Responsive Menu
Add more content here...
October 8, 2026
ब्रेकिंग न्यूज

Sign in

Sign up

नौतपा तो नहीं तपा!

By Shakti Prakash Shrivastva on May 26, 2025
0 387 Views

                                                                                    शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

मौसम के बारे में अगर बात करें तो हाल के वर्षों में देश के जागरूक नागरिकों को मौसम विभाग की भविष्यवाणियों पर यकीन बढ़ गया है। किसी आयोजन आदि के लिए भी वो मौसम विभाग की मौसम संबंधी भविष्यवाणियों का सहारा लेते हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश में इस बार नौतपा को लेकर की गई भविष्यवाणी काफी हद तक गलत साबित हुई। क्योंकि इस के पहले ही दिन प्रदेश के पूर्वी जिलों से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों तक में मौसम की तपिश कमोबेश बहुत अधिक नहीं रही। ऐसे में कहा जा सकता है कि नौतपा पहले दिन तो नहीं ही तपा।

वास्तव में ज्योतिषीय परिभाषा के मुताबिक सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश काल से लेकर बाद के नौ दिनों तक के कालखंड को नौतपा कहा जाता है। इस दौरान सूर्य का विचरण पृथ्वी के सर्वाधिक नजदीक से होती है। लिहाजा सूर्य की किरणें सीधी पृथ्वी पर आती है। जिससे तापमान में असाधारण वृद्धि होती और गर्मी अपने चरम पर पहुँच जाती है। इस बार रविवार 25 मै को शुरू हुए नौतपा का असर 2 जून तक रहेगा। लेकिन इस बार प्रदेश के संदर्भ में नौतपा पहले दिन तो बहुत असरकारक नहीं रहा। हवाओं और बारिश के असर से पहले दिन गर्मी से राहत रही। प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों में लू नहीं चली। हालांकि, नमी युक्त पूर्वा हवाओं से उमस भरी गर्मी रही। वहीं, आंधी और बारिश के बीच अलग-अलग जिलों में हुए हादसों में चार लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग के अनुसार 2 जून तक नौतपा के दौरान तपिश

पहले दिन पश्चिमी यूपी के ज्यादातर जिलों में लगभग पचास किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, मेरठ समेत अगरा, अलीगढ़, बरेली, सहारनपुर में हल्की से मध्यम बारिश हुई। ब्रज के जिलों में रविवार तड़के आंधी, बारिश से भारी नुकसान पहुंचा। जगह-जगह पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे गिर गए। इससे आपूर्ति बाधित हुई। टिनशेड उड़ गए। अलीगढ़ में मकान की छत गिरने से जयरानी देवी की मौत हो गई। मैनपुरी, हापुड़ भी प्रभावित रहे। रामपुर, अमरोहा, संभल और मुरादाबाद में रविवार की सुबह हल्की बारिश हुई।

आंधी-बारिश के ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। मक्का की फसल को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। फिरोजाबाद में खेतों में पानी भरने के कारण तरबूज, खरबूज की फसल सड़ने की आशंका बढ़ गई। कई स्थानों पर अगेती मक्का की फसल गिर गई।

इस तरह नौतपा के नौ दिनों में भीषण गर्मी होने का पूर्वानुमान था लेकिन ऐसा कुछ पहले दिन तो नहीं दिखा। अब देखना है कि आने वाले शेष बचे आठ दिनों में नौतपा कितनी तपिश दिखलाता है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *