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रिटायरमेंट के बाद भी अवनीश का रुतबा रहेगा कायम !

By Shakti Prakash Shrivastva on August 20, 2022
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

उत्तर प्रदेश के सबसे मजबूत माने जाने वाले नौकरशाहों में शुमार आईएएस अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी इस महीने की 31 तारीख यानि 31 अगस्त को रिटायर हो रहे हैं। यहाँ यह बताना मुनासिब होगा कि किसी अधिकारी के रिटायर होने की सूचना उतनी महत्वपूर्ण नही होती जितनी महत्वपूर्ण होती है उसके रिटायर होने के बाद की उसकी प्रभावी भूमिका संबंधी सूचना। उसमें भी एक तो सरकार के हवाले से आने वाली अधिकृत सूचना होती है और एक होती है संबंधित व्यक्ति के कार्यकाल के दौरान उसके प्रभाव को देखते हुए उसके भावी भूमिका को लेकर लगने वाले कयास संबंधी सूचना। 1987 बैच के आईएएस अधिकारी और वर्तमान में प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी के रिटायरमेंट को लेकर भी कुछ ऐसी ही कयासबाजी सत्ता के गलियारे में इन दिनों खासी सुर्खियां बटोर रहा है। क्योंकि श्री अवस्थी की गिनती सख्त तेवर वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विश्वसनीय अधिकारियों में की जाती है। इस कयास के वाजिब आधार भी है क्योंकि मुख्यमंत्री की टीम 11 की बात हो या टीम 9 की श्री अवस्थी सबमें मौजूद रहे हैं। इसके अलावा उनके पास प्रदेश के महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारियाँ भी लगातार रही है। मौजूदा बीजेपी सरकार की प्राथमिकता को देखते हुए प्रदेश का महत्वपूर्ण गृह विभाग हो या सतर्कता, जेल प्रशासन और सुधार, गोपन, वीजा पासपोर्ट हो या धार्मिक कार्य। पिछले लगभग तीन साल से भी अधिक समय से इन विभागों की जिम्मेदारियाँ श्री अवस्थी के कंधों पर ही है। योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में उत्पन्न बिजली संकट को देखते हुए सरकार ने ऊर्जा जैसे अति महत्वपूर्ण विभाग को भी पिछले दिनों श्री अवस्थी के हवाले कर दिया। इन जिम्मेदारियों के अलावा सरकार के महत्वाकांक्षी एक्स्प्रेसवे परियोजनाओ की भी जिम्मेदारी 2017 से श्री अवनीश को सौंपते हुए इन्हें यूपीडा (यूपी एक्स्प्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथारिटी) और उपसा (यूपी स्टेट हाइवेज अथारिटी) का सीईओ बनाए रखा। इन सभी जिम्मेदारियों संबंधी सरकार की कसौटी पर श्री अवस्थी, न केवल खरा उतरे बल्कि कई नए प्रतिमान भी कायम किये। उनके इन्ही सब काबिलियत को देखते हुए सत्ता के गलियारों में इस बात की चर्चा है कि या तो श्री अवस्थी का कार्यकाल बढ़ाया जाएगा या राज्य सरकार अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए इन्हे किसी राज्य सरकार के उपक्रम आदि का चेयरमैन बनाकर राज्य में इनको प्रभावी बनाए रख सकती है। जन्माष्टमी के दिन 19 अगस्त को ही श्री अवस्थी का जन्मदिन भी था। इस मौके पर राज्य सरकार के प्रभावी नौकरशाहों-राजनेताओं सहित अलग-अलग क्षेत्र के बड़ी संख्या में विशिष्ट जनों ने जिस तरह श्री अवस्थी से न केवल मुलाकात की बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनायें दीं। इसे देख कर उनके आगे भी प्रभावी बने रहने की उम्मीद साफ दिख रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के व्यक्तित्व की कुछ खूबियाँ भी श्री अवस्थी के मामले में प्रभावी भूमिका अदा करेंगी। जानकारों की मुताबिक मुख्यमंत्री योगी की एक खासियत यह भी है कि वो जिसके कार्य व्यवहार से प्रभावित रहते हैं अवसर मिलने पर उन्हे अवश्य अनुभव से कुछ बेहतर करने का मौका देते हैं। उदाहरण के लिए एक दशक पहले तक गोरखपुर में पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जन संपर्क अधिकारी रहे अमित सिंह आज मुख्यमंत्री के सचिव हैं। गोरखपुर में बतौर मुख्य विकास अधिकारी रहे संजय प्रसाद मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव हैं। गोरखपुर में ही पत्रकारिता करने वाले हर्षवर्धन शाही जहां सूचना आयुक्त है वहीं मृत्युंजय सिंह मीडिया सलाहकार हैं। गोरखनाथ मंदिर के सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े रहे लोकगायक राकेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के सदस्य हैं। ऐसे और भी कई नाम हैं जिनकी विशिष्टता को देखते हुए योगी ने उन्हे सरकार में समायोजित करते हुए उनके अनुभव से जनसामान्य को लाभान्वित करने का मौका दिया है। ऐसे में 2002-03 में गोरखपुर के जिलाधिकारी रहते हुए श्री अवस्थी ने अपनी दक्षता की जो छाप योगी के मानस पटल पर छोड़ी थी। आज उसी की देन है कि उन्हें इतने अहम भूमिका में रखा गया है। इसलिए इस बात की भी संभावना अधिक है कि योगी, श्री अवस्थी को प्रभावी भूमिका में बनाए रखने के लिए कुछ न कुछ अवश्य करेंगे।

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