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April 18, 2026
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मोदी की राह चलीं ममता!

By Shakti Prakash Shrivastva on April 12, 2025
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                                                                                    शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

2026 में होने वाला पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव ऐसा चुनाव होगा जिसमें तृणमूल कांग्रेस अपनी चौथी सरकार बनाने के लिए चुनाव मैदान में उतरेगी। अन्य चुनावों की तरह इस बार भी उसका मुख्य मुक़ाबला भारतीय जनता पार्टी से ही होगा। प्रदेश की मुख्यमंत्री और तृणमूल काँग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी इस बार सरकार बनाने में कोई कोर कसर छोड़ना नहीं चाहती है। यही वजह है कि अपने कट्टर स्वभाव के लिए मशहूर ममता ने अपने स्वभाव में भी बदलाव करना शुरू कर दिया है। हालांकि चुनाव में अभी लगभग साल भर का समय है लेकिन ममता ने अपनी सियासी बिसात अभी से बिछाना शुरू कर सिया है। इस क्रम मे वो अपने धुर विरोधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नक्शेकदम पर भी चलने को तैयार है। मुस्लिमपरस्ती के लिए मशहूर ममता इस बार बीजेपी को शिकस्त देने के लिए हिंदू वोटों की नाराजगी का भी कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं दिख रही है। इसके लिए वो मोदी के सबका साथ, सबका विश्वास वाले सियासी मंत्र के बलबूते चौथी बार चुनाव जीतने का तानाबाना बुन रही हैं। उनको यकीन है कि मुस्लिमों के साथ हिंदू वोटों का यह सियासी बैलेंस उनकी 2026 की चुनावी वैतरणी पार करा देगा।

हालांकि पिछले दिनों अस्तित्व में आए वक्फ कानून के विरोध में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुलकर मुसलमानों के साथ खड़ी हैं और फ्रंटफुट पर खेल रही है। मुस्लिमों को अपने पक्ष में बनाए रखने के लिए उन्होंने मुसलमानों को यकीन दिलाते हुए यहाँ तक कह दिया है कि वक्फ कानून को पश्चिम बंगाल में लागू नहीं होने देंगी। ममता अपनी सरकार को लेकर इतना चिंतित है कि एक तरफ वक्फ के मुद्दे पर वो मुसलमानों के साथ खड़ी हैं वहीं दूसरी तरफ वो हिंदू समुदाय का भी समर्थन पाने के लिए हर संभव मशक्कत करती हुई नजर आ रही हैं। इस क्रम में वो नए तरीके से काली मंदिर का निर्माण भी करा रही हैं। उन्होंने तह भी स्पष्ट कर दिया है कि मेरी सरकार धार्मिक आधार पर प्रदेश का कोई विभाजन नहीं होने देगी।

ममता अब सभी धर्मावलंबियों का विश्वास अपने साथ बनाए रखना चाहती है। कोलकाता में जैन समुदाय के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वह दुर्गा पूजा, काली पूजा, जैन और बौद्ध मंदिर,गुरुद्वारा, चर्च और गुरु रविदास मंदिर जैसे सभी धर्मों से जुड़े स्थलों पर जाती हैं और वह ऐसा करना जारी रखेंगी। अजमेर शरीफ के दौरे के साथ-साथ पुष्कर में ब्रह्म मंदिर के भी दर्शन करने का उन्होंने जिक्र किया। उन्होंने यह तय कर लिया है कि सभी धर्म और समाज को साथ लेकर चलना चाहती हैं और सभी के बीच एकता बनाए रखने में विश्वास करती है।

ममता बनर्जी ने कहा कि हमारी सरकार की नीति है कि जियो और जीने दो। कुछ लोग बंगाल को बदनाम कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मैं राज्य में हिंदू धर्म को संरक्षण नहीं देती।  हिंदुओं से कहा कि मुझे बंगाल के अल्पसंख्यकों को श्रेय देना चाहिए जो राज्य में हिंदू त्योहार भी मनाते हैं। मुझे यह कहते हुए गर्व होता है कि ऐसा यह बंगाल है।

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