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कितनी सच है चंद मिनटों में हुई 6 हत्याओं की कहानी !

By Shakti Prakash Shrivastva on October 3, 2023
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

                पूरी दुनिया को अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले महात्मा गांधी के जन्मदिन के दिन ही सुबह हिंसा की एक हृदयविदारक वारदात ने सख्त प्रशासक की छवि वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के व्यवस्था को चुनौती दे डाली। एक गाँव में एक व्यक्ति की हत्या के बाद प्रतिशोध में पाँच लोगों की हत्या कर दी गई। ये समूचा घटनाक्रम महज कुछ चंद मिनटों के भीतर अंजाम दिया गया। इस लोमहर्षक वारदात की जो तस्वीर या कहानी सामने आ रही है उनमें कुछ ऐसे प्रश्न भी उठ रहे है जो इससे इतर तस्वीर होने की ओर इशारा कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के पूर्वी छोर के अंतिम जिले देवरिया के रुद्रपुर कोतवाली के फतेहपुर गाँव के लेडहा टोले में 2 अक्टूबर की सुबह-सुबह हुई इस वारदात की कहानी ये है कि सत्यप्रकाश दुबे और गाँव के ही प्रेम यादव के बीच 2014 से जमीन का विवाद है। इसके चलते ही दोनों में बोलचाल बंद है। एक-दूसरे के घर आना-जाना भी नहीं होता है। विवाद की वजह दुबे के बाहर रहने वाले छोटे भाई साधु की 9 बीघा जमीन साधु से प्रेम यादव ने खरीद ली थी। सत्यप्रकाश के परिवार को यह पसंद नहीं था। साधु भी गाँव आने पर अपने भाई की बजाय प्रेम के घर ही रुकता था। दुबे का परिवार गाँव में थोड़ा अलग-थलग रहता था। मीडिया में आई खबरों की मुताबिक ऐसे में सुबह नहीं अल सुबह जब लोग शौच आदि के लिए ही निकलते है। ऐसे वक्त एक फोन रिसीव करने के बाद यादव अपने दुश्मन दुबे के घर जाते है। वहाँ बैठ कर बात कर रहे होते हैं कि अचानक उनकी धारदार हथियार और ईंट आदि का प्रयोग कर हत्या कर दी जाती है। लाश चंद कदम दूर फेंक दी जाती है। हत्या की खबर मिलते ही लगभग ढाई दर्जन आक्रोशित लोग दुबे के घर धावा बोल देते है। अंदेशा से भयभीत दुबे परिवार दरवाजा बंद रखता है। भीड़ दरवाजा तोड़ देती है और पहले दुबे फिर उनकी पत्नी, दोनों बेटियों और दोनों बच्चों को बेतहाशा लाठी-डंडा, चाकू आदि से मारकर गंभीर रूप से घायल कर देते हैं। बाद में पुलिस के पहुँचने पर पाँच लोगों जिसमें 52 वर्षीय सत्यप्रकाश दुबे, 45 वर्षीय पत्नी किरण, 18 वर्षीय बेटी सलोनी, 10 वर्षीय बेटी नंदिनी और 14 वर्षीय बेटे गांधी के मौत की पुष्टि होती है जबकि 8 वर्षीय घायल बेटा अनमोल गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज में गंभीर हालत में इलाजरत है। परिवार में बचे लोगों में बड़ा बेटा देवेश उस समय घर से बाहर होने के नाते बच गया और बड़ी बेटी जिसकी शादी हो चुकी है वो अपने ससुराल में होने के नाते बच गई।

हालांकि खबर मिलते ही पूरा जिला और परिक्षेत्रस्तरीय प्रशासनिक अमला तो मौके पर पहुँच ही गया और हमलावरों में शामिल दो को पुलिस ने कब्जे में भी कर लिया। बाद में मुख्यमंत्री योगी की गंभीरता के बाद लखनऊ से अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद और स्पेशल डीजीपी प्रशांत कुमार हेलीकाप्टर से देवरिया पहुँच घटनास्थल का दौरा करते हैं। इस मामले में देर शाम तक चौदह लोगों को पुलिस पकड़ लेती है। देर शाम प्रेम यादव का अंतिम संस्कार देवरिया नगर के कुरना नाले के निकट और अन्य दुबे परिवार के पाँच लोगों का अंतिम संस्कार पटनवा पुल के निकट किया गया। इस समय लगभग तीन सौ की आबादी वाला टोला पूरी तरह से पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। ऐसे में इस कहानी में जो बातें सामान्य तरीके से गले नहीं उतरने वाली है वो ये कि अगर गाँव से मिल रही सूचनाओं को सच माने तो जमीनी विवाद और उससे उपजे गंभीर अनबन होने के बावजूद प्रेम यादव दुबे के घर क्यूँ गए। एक दिन पहले और पिछले साल भी गंभीर विवाद होने के बाद भी जब बोलचाल नहीं था तो दुबे के यहाँ से फोन किसने किया। इसके बावजूद अगर सुलह आदि के बाबत बातचीत करने जाना ही था तो अल सुबह अंधेरे में ही अकेले क्यूँ गए। दूसारी तरफ अगर कहानी को सच ही माने तो जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया वो प्रेम यादव के कदकाठी के आदमी को अकेले सत्यप्रकाश दुबे उनकी पत्नी या बिटिया मिलकर मौत के घाट उतार दें आसान नहीं लगता। मारने के बाद भारी शरीर को घसीट कर घर से लगभग बीस-पच्चीस मीटर दूर ले जाना भी बहुत आसान नहीं लगता। लेकिन अगर ऐसा नहीं तो यह भी प्रश्न उठता है कि क्या फिर वारदात में दुबे परिवार के साथ कुछ और लोग भी थे। अब मामला चूंकि सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में है। वो स्वयं पल-पल की जानकारी ले रहे है। सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि इन सभी बिंदुओं पर भी जांच करने वाली टीम मनन करेगी और पटाक्षेप कुछ इस तरह करेगी कि दुबारा इस तरह की वारदात करने का कोई दुस्साहस न कर सके। हालांकि इन सब से इतर प्रशासन को इस बिन्दु पर भी गंभीरता से विचार करने होगा कि भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस के बावजूद आखिर इस तरह राजस्व आदि से जुड़े मुद्दे क्यू नहीं समय से हल हो पा रहे है जिससे इस तरह की वारदातों पर अंकुश लग सके।

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