Responsive Menu
Add more content here...
October 9, 2026
ब्रेकिंग न्यूज

Sign in

Sign up

काशी से डिब्रूगढ़ : दुनिया की सबसे लंबी रिवर क्रूज यात्रा 10 जनवरी से

By Shakti Prakash Shrivastva on November 13, 2022
0 674 Views

शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

काशी का नाम दुनिया के प्राचीनतम शहरों में शुमार है। आदिकाल से ही यहाँ ज्ञान और आध्यात्म की विशिष्ट सुर लहरियों तरंगित होती रही हैं। आज भी आधुनिक परिवेश में भी काशी में कुछ न कुछ नया होता ही रहता है। खासकर जबसे यह शहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र के रूप में चुना गया। काशी कारीडोर, गंगा सफाई, सड़कों-घाटों का पुनर्निर्माण, विश्व स्तरीय सुविधाओं की स्थापना आदि बहुत सारे ऐसे कार्या हैं जो आज काशी की झांकी में चार चाँद लगा रहे हैं। शुक्रवार को काशी पहुंचे सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविदास घाट पर गंगा विलास क्रूज के टाइम टेबुल का विमोचन किया। टाइम टेबुल के लिहाज से PPP माडल पर संचालित होने वाला यह रिवर क्रूज दुनिया की सबसे लंबी रिवर क्रूज यात्रा पर 10 जनवरी 2023 को निकलेगा। डिब्रूगढ़ (आसाम) तक की यात्रा करने वाला यह क्रूज सफर में कुल 52 दिन लेगा। यह यात्रा भारत व बांग्लादेश के 27 रिवर सिस्टम से होकर गुजरेगी तथा 50 से अधिक अहम जगहों पर रुकेगी, जिनमें विश्व विरासत स्थल भी शामिल हैं।
यह राष्ट्रीय उद्यानों एवं अभ्यारण्य से भी गुजरेगा, जिनमें सुंदरबन डेल्टा और काजीरंगा नेशनल पार्क भी शामिल हैं। क्रूज पर गीत संगीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जिम आदि सुविधाएं होंगी। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के मुख्य अभियंता रविकांत ने बताया कि गंगा विलास भारत में निर्मित पहला जलयान है। यह आधुनिक सुविधाओं से युक्त और पूरी तरह सुरक्षित है। क्रूज 80 पर्यटकों को लेकर 32 सौ किलोमीटर की यात्रा 52 दिनों में पूरा करेगा। यह यात्रा एक ही जलयान द्वारा की जाने वाली दुनिया की सबसे लंबी यात्रा होगी। गंगा विलास जलयान में 18 सुइट्स होंगे। यह क्रूज वाराणसी से अपनी यात्रा शुरू करेगा और बक्सर, रामनगर, गाजीपुर से गुजरते हुए 8वें दिन पटना पहुंचेगा। पटना से यह 20वें दिन कोलकाता पहुंचेगा। अगले दिन यह बांग्लादेश की सीमा में प्रवेश करेगा। 15 दिन यह बांग्लादेश की जलसीमा में रहेगा। वहां से यह कोलकाता आएगा और बोगीबील (डिब्रूगढ़) पहुंचेगा। वाराणसी-डिब्रूगढ़ क्रूज को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर चलाया जाएगा। क्रूज की टिकट की कीमत इसे चलाने वाली कंपनी ही निर्धारित करेगी। जलयान प्राधिकरण गंगा नदी पर 62 लघु सामुदायिक घाटों का विकास व अपग्रेड कर रहा है। इनमें से 15 यूपी में, 21 बिहार में, 3 झारखंड में और 23 पश्चिम बंगाल में हैं।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *