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October 9, 2026
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बीजेपी अध्यक्ष चयन में बड़ी बाधा !

By Shakti Prakash Shrivastva on April 18, 2025
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                                                                                          शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

देश के सियासी गलियारे में इन दिनों ये भी मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष क्यों नहीं चुना जा रहा है। आखिर क्यों वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड़ड़ा अपना कार्यकाल पूरा करने के बावजूद विस्तार पर विस्तार पाए जा रहे है। आखिर कौन से ऐसी वजहें है जो सताधारी पार्टी के मुखिया के चुनाव में रोड़ा बन रही है। सियासी हल्के में अलग-अलग मुंह अलग-अलग बातें की जा रही है। कोई कहता है कि ऐसा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और पार्टी के मौजूदा नेतृत्व में मतभेद के चलते है। कोई कहता है कि आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों को देखते हुए योग्यतम व्यक्ति के चयन में विलंब के चलते ऐसा हो रहा है। सियासी दलों द्वारा पिछड़ा,दलित और अल्पसंख्यकों के समीकरण को प्रभावी बनाने के बाद इसका भी ख्याल रखना बीजेपी की पेशानी  पर बल डाल रही है। जबकि चर्चा में तैर रही सच्चाई जो है उसकी वजह अलग है। पार्टी बाइलाज की मुताबिक जो आवश्यक कोरम है वो कुछ राज्यों के संगठनात्मक चुनाव के पूरा न होने की वजह से अभी तक पूरा नहीं है। जब तक ऐसा नहीं होगा तब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव संभव नहीं है। इस सच्चाई से पर्दा उठा मंगलवार को बीजेपी पार्टी हाइकमान की बैठक में जिसमें बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, संगठन महासचिव बीएल संतोष और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सरीखे दिग्गज पार्टी नेताओं ने शिरकत की थी।

बीजेपी जैसी पार्टी के लिए पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले पार्टी बाइलाज का कोरम पूरा होना आवश्यक है। पार्टी को इसी पखवारे कम से कम आधा दर्जन राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों सहित संगठन के चुनाव सम्पन्न करने होंगे। वरना संगठन चुनाव नहीं होने के कारण राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव एक बार फिर न चाहते हुए भी महीने भर के लिए टालना पड सकता है। क्योंकि वजह चाहे जो भी हो लेकिन लंबी कवायद और जद्दोजहद के बावजूद अभी भी उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश, कर्नाटक जैसे बड़े राज्यों में संगठन चुनाव संपन्न नहीं हो पाया है। चुनाव प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए ही गृह मंत्री अमित शाह ने पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, पीयूष गोयल के साथ मंगलवार देर रात तक मैराथन बैठक की  थी। इसके बाद बुधवार को इन नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी। देश में सर्वाधिक सदस्य संख्या वाली सियासी पार्टी होने के बावजूद महीनों की सियासी कसरत के बाद भी पार्टी अब तक 15 राज्यों में ही संगठन चुनाव संपन्न करा पाई है। बड़े राज्यों में अभी तक चुनाव नहीं हो सके हैं।
उत्तर प्रदेश में केंद्रीय नेतृत्व तय नहीं कर पा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग से बनाया जाए या अगड़ा वर्ग से। दरअसल जिसे प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाएगा, उसी के नेतृत्व में अगला विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा, इसलिए नेतृत्व बेहद सावधानी बरत रहा है। मध्यप्रदेश को छोड़ कर दूसरे बड़े राज्यों गुजरात और कर्नाटक को लेकर भी यही समस्या है। यही कारण है कि 15 राज्यों में संगठन चुनाव होने के बावजूद बीजेपी कोरम के लिए जरूरी राष्ट्रीय परिषद की 50 फीसदी का कोटा नहीं भर पा रही जिसके चलते अध्यक्ष का चयन लटका हुआ है।

 

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