Responsive Menu
Add more content here...
August 11, 2026
ब्रेकिंग न्यूज

Sign in

Sign up

  • Home
  • बिहार / झारखंड
  • यूपी ही नहीं बिहार में भी परवान चढ़ रही चाचा-भतीजे के रिश्ते की राजनीति

यूपी ही नहीं बिहार में भी परवान चढ़ रही चाचा-भतीजे के रिश्ते की राजनीति

By Shakti Prakash Shrivastva on December 13, 2022
0 628 Views

शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव की आवाज में रिपोर्ट सुनने के लिए आडियो बटन पर क्लिक करें।

शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

ये महज एक इत्तेफाक ही है कि उत्तर प्रदेश में जिस तरह समय के तराजू ने एक अरसे से राजनीति में दूर-दूर रह रहे एक परिवार के चाचा और भतीजे को एक पलड़े पर बैठने को मजबूर कर दिया ठीक उसी तरह पड़ोसी राज्य बिहार में भी ऐसे ही एक चाचा-भतीजे को एक पलड़े पर बैठा दिया है। जी हाँ यूपी में हम बात कर रहे हैं नेताजी मुलायम सिंह यादव कुनबे के चाचा शिवपाल यादव और भतीजे अखिलेश यादव की और बिहार में चाचा नीतीश कुमार और भतीजे तेजस्वी यादव की। इन दोनों ही में जहां अखिलेश और शिवपाल सगे चाचा-भतीजा हैं वहीं नीतीश और तेजस्वी में दूर-दूर तक सगा जैसा कोई रिश्ता नही है लेकिन राजनीतिक समझौते भी कभी-कभी रिश्ते बनाती है सो यहाँ इनका रिश्ता भी उसी राजनीति के रिश्तों की डोर से बंधी हुई है। सोमवार को बिहार के नालंदा जिले में डेंटल कॉलेज का शुभारंभ करने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव दोनों ही पहुंचे हुए थे। पिछले दिनों बीजेपी के साथ गठबंधन धर्म के तहत लगातार दो बार से सरकार चला रहे नीतीश अब किन्ही कारणवश बीजेपी से अलग हो लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल और उनके सुपुत्र तेजस्वी यादव के साथ मिलकर बिहार की सरकार चला रहे हैं। साथ आने पर दोनों में बने राजनीतिक रिश्ते अब चाचा–भतीजा जैसे पुकारी रिश्ते में बदल गया है। उदघाटन समारोह को संबोधित करते हुए नीतीश ने भतीजे के रूप में तेजस्वी का जिक्र करते हुए कहा कि इनके लिए जितना करना था कर दिया हूँ लेकिन अभी इनको और आगे बढ़ाना है।

राजनीति के जानकारों की मुताबिक नीतीश के इस सम्बोधन का लब्बो लुआब जो निकलता है वो चंद रोज पहले यूपी के मैनपुरी उपचुनाव के दौरान चाचा शिवपाल यादव के मुंह से भतीजे अखिलेश के लिए निकले उद्गार से मैच करता है। जिसमें चाचा शिवपाल ने नेताजी मुलायम सिंह यादव की अनुपस्थिति में न केवल अखिलेश को छोटे नेताजी के रूप में पुकारे जाने की लोगो से अपील की बल्कि पार्टी सहित अपने भविष्य को भी अखिलेश के साथ होने का संदेश दे गए। इससे ये लगता है कि स्वार्थ के तहत ही सही यूपी और बिहार दोनों ही जगह राजनीति की धुरी चाचा और भतीजे का रिश्ता बन गया है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *