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योगी से कड़वाहट खत्म.. 

By Shakti Prakash Shrivastva on June 21, 2025
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                                                                                          शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

जबसे उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने है। लगातार मीडिया की सुर्खियां इस बात को लेकर बनती रही कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गृहमंत्री अमित शाह में बन नहीं रही है। किसी कार्यक्रम में दोनों के साथ होने पर आपस की दिखने वाली ट्यूनिग और कुछ घटनाएं मीडिया की कयास वाली इन खबरों पर मुहर भी लगाती रही। दर्जनों अवसरों पर हुई मुलाकात के बावजूद अमित शाह ने कभी ऐसा सम्बोधन या व्यवहार नहीं किया जिसकी बिनह पर मीडिया की खबरों को सिरे से झुठलाया जा सके। देखते-देखते प्रदेश सरकार के सात साल से अधिक का वक्त बीत गया लेकिन इन दोनों नेताओं के बीच रिश्तों की खबरिया परिभाषा यूँ ही बनी रही। लेकिन 15 जून को एक कार्यक्रम में शिरकत करने लखनऊ आए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने जिस तरह का व्यवहार व सम्बोधन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए किए उससे एक बारगी यह माना जा सकता है कि पुराने वाले शाह अब नहीं रहे और इस बदले शाह का नजरिया भी योगी के लिए बदला हुआ लगा। मतलब योगी से शाह की कड़वाहट अब खत्म हो गई।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही योगी आदित्यनाथ को लेकर साफ्ट दिखते हों लेकिन सरकार में नंबर दो की महत्वपूर्ण कुर्सी पर बैठने वाले गृहमंत्री अमित शाह ने कभी भी सार्वजनिक मंचों या कार्यक्रमों में योगी आदित्यनाथ के प्रति बहुत सकारात्मक रुख नहीं रखा। यही वजह है कि इसे देश की मीडिया खासकर सोशल मीडिया ने खूब लोकप्रियता दिलाई। मीडिया ने शाह के व्यवहार से लेकर कुछ कारनामों को आधार बनाकर खबरों की प्रासंगिकता बनाए रखने की भरपूर कोशिश की। खबरों को नकारात्मकता की चाशनी में डुबोकर परोसने का काम जारी रहा। लेकिन शाह या योगी की तरफ से भी इन खबरों को लेकर बहुत कुछ सीधा बयान नहीं आया जिसके आधार पर खबरों को पढ़ने और देखने वालों को भी दोनों शीर्ष नेताओं के बीच रिश्ते मधुर नहीं लगे। लेकिन उत्तर पदेश में नवचयनित 60,244 सिपाहियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में15 जून को जब शाह लखनऊ पहुंचे तो कार्यक्रमों के संबोधनों के अलावा व्यवहार में भी अपेक्षाकृत अधिक विरोधी तेवर नहीं दिखा। शाह ने नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले भी पुलिस में भर्तियां होती थी, लेकिन इस बार इसकी संख्या से ज्यादा महत्वपूर्ण है कि किसी को नौकरी पाने के लिए एक पाई की रिश्वत नहीं देनी पड़ी। बिना खर्ची, पर्ची, सिफारिश और भ्रष्टाचार के योग्यता के आधार पर नौकरी दी गई है। किसी भी सरकार के लिए इससे बड़ी उपलब्धि नहीं हो सकती है।

वर्ष 2017 में बीजेपी की सरकार बनने के बाद योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश पुलिस नई बुलंदियों की ओर बढ़ रही है। गृह मंत्री ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सबसे सफल और लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में योगी केंद्र की सामाजिक सुरक्षा की तमाम योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम कर रहे हैं। अब यूपी नवनिर्माण की राह पर आगे बढ़ रहा है। यूपी को विकसित के साथ सुरक्षित बनाने का जिम्मा आप सभी का है। दंगे का गढ़ माना जाने वाला प्रदेश अब दंगामुक्त हो चुका है। यहां न्याय का शासन है। गुंडों का फरमान नहीं चलता है। अपराधियों को वीवीआईपी कल्चर नहीं मिलता है। मोदी राज में देश सुरक्षित हुआ है। देश के 11 राज्यों में कांग्रेस सरकार के दौरान नक्सलवाद हावी था, जो अब सिमटकर तीन जिलों में रह गया है। मेरा वादा है कि मार्च, 2026 में वो भी नक्सलमुक्त हो जाएंगे।

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