Responsive Menu
Add more content here...
April 18, 2026
ब्रेकिंग न्यूज

Sign in

Sign up

नीतीश के गढ़ में प्रशांत की चुनौती!

By Shakti Prakash Shrivastva on April 30, 2025
0 257 Views

                                                                   शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

अपने सियासी सफर के शुरुआत में पहले उत्साहित फिर हतोत्साहित और अब फिर उत्साहित जन सुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर विधानसभा चुनाव में बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू सुप्रीमो नीतीश कुमार से ही दो-दो हाथ करने को तैयार है। देश की सियासत के चर्चित रणनीतिकारों में पीके नाम से मशहूर रहे प्रशांत इस साल के अंत तक होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी जन सुराज के लिए रणनीति को अंतिम स्वरूप देने में इन दिनों व्यस्त है। उन्होंने अपनी रणनीति के तहत ग्यारह मई से पूरे बिहार का भ्रमण करने का निर्णय लिया है। हस्ताक्षर अभियान के इस कार्यक्रम की शुरुआत के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैत्रिक गाँव कल्याण बिगहा का चयन किया है। ऐसा कर उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की है कि बिहार में उन्हे किसी को वास्तविक चुनौती देनी है तो वो है जेडीयू और उसके मुखिया नीतीश कुमार।

पिछले साल बिहार की सियासत में अपना सियासी वजूद तलाशने के लिए उन्होंने जन सुराज यात्रा निकाली थी। यात्रा समापन में की गई कुछ यात्राओं में जन सहभागिता कम होने से एकबारगी प्रशांत को हताशा हुई थी। लेकिन जबसे सी वोटर सर्वे में प्रशांत किशोर को नीतीश कुमार की तुलना में बेहतर मुख्यमंत्री के रूप में पसंद किया गया। तबसे प्रशांत किशोर कुछ खासे उत्साहित हो गए हैं। इस रिपोर्ट में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद के लिए तीसरे पसंदीदा नेता हैं। जबकि तेजस्वी यादव पहले और प्रशांत किशोर दूसरे स्थान पर हैं। एक नए सियासी दल के मुखिया के लिए यह सपने पूरे होने जैसा था। एक रैली में अपेक्षाकृत भीड़ के न आने से हतोत्साहित प्रशांत किशोर को सी वॉटर के सर्वे ने फिर से उत्साह से लबरेज कर दिया है।

बीते 27 अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृहनगर नालंदा जिले के हरनौत में आयोजित जनसुराज पार्टी की एक रैली में उमड़ी भीड़ ने एक झटके में प्रशांत किशोर को उत्साह से भर दिया। प्रशांत इतने उत्साहित हो गए कि उन्होंने आगे की रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि अब वो आगामी 11 मई को नीतीश कुमार के पैतृक गांव कल्याण बिगहा से एक हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत करेंगे। ऐसा कर प्रशांत ने नीतीश कुमार सरीखे नेता को सीधी चुनौती पेश कर दी है। बिहार की राजनीति में प्रशांत के इस सियासी कदम को एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में देखा जा रहा है।

नीतीश के गाँव से अपने कार्यक्रम की शुरुआत कर प्रशांत ने कई तरह के सियासी संदेश दिया है। अपने अभियान में प्रशांत ने नीतीश की साख को चुनौती देने जा रहे है। इसके अलावा नीतीश सरकार की विफलताओं को उजागर करने वाली रणनीति भी शुरू करने वाले हैं। बुनियादी समस्याओं को अभियान का अहम मुद्दा मानते हुए असन्तुष्ट मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। बिहार के आगामी चुनाव से पहले जन सुराज पार्टी ने 2024 के उपचुनावों में 10% वोट शेयर हासिल किया था. हालांकि वे कोई सीट नहीं जीत पाए।  हरनौत जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में रैली आयोजित करके प्रशांत किशोर अपनी पार्टी की उपस्थिति को मजबूत करने और इसे एक गंभीर राजनीतिक ताकत के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं.

किलमिलाकर प्रशांत किशोर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराना चाहते हैं.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *