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PM के एक प्रोजेक्ट से लाखों को मिला रोजगार और करोड़ों की हुई आय

By Shakti Prakash Shrivastva on December 14, 2022
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

एक कहावत है कि इंसान का एक सही निर्णय उसे फर्श से अर्श तक पहुंचा देता है। इसे सौ फीसदी सही साबित कर दिखाया है देश के प्रधानमंत्री और वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी ने। आज यानि 13 दिसंबर से ठीक एक साल पहले जब प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी में अपने ड्रीम प्रोजेक्ट काशी-विश्वनाथ कारीडोर या श्री विश्वनाथ धाम का लोकार्पण कर रहे थे तो विपक्ष सहित पार्टी कार्यकर्ताओं तक को इस बात का अहसास नही था कि यह धाम न केवल सांस्कृतिक-आध्यात्मिक संदेश का एक विशिष्ट केंद्र बनेगा बल्कि रोजगार, व्यापार और आय का एक बहुत बड़ा स्रोत भी साबित होगा। महज एक साल अभी बीते हैं और आंकड़े बताते हैं कि यहाँ इस दौरान साढ़े सात करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन हुआ है। इतनी बड़ी संख्या में आए श्रद्धालु पर्यटकों ने यहाँ की आर्थिक तस्वीर भी बदल दी है। इस केंद्र के बनने पर एक निजी शिक्षण संस्थान द्वारा कराये गए एक शोध व सर्वेक्षण में इस बात का खुलासा हुआ है। सर्वे में साबित हुआ है कि यहाँ व्यापारिक वातावरण के सृजन के साथ-साथ ढांचागत सुविधाओं में भी बड़े पैमाने पर सुधार हुआ है।

काशी विश्वनाथ धाम के जीर्णोद्धार के आर्थिक प्रभाव का विश्लेषण विषय पर हुए शोध के मुख्य शोधकर्ता  डॉ. सत्यदेव सिंह ने जो रिपोर्ट जारी की है उसके मुताबिक 98.48 फीसदी इलाकाई लोगों का मानना है कि इससे रोजगार का सृजन हुआ है। पर्यटन के क्षेत्र में सर्वाधिक 34.18 प्रतिशत और घाटों के प्रबंधन कार्य में रोजगार का सृजन हुआ है। 99.53 प्रतिशत लोगों ने माना है कि इसके निर्माण के बाद शहर के ढांचागत सुविधाओं में सुधार हुआ है जबकि 85.90 प्रतिशत लोग सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार मानते हैं। सर्वे की माने तो होटल मालिकों की आय में 65 फीसदी, दुकानदारों की आय में 47 फीसदी, ई-रिक्शा चालकों की आय में 30 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। धाम में आए साढ़े सात सौ करोड़ श्रद्धालुओं ने श्री विश्वनाथ धाम में सौ करोड़ का चढ़ावा भी चढ़ाया है। इसमें लगभग पचास करोड़ नगद और लगभग पचास करोड़ के सोने-चांदी जेवरात आदि हैं। यह भी एक रिकार्ड है। इसके अलावा श्रद्धालुओ की वजह से होटल, टैक्सी, अलग-अलग जरूरत के सामानो के विक्रेताओं आदि के कारोबार में भी हर साल की अपेक्षा इस बार ख़ासी बढ़ोत्तरी हुई है। मंदिर पहले भी था और श्रद्धालु पहले भी आते थे लेकिन सिर्फ उसका स्वरूप नया कर देने से रोजगार से लगायत व्यापार तक में इतना अभूतपूर्व उछाल आ गया। यह आय कहीं न कही राज्य को एक ट्रिलियन की इकनोमी वाला प्रदेश बनाने में भी सहायक सिद्ध होगा।

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