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अखिलेश के हुए मिर्ची बाबा !

By Shakti Prakash Shrivastva on October 26, 2023
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

                 उत्तर प्रदेश की सियासत में मोहम्मद आजम खान निःसंदेह एक बड़े खिलाड़ी हैं। लेकिन इतने भी बड़े खिलाड़ी नही हैं कि उनसे मुलाक़ात को लेकर भी सियासत की जाए। लेकिन कहते हैं न कि सियासत समय और संभावनाओं का खेल है। तो शायद समय का तकाजा हो जिससे कुछ सियासी संभावनाएं ऐसी बन गयी हैं जिससे आज उनसे मुलाक़ात भी एक सियासी मुद्दा बन गया है। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व काबीना मंत्री मोहम्मद आजम खान के सलाखों के पीछे होने की वजह से कहा जा सकता है कि उनके सितारे गर्दिश में है लेकिन उनको लेकर होने वाले सियासत के सितारे निःसन्देह बहुत उज्ज्वल है। क्योंकि आज उनसे मिलने जेल में कौन जाएगा कौन नहीं यह सूबे की सियासत का अहम हिस्सा हो गया है। पिछले दिनों एक अदालत के फैसले के तहत 18 अक्टूबर 2023 को आजम खान उनकी पत्नी पूर्व सांसद डॉ. तंजीन फातिमा और छोटे बेटे अब्दुल आजम खान को सात-सात वर्ष कारावास की सज़ा सुनाई थी एवं 50-50 हजार का जुर्माना लगाया था। इसके तहत सभी को रामपुर जिला कारागार भेज दिया गया था। बाद में आजम खान को सीतापुर और उनके बेटे अब्दुल्ला को हरदोई जेल भेज दिया गया जबकि उनकी पत्नी तंजीन फातिमा को रामपुर जेल में ही यथावत रखा गया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को लगा कि आजम खान और उनके परिवार के साथ ज्यादती हो रही है। लिहाजा उन्होने उनसे मिलने सीतापुर जेल जाने का निर्णय लिया। गुरुवार को सीतापुर पहुँच भी गए लेकिन जेल प्रशासन से उन्हे आजम से मिलने की इजाजत नहीं दी। जेल प्रशासन का कहना है कि आजम खान ने मिलने से इंकार किया है जबकि अजय राय का कहना है कि प्रशासन ने शासन के दबाव में मुलाक़ात नहीं करवाई।

अब ऐसे में ये प्रश्न उठाना लाजिमी है कि आखिर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता से मिलने के लिए कांग्रेस नेता की इतनी तड़प क्यों है। समाजवादी पार्टी के किसी बड़े नेता ने आजम से मुलाक़ात की अभी तक पेशकश नहीं कि जबकि कांग्रेस के प्रदेश प्रमुख अजय राय ने न केवल जेल में मिलने की सभी आवश्यक औपचारिकतायेँ पूरी कीं। जेल मैनुअल की मुताबिक बाकायदा आवेदन किया। कांग्रेस दफ्तर से ईमेल भी कराया। और मिलने भी पहुँच गए। वहाँ पहुँचने पर जेल प्रशासन ने कहा कि आपकी मुलाकात नहीं हो सकती है। जेल अधीक्षक सुरेश सिंह की मुताबिक आजम खान किसी भी पॉलिटिशियन से नहीं मिलना चाहते हैं। उन्होने कहा कि जेल नियम के अनुसार 15 दिन में दो बार ही मुलाकात का मौका मिलता है।  इसमें आजम परिवार के सदस्य ही मिल रहे हैं इसलिए वो किसी और से नहीं मिलना चाहते हैं। अजय राय ने कहा कि प्रदेश सरकार के दबाव में जेल प्रशासन उन्हें आजम खान से मिलने नहीं दे रहा है। उन पर प्रताड़ना की कार्रवाई कर रहे हैं, उनको प्रताड़ित किया जा रहा है। अजय की मुताबिक हम आजम खान के लिए फल की टोकरी लेकर आए थे। वो टोकरी प्रशासन ने ले ली है, पता नहीं हमारे प्यार के फल प्रशासन आजम खान तक जाएगा भी कि नहीं।

अजय राय ने इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार को जिम्मेदार मानते हुए कहा कि सरकार के इशारे पर जेल प्रशासन ने मुलाक़ात नहीं होने दी। क्योंकि जेल प्रशासन ने न ही फोन पर बात कराई और न ही ऐसी कोई प्रमाणित चीज दी, जिससे लगे कि आजम खान ने मुलाकात करने से मना किया है। इसका मतलब सरकार के दबाव में जेल प्रशासन झूठ बोल रहा है। आजम के परिवार को जेल में बंद करने के मामले पर अजय राय ने कहा कि पूरी तरह से उनकी पत्नी और बच्चों को परेशान किया जा रहा है। इस प्रताड़ना के समय कांग्रेस पार्टी पूरी ताकत के साथ आजम खान के साथ खड़े हैं। सियासत के जानकार अजय राय के इस मुलाकाती मुहिम को सियासी नजरिए से देख रहे है। उनका मानना है कि दूसरे दल यानि कांग्रेस का नेता होने के बावजूद इतनी दरियादिली यूं ही नहीं है बल्कि इसके पीछे कहीं न कहीं चुनावी समय में अल्पसंख्यको की सहानुभूति लेने की एक सोची समझी रणनीति है।

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