निषादों-निषादों में जंग !
शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव बीजेपी के साथ यूपी सरकार में अपना दल एस और निषाद पार्टी सहयोगी है। हाल ही में विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी छोड़ सपा के साथ गठबंधन में शामिल होने वाले सुभासपा सुप्रीमो ओमप्रकाश राजभर […]
और पढे..शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव बीजेपी के साथ यूपी सरकार में अपना दल एस और निषाद पार्टी सहयोगी है। हाल ही में विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी छोड़ सपा के साथ गठबंधन में शामिल होने वाले सुभासपा सुप्रीमो ओमप्रकाश राजभर […]
और पढे..शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव राजनीति जो न करादे वो कम ही है। राजनीति के जानकार भी मानते है कि राजनीति का कोई स्थायी धर्म-ईमान नही होता है। यहाँ सब कुछ व्यापार के हिसाब से नफा-नुकसान आधारित होता है। किसी राजनेता के लिए उसकी […]
और पढे..शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव बीजेपी विरोधी देश के छब्बीस विपक्षी दलों […]
और पढे..शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव भारत जैसे लोकतान्त्रिक देश में अपनी मांगो के लिए लोकतान्त्रिक मर्यादाओं के तहत विरोध प्रदर्शन करना कही गलत नहीं है। लेकिन विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला विशेष को टार्गेट कर विरोध के नाम पर उनका उत्पीड़न करना किसी भी रूप में क्षम्य भी […]
और पढे..शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव एक समय था जब बीजेपी गठबंधन के खिलाफ विपक्षी दलों का देशव्यापी सबसे बड़ा गठबंधन था यूपीए। मतलब यूनाइटेड प्रोग्रेसिव एलायन्स। कांग्रेस नेत्री सोनिया गांधी की अगुवाई वाले इस गठबंधन की नींव 2004 में पड़ी थी। तब इस गठबंधन […]
और पढे..शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव कहते हैं कि राजनीति का कोई अपना दीन ईमान नहीं होता है। क्योंकि इसमें किसी विचारधारा का समर्थक दूसरे विचारधारा के समर्थकों को कोसता है। लेकिन पलक झपकते वही नेता उसकी तारीफ भी करने लग जाता है। इसका मतलब […]
और पढे..शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव इंटरनेट पर उपजे अजब प्रेम की गजब कहानी इन दिनों देश में सुर्खियां बटोर रही है। खासकर सोशल मीडिया मंचों पर अधिक है। अभी चार बच्चों को लेकर आनलाइन बने प्रेमी के साथ जिंदगी जीने पाकिस्तान के कराची से ग्रेटर नोएडा पहुंची […]
और पढे..शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश में निःसन्देह समाजवादी पार्टी इकलौती ऐसी समर्थ पार्टी है जो बीजेपी की आँख में आँख डालकर सियासत कर रही है। चूंकि यूपी देश का इकलौता ऐसा प्रदेश है जहां से सर्वाधिक अस्सी लोकसभा सीटें हैं। […]
और पढे..शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव देश में लोकसभा का चुनाव होने में महज चंद महीने का वक्त बाकी है। क्या सत्ता और क्या विपक्ष सभी की एक ही ख्वाहिश है कि कैसे सत्ता पर काबिज हुआ जाए। सत्ता पक्ष जहां लगातार तीसरी बार सत्ता […]
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