Responsive Menu
Add more content here...
August 9, 2026
ब्रेकिंग न्यूज

Sign in

Sign up

यूपी में अब नहीं हो सकेगा अवैध निर्माण…

By Shakti Prakash Shrivastva on January 7, 2023
0 522 Views

शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

तू डाल-डाल मै पात-पात.. कुछ इसी तर्ज पर उत्तर प्रदेश में अभी तक सरकारी एजेंसियों और अवैध निर्माण करने वालों के बीच रिश्ते फल-फूल रहे थे। लेकिन अब ऐसे रिश्तों की उम्र पूरी हो गई है। इन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रदेश में प्रवर्तन से जुड़ी नई गाइड लाइन तैयार की जा रही है। तैयार हो रही गाइडलाइन की मुताबिक प्रवर्तन का काम देख रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की अब सीधी जिम्मेदारी तय की जा रही है। ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि अब कोई अधिकारी या अभियंता अपने कार्यकाल में हुए अवैध निर्माण के लिए किसी दूसरे को जिम्मेदार नही ठहरा सकेगा। बाकायदा इसके लिए एक मसौदा भी तैयार किया गया है। इस बाबत यह भी प्रावधान किया जा रहा है कि अवैध निर्माण रोकने की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों को ट्रांसफर होने पर अपने कार्यकाल में हुए निर्माणों का बाकायदा लिखित ब्यौरा देना होगा।

प्रदेश में सरकार ने पिछले दिनों महसूस किया कि हर तरह के सख्त नियम व प्रावधान होने के बावजूद भी प्राधिकरण क्षेत्रों  में अवैध निर्माणों की तादाद घटने की बजाय लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सरकार के मंशानुरूप आवास विभाग द्वारा अवैध निर्माणों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए प्रवर्तन की नई गाईडलाइन तैयार कराई जा रही है। नई गाईडलाइन में क्षेत्रीय स्तर पर तैनात सुपरवाइजर, अवर और सहायक अभियंताओं के साथ ही जोनल अधिकारियों की जिम्मेदारियाँ तय की जा रही हैं। ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है कि ट्रांसफर होने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को इस बात का भी प्रमाणपत्र देना होगा कि उनके कार्यमुक्त होने के दिन तक उनके कार्य क्षेत्र में कितनी कालोनियाँ या निर्माण हैं जो अवैध है। इसकी पुष्टि के लिए गूगल मैपिंग भी कराई जाएगी। नयी व्यवस्था को लागू करने के लिए इस संबंध में प्रदेश भर के सभी विकास प्राधिकरणों से अवैध निर्माणों की ताजा स्थिति की जानकारी मांगी गई है। प्रस्तावित गाईडलाइन से जहां अवैध निर्माण पर अंकुश लगेगा, वहीं अवैध कॉलोनियों के निवासियों की व्यवहारिक समस्याओं को निस्तारित करते हुए भविष्य में अवैध कालोनियां न बने, इसके लिए कट-ऑफ-डेट घोषित की जाएगी। इस डेट के बाद होने वाले अवैध निर्माण पर चिन्हित संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आवास विभाग द्वारा अवैध कालोनियों को वैध करने के संबंध में हाल में ही दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब व कर्नाटक की संबन्धित नीतियों का अध्ययन भी किया गया है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *