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August 10, 2026
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शाइस्ता पर टिप्पणी न करता तो आज जिंदा रहता उमेशपाल !

By Shakti Prakash Shrivastva on May 10, 2023
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

                  उमेशपाल हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है उसमें रोज कुछ न कुछ नए खुलासे हो रहे है। अब नया खुलासा इस बात का हुआ है कि अतीक अहमद और उमेश पाल के बीच लगभग दो दशक पुरानी दुश्मनी अचानक हत्या की दहलीज तक कैसे जा पहुंची। खुलासे की मुताबिक अगर फोन पर हुई बातचीत के दौरान उमेशपाल अतीक से जवाब-सवाल करते-करते शाइस्ता पर अभद्र टिप्पणी नही करता तो आज वो जिंदा रहता।  मिली जानकारी की मुताबिक उमेश हत्याकांड से कुछ दिन पहले बमबाज गुड्डू मुस्लिम ने अपने मोबाइल से उमेश और अतीक की बात कराई थी। बातचीत के दौरान दोनों के बीच तल्ख बहस होने लगी। अतीक ने गालियां दीं तो उमेश ने भी पलटकर खूब खरी-खोटी सुनाई। इसी बीच उमेश ने शाइस्ता को लेकर भी कुछ टिप्पणी कर दी। इसके बाद ही अतीक नाराज हो गया। वही नहीं उसका पूरा कुनबा भड़क गया और उमेशपाल को रास्ते से हटाने जैसा दुस्साहसी निर्णय ले लिया।

मां-बाप को अपशब्द कहे जाने से अतीक का बेटा असद तो इतना नाराज हुआ था कि जब हत्याकांड की योजना बनाने के लिए हत्या से पहले 11 फरवरी को गुलाम, गुड्डू मुस्लिम, विजय चौधरी उर्फ उस्मान और अन्य बदमाशों के साथ वह बरेली जेल गया था। वहाँ चाचा अशरफ की मौजूदगी में उसने कहा था कि वह उमेश के सीने में गोली मारेगा। हालांकि अशरफ ने उसे शांत कराते हुए कहा था कि वह कार से हरगिज नहीं उतरेगा। लेकिन जब उमेश पर हमला किया गया तो असद न सिर्फ कार से उतरा बल्कि उसने उमेश को कई गोलियां भी मारीं। यह सब खुलासा असद के दोस्त आतिन जफर ने पुलिस की पूछताछ में किया है।  जब अशरफ द्वारा योजना की मुताबिक असद को कार से नीचे नहीं उतारने की हिदायत दी जा रही थी उस समय असद ने चाचा की बात पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। लेकिन उसने मन ही मन में यह तय कर लिया था कि उमेश को गोली वह खुद ही मारेगा। हुआ वही 24 फरवरी की शाम जब उमेश के घर पर हमला किया गया तो कार में बैठा असद बाहर निकल आया। उमेश को उसने कई गोलियां मारीं। उमेश को दौड़ाते हुए गली अंदर तक गया। अंत में उसने उमेश के सीने पर गोली मार दी थी। यही सच्चाई भी है। वरना जो उमेश पाल पूर्व विधायक राजूपाल की हत्या के बाद 2005 से लगभग दो दशक तक मुकदमें की बेखौफ हो पैरवी करता रहा वो न कर पाता।

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