेनेई !

By Shakti Prakash Shrivastva on June 28, 2025
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                                                                              शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

लगभग दसियों दिन तक चलने वाला ईरान और इजराइल का युद्ध समाप्त हो गया है। समाप्त हुए भी दो दिन से अधिक हो रहे है लेकिन अभी तक ईरान सुप्रीमो अयातुल्ला खामेनेई कहीं सामने नहीं आ रहे है। न ही उनकी कोई वीडियो अभी तक किसी सोशल मीडिया मंच पर आई है और न ही कोई संदेश। न ही उनके बारे में कोई उनका नुमाइंदा ही बोल रहा है। मीडिया को भी उनके बारे में जानकारी शून्य है। ऐसे में कयासबाजियों का दौर चालू है। अलग-अलग मुंह अलग-अलग बातें हो रही है। इस बात की भी चर्चा हो रही है कि युद्ध के दौरान जिस तरह खामेनेई को लेकर अमेरिका धमकियाँ दे रहा था कही उसने अपने कब्जे में तो नहीं कर रखा है। यहाँ तक कि अब लोग उनकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे है।

सच्चाई ये है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई पिछले एक हफ्ते से भी अधिक समय से सार्वजनिक तौर पर न कहीं दिखे है और न ही उनके बारे में कोई चर्चा ही हो रही है। ऐसे में ईरान ही नहीं दुनिया के अन्य देशों में भी अयातुल्ला खामेनेई को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि इजराइल के मामले में अमेरिका जैसी महाशक्ति से सीधी टक्कर लेने वाले अयातुल्ला खामेनेई युद्ध विराम जिसे सही मायने में उन्ही की जीत मानी जा रही है। होने के बाद भी सामने क्यों नहीं आए। यह स्थिति निःसंदेह गंभीरता का विषय है। समूची दुनिया उनके प्रतिक्रिया जानने के लिए उत्सुक है। न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान सुप्रीमो की सुरक्षा को लेकर एक सवाल ईरान के सरकारी टीवी चैनल पर अयातुल्ला खामेनेई के अभिलेखागार कार्यालय के प्रमुख से पूछा गया। प्रश्न पूछा गया कि लोग सर्वोच्च नेता के बारे में चिंतित है। क्या आप बता सकते है कि वो कैसे हैं? लेकिन कार्यालय प्रमुख मेहदी फजाएली ने इसका कोई सीधा जवाब नहीं दिया। इसके बजाय उन्होंने कहा कि ‘हम सभी को प्रार्थना करनी चाहिए सर्वोच्च नेता की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार लोग अपना काम अच्छी तरह से कर रहे हैं।’ लेकिन अधिकारी का यह जवाब लोगों की बेचैनी और बढ़ा रहा है। हालांकि ईरान के लोगों में यह भी चर्चा है कि उन्हे सुरक्षा कारणों से बंकर में छुपा कर रखा गया है। वो कोई इलेक्ट्रानिक उपकरण का इस्तेमाल नहीं कर रहे है इसीलिए उनका कोई रिकार्डेड वीडियो या आडियो संदेश भी नहीं आ पा रहा है।

ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि बीते रविवार को जब अमेरिका ने ईरान की तीन परमाणु केंद्रों पर बमबारी की थी।  और उसके जवाब में ईरान की तरफ से कतर स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर मिसाइलें दागीं गई थी। फिर दबाव बना और ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष विराम पर सहमति बनी। यह सीजफायर सहमति बीते मंगलवार से प्रभावी भी हो गया। ऐसी स्थिति में ईरान के सुप्रीम लीडर की गैरमौजूदगी इरानियों को परेशान और चितित कर रही है तो वो जायज है। इसके अलावा ईरान सरकार के अधिकारियों की चुप्पी उनकी परेशानियों को और बढा रहा है। उन्हे यह डर भी सता रहा है कि क्या वो जिंदा भी है या नहीं।

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