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October 8, 2026
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सहयोगी रही कांग्रेस से डरी ‘आप’ !

By Shakti Prakash Shrivastva on February 4, 2025
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                                                                                   शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

जैसे-जैसे दिल्ली विधानसभा चुनाव की तिथि नजदीक आ रही है वहाँ के सियासी समीकरणों में तेजी से बदलाव आ रहा है। कल तक जो दसियों साल तक दिल्ली की सत्ता पर काबिज थी उस आम आदमी पार्टी को भी अपनी बहुमत सरकार की हेट्रिक की राह इस बार आसान नहीं लग रहा है। क्योंकि उसके राह में उसी के गठबंधन की सहयोगी रही कांग्रेस पार्टी ही सबसे बड़ी बाधा बन रही है। बीते लोकसभा का चुनाव कांग्रेस और आप दोनों आइएनडीए गठबंधन सहयोगी के रूप में मिलकर लड़े थे।

इस बार के चुनाव में आम आदमी पार्टी अपनी बहुमत की सरकार तीसरी बार बनाने के सपने के साथ उतरी थी। दिल्ली वासियों के मिजाज को बहुत हद तक भांप चुके आम आदमी पार्टी हाइकमान इस बात को लेकर आश्वस्त था कि इस बार बेशक उनकी सीटें पिछली बार की तुलना में कम आयें। लेकिन उसकी सरकार बनाने मे कोई संकट नहीं है। लेकिन जैसे ही विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइए का प्रमुख घटक दल कांग्रेस, दिल्ली में गठबंधन धर्म को ठेंगा दिखाते हुए चुनाव मैदान मे आप के सामने उतर गई। आप का भविष्य धुंधलाने लगा।

आम आदमी पार्टी को यह बात बहुत अच्छी तरह मालूम है कि दिल्ली में कांग्रेस जितनी मजबूत होगी उसका खामियाजा सीधे तौर पर आप को भुगतना पड़ेगा। इस वजह से बीजेपी से अधिक कांग्रेस से पार्टी डर गई है। उसे डर इस बात का नहीं है कि कुछ सीटों पर कांग्रेस जीत जाएगी बल्कि असली डर ये है कि बीजेपी बाजी मार ले जाएगी।

इन दिनों आम आदमी पार्टी के नेता अपनी रैलियों और प्रेस वार्ताओं में लगातार ये आरोप लगा रहे हैं कि कांग्रेस दिल्ली में बीजेपी को मदद पहुंचा रही है। मुख्यमंत्री आतिशी और पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह तो यहाँ तक आरोप लगा चुके हैं कि कांग्रेस के उम्मीदवार कांग्रेस दफ्तर की बजाय बीजेपी दफ्तर से चुने जा रहे हैं। उन्होंने यहाँ तक आरोप लगाया कि कई कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए बीजेपी फंडिंग भी कर रही है। कुछ विधानसभा सीटें ऐसी है जहां आप और काँग्रेस में सीधा मुकाबला है। पार्टी से मिली जानकारी की मुताबिक आप पार्टी ओखला, चांदनी चौक और बादली समेत लगभग 10 सीटों पर कांग्रेस के अभियान पर कड़ी नजर रखे हुए है। क्योंकि इन सीटों पर पार्टी को कांग्रेस से कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है। ओखला में आप के अमानतुल्लाह खान के खिलाफ कांग्रेस के पूर्व विधायक आसिफ अहमद खान की बेटी अरीबा खान चुनाव मैदान में हैं। चांदनी चौक में मौजूदा विधायक प्रह्लाद सिंह साहनी के बेटे आप के पुनर्दीप सिंह साहनी के खिलाफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जेपी अग्रवाल के बेटे मुदित अग्रवाल मैदान में हैं। बादली से दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव आप के मौजूदा विधायक अजेश यादव के को चुनौती दे रहे हैं।

लगभग ढाई दशकों से दिल्ली विधानसभा में सत्ता से बाहर रहने वाली बीजेपी के लिए यह चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। कांग्रेस के वोट शेयर बढ़ने से बीजेपी को ही मदद मिलेगी। पार्टी के लिए 2017 में हुए नगरनिगम का चुनाव सबसे बड़ा उदाहरण है। पार्टी ने दो साल पहले ही विधानसभा चुनाव 54% वोट शेयर के साथ जीता था और इस चुनाव में कांग्रेस 10% पर सिमट गई थी। लेकिन कांग्रेस ने नगर निगम चुनाव मजबूती से लड़ा। इसमे पार्टी का वोट शेयर गिरकर 26% हो गया, जबकि कांग्रेस का 21% हो गया। हालांकि बीजेपी का वोट शेयर महज 4 फीसद बढ़ा, लेकिन उसने चुनाव में जीत हासिल की। यही वजह है कि आप इस चुनाव में बीजेपी से अधिक कांग्रेस से डरी हुई है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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