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वाह रे अपने : दुधमुंहे बच्चे को पानी में फेंका, रोने की आवाज से बची बच्ची की जान

By Shakti Prakash Shrivastva on August 9, 2021
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समस्तीपुर, (संवाददाता)। बिहार के समस्तीपुर जिले में सरकार की बेटी बचाओ और नारी सशक्तिकरण जैसी योजनाओं की भ्रूण हत्या साबित करने वाला एक मामला सामने आया है। रिश्तों और मानवीय समवेदनाओं को तार-तार करने वाली इस घटना में एक दिन की नवजात बच्ची के मुंह पर टेप लगा पानी भरे गड्ढे में फेंका गया था। लेकिन कहते है कि जाके राखो साईया मार सके न कोय, सो वही हुआ पानी में भीगने से बच्ची के मुंह का टेप निकल गया और बच्ची रोने लगी। पास से गुजर रही महिला ने रोने की आवाज सुन पानी में पड़े बोरी को देखा और बच्ची को उठाया। इस तरह बच्ची की जान बच गयी। बच्ची का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

पूरा मामला समस्तीपुर जिले के गोपालपुर पंचायत के वार्ड-12 के झउड़ी गांव का है। बच्ची रविवार सुबह बूढ़ी गंडक वाटरवेज के पानी भरे गड्ढे में मिली। सुबह गांव की रहने वाली आशा देवी उधर से गुजर रही थीं। तभी बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। रोने की दिशा में जाकर देखा तो गड्‌ढे के अंदर तैर रही प्लास्टिक की बोरी से आवाज सुनाई दी। आशा देवी ने उस बोरी को पानी से निकाला। खोला तो उसमें बच्ची थी। आशा देवी कहती हैं कि अगर थोड़ी देर हो जाती तो शायद बच्ची की जान जा सकती थी। पानी भरे गड्ढे में नवजात बच्ची मिलने की खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जुट गए। तुरंत पीएचसी प्रभारी को सूचना दी गई। फिर एम्बुलेंस मंगाकर बच्ची को कल्याणपुर पीएचसी में एडमिट कराया गया। वहां बच्ची का चेकअप करते हुए टीकाकरण किया। वहीं बच्ची को कपड़े भी पहनाए गए। डॉक्टरों का अनुमान है कि जिस वक्त आशा देवी को बच्ची मिली उसके थोड़ी देर पहले ही बच्ची को फेंका गया होगा। वरना, पानी भरने से बच्ची की जान जा सकती थी। पुलिस भी इस मामले में आसपास के गांव की आशा बहुओं व नर्सिंग होम में जांच पड़ताल कर रही है। ताकि बच्ची को फेंकने वालों का पता लग सके।

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