Responsive Menu
Add more content here...
October 8, 2026
ब्रेकिंग न्यूज

Sign in

Sign up

कांग्रेस की दलित मुहिम पर भारी ‘चुनाव’

By Shakti Prakash Shrivastva on October 25, 2023
0 533 Views

शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

                     उत्तर प्रदेश में एक अरसे से बनवास झेल रही कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव में एक अलग रणनीति के तहत उतरना चाहती है। इस चुनाव में पार्टी का पूरा प्रयास ये है कि भले ही इस बार  कोई निर्णायक भूमिका में न आ पाये लेकिन स्थिति इतनी बेहतर जरूर हो जाये जिससे उसकी मौजूदगी का एहसास सियासत में होने लगे। चूंकि उत्तर प्रदेश में प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यकों यानि पीडीए को जोड़ कर सियासी ताकत बढ़ाना चाहती है। इस बाबत बाकायदा उसने ऐलान भी कर दिया है। कांग्रेस भी अपनी पुनर्स्थापना में इसी समीकरण को साधना चाहती है। वो भी चाहती है कि बहुजन समाज पार्टी के अपेक्षाकृत निष्क्रिय होने का फायदा उठाया जाये और उसके दलित वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश की जाये। उसे इसमें सफल होने की संभावना भी दिख रही है। यही वजह है कि कांग्रेस ने इसके लिए बकायदे कार्यक्रम डिजाइन किया है। उसकी शुरुआत भी हो चुकी है। यह अलग बात है कि पाँच प्रदेशों में हो रहे विधानसभा चुनावों की वजह से उसके इस मुहिम का अपेक्षित असर नहीं दिख रहा है। क्योंकि चुनाव प्रचार के चलते जो प्राथमिकता इस मुहिम को मिलना चाहिए वो पार्टी स्तर पर नहीं मिल पा रही है। इसके लिए पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई ने पखवारे भर पहले दलित गौरव संवाद नाम से मुहिम की शुरुआत की थी। योजनाबद्ध तरीके से दलितों को विश्वास में लेने की योजना इस मुहिम के जरिये बनाई गई है। इस कार्यक्रम के माध्यम से दलितों में यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी ही है जो दलितों की सर्वाधिक हितैषी है। लगातार इस पार्टी को दलितों का समर्थन मिलता भी रहा है लेकिन हाल के दशकों में किनही कारणवश दलित गुमराह हो गया था। लिहाजा अब पार्टी एक बार फिर उनके लिए नए तरह से योजनाए बना रही है जिससे उनका लगाव पहले जैसा फिर से पार्टी से हो जाये।

इस कार्यक्रम की शुरुआत भी इसीलिए दलितों के लिए प्रदेश की सियासत में मसीहा सरीखा रहे मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि 9 अक्टूबर के दिन किया गया था। संयोजको को यह उम्मीद थी कि पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे सहित बड़े नेता उत्तर प्रदेश पहुँचकर इस कार्यक्रम को बड़ा फ़लक देंगे लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। क्योंकि इसी बीच बड़े नेताओं की व्यस्तता चुनावों में हो गई। इस कारण वो आ नहीं सके। इस कार्यक्रम में दलित बहुल आबादी वाले गांवों में चौपाल लगाने और दलितों को कांग्रेस की नीतियों के बारे में वाकिफ करवाया जाना है। योजना की मुताबिक संयोजकों की मंशा थी कि इसमें खडगे समेत गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाड़ी, महाराष्ट्र की विधायक प्राणीति शिंदे सरीखे नेताओं को बुलाकर एक दलित चिंतक माहौल बनाया जाएगा। इसके लिए मंडल स्तर पर एक-एक बड़े नेता की सभा करवाने की योजना थी, ताकि ज्यादा से ज्यादा दलितों को कांग्रेस की तरफ प्रभावित किया जा सके। कार्यक्रम में दलित अधिकार मांग पत्र भी भरवाए जा रहे हैं। हर विधान सभा क्षेत्रों में एक कोर ग्रुप बनाया जा रहा है ताकि उसके माध्यम से कांग्रेस की नीतियों को प्रसारित किया जा सके। इस कार्यक्रम का समापन संविधान दिवस 26 नवंबर को करने की योजना है। इस मौके पर संयोजक चाहते हैं कि कम से कम समापन पर ही सही एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाये जिसमें बड़े नेताओं को लाने की कोशिश की जाये। ऐसा हो गया तो मुहिम की सार्थकता प्रमाणित हो जाएगी।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *