Responsive Menu
Add more content here...
August 9, 2026
ब्रेकिंग न्यूज

Sign in

Sign up

चूक तो हो ही गई !

By Shakti Prakash Shrivastva on August 31, 2025
0 205 Views

                                                                       शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

कांग्रेस नेता और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी यूं तो देश के इकलौते ऐसे विपक्षी नेता है जो सदैव सरकार और बीजेपी हाइकमान या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आँख में आँख डालकर सियासत करने में यकीन रखते है। चाहे उनकी भारत जोड़ों यात्रा हो या मौजूदा समय में बिहार में चल रही वोट अधिकार यात्रा हो इन सभी में उनकी सियासी परिपक्वता साफ-साफ झलकती है। लेकिन हालिया उनके एक निर्णय ने तेजी से उभरते बिहार की सियासी हालात को एकदम से चर्चा में ला दिया है। अपनी यात्रा के बीच में ही उन्होंने एक ऐसा निर्णय लिया जिसके सियासी खामियाजा का अंदाजा लगाना मुश्किल होगा। सच कहे तो जिस तरह से कांग्रेस ने अपने वोट अधिकार यात्रा में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को लाकर पार्टी के मजबूत होने का सपना देखा था उसे कांग्रेस के राहुल गांधी समेत दिग्गज रणनीतिकारों ने एक झटके में मिट्टी में मिला दिया। क्योंकि यही रेड्डी जब मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे थे तो बिहारियों को नीचा दिखाने वाला एक अपमानजनक बयान दिया था।

ऐसे समय में जब बिहार में वोट चोरी एक मुद्दा बन रहा था। प्रदेश में फर्श पर बैठी कांग्रेस एक बार फिर नए उत्साह से अर्श की ओर बढ़ने का प्रयास कर रही थी। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी को मुहिम में शामिल करा कर न केवल बिहारियों का अपने अपमान की याद दिला दी बल्कि विपक्षियों को बैठे-बिठाए एक जबरदस्त मुद्दा भी थमा दिया।
बिहार के बारे में ऐसी धारणा है कि यहाँ के लोग अपने सम्मान के लिए खासे जागरूक रहते हैं। इस मुद्दे पर वो समझौतावादी नहीं है। जबकि तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी उन नेताओं में हैं जो  बिहारियों को पसंद नहीं करते है। सीएम बनने के बाद पद की शपथ लेने के बाद अपने विरोधी केसी राव के बारे में रेवंत रेड्डी ने कहा था कि उनमें बिहार का डीएनए है। रेड्डी ने कहा था कि मेरा डीएनए तेलंगाना का है जबकि केसीआर का डीएनए बिहार का है। वे बिहार से हैं। केसीआर कुर्मी जाति से हैं। वे बिहार से विजयनगरम और फिर वहां से तेलंगाना आ गए। तेलंगाना का डीएनए बिहार के डीएनए से बेहतर है। रेड्डी के अलावा पंजाब के सीएम रहे चरणजीत सिंह चन्नी की भी चर्चा शुरू हो गई कि प्रियंका गांधी की मौजूदगी में चन्नी बिहारियों का अपमान कर रहे थे और प्रियंका गांधी ताली बजा रही थी। यह वीडियो भी वायरल हो गया है।
बीजेपी ने इसे बिहारियों के अस्मिता पर प्रश्न बताते हुए मुद्दा बना डाला। बीजेपी के प्रचार तंत्र ने रेवंत रेड्डी और प्रियंका का जुलूस तक निकाल दिया। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तो तत्काल यह कह कर बिहारी अस्मिता को झकझोर दिया कि कांग्रेस ने जब-जब मौका मिला उसने बिहार और बिहारियों का अपमान किया है। बिहारियों पर टिप्पणी करने वाले रेवंत रेड्डी को महिमामंडित करने और प्रियंका गांधी को आगे करने वाले काँग्रेसियों ने बिहार की अस्मिता का मजाक उड़ाया है। प्रियंका तो बिहारियों के अपमान भरी टिप्पणियों पर तालियां पीट पीट कर हंस रही थी। आज यही लोग लालू यादव के परिवार के कंधे पर चढ़ कर बिहार घूम रहे हैं। बिहार क्या इतना बुड़बक मतलब मूर्ख है कि अपमान करने वालों को वोट देगा।

इस तरह इन निर्णयों के चलते कांग्रेस एक तरह से बैकफुट पर आ गई है। अब देखना ये दिलचस्प होगा कि आखिर कांग्रेस अपनी इस गलती की भरपाई कैसे करती है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *