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यूपी में अब माननीयों पर भी अंकुश!

By Shakti Prakash Shrivastva on November 29, 2023
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

उत्तर प्रदेश में जहां सरकार का बुलडोजर माफियाओं पर नकेल लगाए हुए है वहीं अब अति महत्वपूर्ण व्यक्तियों में शुमार माननीय विधायकों पर भी उसका अंकुश लग गया है। इस बार 28 नवंबर से शुरू हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा की शारदीय सत्र में भाग लेने वाले माननीय विधायक लोगों को सदन मे मोबाइल, झण्डा-बैनर-पोस्टर ले जाने पर रोक लगा दिया गया है। इतना ही नहीं सदन की कार्रवाई में भी कई परिवर्तन किए गए हैं।

लगभग साढ़े छः दशकों में यह पहली बार ऐसा हुआ कि इस बार उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में काफी कुछ बदला हुआ नजर आया। विधानसभा के गलियारों की रौनक कुछ अलग-अलग सी दिखी। गलियारों में इलेक्ट्रानिक दीवारों पर माननीयों की तस्वीरों समेत कई तरह की जानकारियां देखने को मिल रही है।  अमूमन सत्र के दौरान विपक्ष के विधायकों द्वारा विरोध प्रदर्शन के तौर पर सदन में झण्डा-पोस्टर लहराना और दस्तावेजों को फाड़ देना जैसी घटनाएँ देखने को मिलती थी। लेकिन इस बार वो सब भी नही दिख रही है। क्योंकि सदन में अब इन सामग्रियों को ले जाना प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब सदन में किसी को भी किसी तरह के दस्तावेज़ फाड़ने की इजाजत नहीं होगी। इस बार अब सदन की कार्रवाई में जाते समय माननीय विधायक गण अपने साथ मोबाइल भी नहीं ले जा पा रहे हैं। इस पहली दिसंबर तक चलने वाले सत्र के दौरान सरकार अपना 2023-24 का अनुपूरक बजट पेश करेगी।

इस सत्र से एक और नया प्रयोग यह किया गया है कि सत्र का संचालन नई कार्रवाई के लिए बनी नई नियमावली उत्तर प्रदेश विधानसभा की प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमावली 2023 की मुताबिक किया जा रहा है। इस नई नियमावली को विधानसभा के मॉनसून सत्र में ही सदन की मंजूरी दी गई थी। पिछले सत्र तक विधानसभा का संचालन 1958 की नियमावली के मुताबिक किया जाता था। नई नियमावली के मुताबिक अब माननीय सदस्य न तो विधानसभा अध्यक्ष पीठ की तरफ पीठ करके बैठेंगे और न ही खड़े होंगे। सदस्यों के अध्यक्ष पीठ तक जाने पर भी प्रतिबंध है। यदि अपरिहार्य स्थिति है तो पीठासीन अधिकारी के माध्यम से पर्ची अध्यक्ष को भेजी जा सकेगी। नई नियमावली में प्रश्नोत्तर के नियमों में भी बदलाव किया गया है। किसी मामले में किसी अधिकारी का नाम लेकर आरोप-प्रत्यारोप नहीं कर सकेंगे। सदन मंडप में धूम्रपान करना और शस्त्र ले जाना वर्जित है। उल्लंघन पर निर्धारित अर्थदंड से दोगुनी वसूली होगी। सदन में महिला सदस्यों को बोलने में वरीयता दी जाएगी।

सत्र की शुरुआती दिन सदन के दिवंगत सदस्य आशुतोष टंडन ‘गोपालजी’ आदि को श्रद्धांजलि अर्पित कर स्थगित कर दी गई। दूसरे दिन सदन में सत्र में पास कराए जाने वाले प्रस्तावित अध्यादेश, अधिसूचना और नियमों को पटल पर रखा गया। इसके बाद विधायी कार्यों को संपादित किया गया। 30 नवंबर को सप्लीमेंट्री ग्रांट डिमांड रखी जाएगी। इसके बाद बचे समय में विधायी कार्य निपटाए जाएंगे। माननीय विधायकों को फिलहाल ये बदलाव अटपटा सा लग रहा है लेकिन ऐसा लगता है कि जल्द ही वो इसमें अभ्यस्त हो जाएँगे।

 

 

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