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August 9, 2026
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जमानत के बाद भी रिहा नहीं होंगे आजम !

By Shakti Prakash Shrivastva on May 25, 2024
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                                                                                                    शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

कहते हैं जब इंसान का समय खराब हो तो राहत मिलने पर भी उसे राहत महसूस नही होती। ऐसा ही कुछ इन दिनों समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य और कददावर नेता आजम खान के साथ हो रहा है। उनकी मुसीबते कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। जेल में सजा काट रहे आजम खान को शुक्रवार को भले ही हाईकोर्ट से एक मुकदमें में जमानत मिल गई है लेकिन इसके बावजूद वह जेल की सलाखों से बाहर नहीं आ सकेंगे। वह ही नहीं बल्कि जेल में सजा काट रहे उनके बेटे अब्दुल्ला आजम भी फिलहाल जेल में ही रहेंगे। जबकि जेल में बंद आजम खान की पत्नी डॉ तजीन फातिमा जेल से बाहर आ जाएंगी।

उत्तर प्रदेश सरकार में कई बार मंत्री रहे आजम खान और उनका परिवार इन दिनों जेल में बंद है।आजम खान जहां सीतापुर जेल में बंद हैं वहीं उनकी पत्नी डॉ तजीन फातिमा रामपुर जेल और छोटा बेटा अब्दुल्ला आजम हरदोई जेल में बंद हैं। इन लोगों को अब्दुल्ला आजम के दो-दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में रामपुर की स्पेशल कोर्ट ने सात-सात साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद आजम खान ने रामपुर कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। इस प्रकरण में सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने 14 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद शुक्रवार को हाईकोर्ट ने अपना निर्णय सुना दिया। इस निर्णय के तहत हाईकोर्ट ने आजम खान की सात साल की सजा पर रोक लगाते हुए जमानत दे दी है। इसके साथ ही अब्दुल्ला आजम और डॉ तजीन फातिमा की भी जमानत मंजूर कर ली है। हालांकि कोर्ट के इस निर्णय के बाद भी आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे। चूंकि आजम को एक अन्य डूंगरपुर प्रकरण में सात साल की सजा चल रही है। 18 मार्च 2024 को रामपुर कोर्ट ने यह सजा सुनाई थी। यही वजह है कि वह जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे। इसके अलावा एक दूसरे मामले में अब्दुल्ला आजम के विरूद्ध सफाई मशीन चोरी का मामला भी दर्ज है। इस मामले में जमानत होना बाकी है। हालांकि आगामी कुछ दिनों में हाईकोर्ट में इस मामले में भी सुनवाई होनी है। हाई कोर्ट का फैसला आने तक अब्दुल्ला आजम जेल में ही बंद रहेंगे। जानकारों की मानें तो सिर्फ आजम खान की पत्नी डॉ तजीन फातिमा ही जेल से रिहा होंगी।

जमानत वाले मामले की हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार सिंह की सिंगल बेंच में सुनवाई चल रही थी। आजम खां के बेटे अब्दुला के फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामले में सजा के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में यह मामला जनवरी से चल रहा था। इस बीच कई बार मामले में तारीख पड़ी और दोनों पक्षों ने बहस किया। पिछले मंगलवार को भी करीब तीन घंटे के चले वाद प्रतिवाद के बीच कोर्ट ने दोनों पक्षों से सवाल जवाब किए और फिर फैसला सुरक्षित कर लिया। इससे पूर्व महाधिवक्ता अजय मिश्रा, शासकीय अधिवक्ता आशुतोष कुमार संड ने आजम खां कुनबे को मिली सजा को वैधानिक रूप से सही बताया। कहा कि आजम खां ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अपने बेटे अब्दुल्ला का फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाया है। इसी के आधार पर अब्दुला चुनाव भी लड़े और जीते भी। जबकि आजम खां के वकील इमरान उल्ला ने ट्रायल कोर्ट के आदेश की तमाम कानूनी खामियों को उजागर किया। कहा कि मामले के वादी आकाश सक्सेना उपचुनाव में अब्दुला के खिलाफ चुनाव लड़े और हार गए थे  जिसकी वजह से उन्होंने राजनीतिक द्वेषवश मुकदमा लिखवाया।
हुआ ये कि 2017 के विधानसभा चुनाव में अब्दुल्ला आजम रामपुर के स्वार विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। लेकिन बाद में प्रत्याशी नवाब काजिम अली खां उर्फ नावेद मियां और बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने अब्दुल्ला आजम पर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र लगाकर चुनाव लड़ने की शिकायत की। इस पर हाईकोर्ट ने अब्दुल्ला का चुनाव रद्द कर दिया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली थी। अब्दुल्ला आजम के शैक्षिक प्रमाण पत्र में उनकी जन्मतिथि एक जनवरी 1993 दर्ज है जबकि नगर निगम लखनऊ से जारी प्रमाणपत्र में 30 सितंबर 1990 दर्ज है। इस आधार पर आजम खां सहित तीनों के खिलाफ फर्जी जन्म प्रमाणपत्र तैयार करने के आरोप में केस दर्ज किया गया था। आजम उनकी पत्नी डॉ तंजीम फातिमा और बेटे अब्दुला को रामपुर की एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी करवाने के मामले में सात-सात साल कैद की सजा सुनाई थी। आजम खान के पक्ष में फैसला आने के बावजूद लोकसभा चुनाव की सियासी गर्मागर्मी के बीच आजम के जेल से बाहर आने की उम्मीद पर फिलहाल पानी फिर गया है।

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