Responsive Menu
Add more content here...
October 8, 2026
ब्रेकिंग न्यूज

Sign in

Sign up

सांसद नहीं है क्या अफजाल अंसारी!

By Shakti Prakash Shrivastva on June 27, 2024
0 463 Views

                                                                                  शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

लोकसभा चुनाव में देश भर से चुन कर संसद पहुंचे सांसदों ने संसद के विशेष सत्र में पहुँच कर अपनी सदस्यता की शपथ ली। लेकिन गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद चुने गए अफजाल अंसारी  ऐसे सांसद है जिन्होंने शपथ नहीं ली। ऐसे में यह प्रश्न उठना लाजिमी है कि क्या अफजाल अंसारी सांसद नहीं है। आखिर क्यों अन्य सांसदों को जब शपथ दिलाई गई तो अफजाल को शपथ से वंचित रखा गया। ऐसा नहीं है। बाकायदा चुनाव की सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी कर वो भी अन्य सांसदों की तरह ही अधिकृत सांसद है। उन्हे भी वो सभी सुविधाएं मुहैया होंगी जो एक निर्वाचित सांसद को मिलती हैं। लेकिन बतौर सांसद अफजाल को शपथ न दिलाने के पीछे लोकसभा सचिवालय के अपने तर्क हैं। सचिवालय का मानना है कि उसे अफजाल को शपथ दिलाने से रोकने में सुप्रीम कोर्ट का आदेश आड़े आ रहा है।

सोमवार से 18 वीं लोकसभा के विशेष सत्र की शुरुआत हुई। पुरानी परंपरा के मुताबिक सत्र की शुरुआत से पहले नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाई जाती है। इस बार भी पूर्व की भांति ही संसद की कार्रवाई शुरू हुई। पहले दिन और दूसरे दिन नवनिर्वाचित सांसदों को नवनियुक्त प्रोटेम स्पीकर ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। लेकिन पहले दिन समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव समेत सभी पार्टी सांसदों को शपथ दिलाई गई सिर्फ अफजाल अंसारी को छोड़कर। अफजाल अंसारी लोकसभा में अखिलेश यादव के पास ही बैठे थे लेकिन जब उन्हे शपथ के लिए आमंत्रित नही किया गया तो वो उठकर बाहर चले गए। सांसदों की शपथ की समूची प्रक्रिया संपादित करने की जिम्मेदार माने जाने वाले संसदीय सचिवालय का मानना है कि अफजाल अंसारी जैसे नवनिर्वाचित सांसद का शपथ न दिलाया जाना महज सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्ववर्ती आदेश के चलते हुआ है। इसी वजह से अफजाल को लोकसभाध्यक्ष के चयन प्रक्रिया में भी हिस्सा लेने कीअनुमति नही मिली। हालांकि सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने इस बाबत कानूनी सलाहकारों से मशविरा करने की बात की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में हर संभव कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अफजाल अंसारी को एमएपी एमएलए कोर्ट ने गैंगस्‍टर के एक मामले में चार साल की सजा सुनाई थी। इस आदेश की वजह से ही पूर्व में उनकी लोकसभा की सदस्‍यता भी चली गई थी। हालांकि सदस्यता जाते ही उसकी बहाली के लिए अफजाल अंसारी ने इसके खिलाफ हाई कोर्ट का रुख किया। वहाँ इस संबंध में एक याचिका दाखिल की।  लेकिन इस मामले में उन्हे हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली। ऐसी स्थिति में अफजाल अंसारी इसके विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट चले गए। पिछले साल 14 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश से उनकी सदस्‍यता तो वापस करा दी लेकिन इसके एवज में उनके ऊपर कुछ पाबंदियां भी लगा दीं। इन पाबंदियों के चलते ही अफजाल अंसारी को सदन की कार्यवाही में हिस्‍सा लेने पर प्रतिबंध है। कोर्ट के इसी आदेश को आधार बनाकर लोकसभा सचिवालय ने अफजाल को नए सदन में शपथ के लिए नहीं बुलाया। इसी के आधार पर उन्‍हें लोकसभाध्यक्ष के चुनाव के लिए भी अयोग्‍य ठहराया गया। अफजाल अंसारी के अलावा सात और ऐसे सांसद है जिन्हे किन्ही न किन्ही वजहों से शपथ से वंचित रखा गया। इन सांसदों में तीन तृणमूल कांग्रेस के, एक कांग्रेस का, समाजवादी पार्टी के एक और दो निर्दलीय सांसद हैं। कांग्रेस के शशि थरूर, टीमएसी के दीपक अधिकारी, शत्रुघ्न सिन्हा और हाजी नूरुल इस्लाम ने भी अभी तक शपथ नहीं ली है। वहीं निर्दलीय अमृतपाल सिंह और इंजीनियर राशिद भी शपथ नहीं ले पाए।

ऐसे में जिन सांसदों ने शपथ नही ली है उन्हे बतौर संसद मिलने वाली कोई भी सुविधा नहीं मिलेगी।

अब चूंकि अफजाल अंसारी का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए अगर उनके पक्ष में निर्णय आता है तो फिर अफजाल को पहले की तरह सांसदों वाली सारी सुविधा मिलने लगेगी। फिलहाल कोर्ट के फैसले का इंतजार है।

 

 

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *