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आखिर क्यों घटे डीजल और पेट्रोल के दाम…

By Shakti Prakash Shrivastva on November 4, 2021
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नयी दिल्ली, (संवाददाता)। दिवाली से ठीक एक दिन पहले एक्साइज ड्यूटी में केंद्र सरकार की ओर से की गई कटौती के बाद पेट्रोल-डीजल के दामों में कमी आई है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर 5 रु. और डीजल पर 10 रु. एक्साइज ड्यूटी कम करने का ऐलान किया है। नई कीमतें बुधवार से लागू हो गई हैं। सरकार के इस फैसले से कई सवाल उठ रहे हैं। जैसे सरकार ने दाम कम करने का फैसला इस समय क्यों लिया? इस कटौती से सरकार की कमाई पर कितना असर होगा? पेट्रोल-डीजल की कीमतों की बढ़ोतरी का सीधा असर महंगाई पर पड़ता है। महंगाई बढ़ने से ग्रोथ प्रभावित होती है। ऐसे में महंगाई को कम करने के लिए जरूरी था कि केंद्र सरकार कीमतों में कटौती करे। जाने-माने वित्त विशेषज्ञों की मुताबिक ‘2020 में कोराना महामारी की वजह से इकोनॉमिक एक्टिविटी पूरी तरह से ठप पड़ गई थी। पेट्रोल-डीजल की खपत घटकर 35% के करीब रह गई थी। इसका मतलब था कि सरकार के पास रेवेन्यू बहुत कम आ रहा था। ज्यादातर देशों में लॉकडाउन की वजह से क्रूड ऑयल के दाम भी काफी नीचे आ गए थे। ऐसे में सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने की जगह एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी थी, ताकि रेवेन्यू बढ़ाया जा सके।’ मार्च से मई-2020 के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर 13 रुपए और डीजल पर 16 रुपए एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई थी। इससे पेट्रोल पर एक्साइज करीब 65% बढ़कर 19.98 रुपए से 32.98 रुपए हो गया था, जबकि डीजल करीब 79% बढ़कर 15.83 रुपए से 28.35 रुपए प्रति लीटर हो गया था। बीते 6 सालों की बात करें तो केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी करीब 250% बढ़ाई है। 2014 में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 9.48 रु. थी, जो अब 27.90 रुपए हो गई। डीजल की एक्साइज ड्यूटी 3.56 रुपए थी, जो अब 21.80 रुपए है। माना जा रहा है कि राज्य सरकारों द्वारा किए गए वैट में कटौती और एक्साइस ड्यूटी में कटौती से पेट्रोल लगभग 8-9 और डीजल लगभग 17-18 रुपया सस्ता हो जाएगा। वित्त विशेषज्ञों की माने तो वित्तीय वर्ष 2022 में इस कटौती से सरकार की आय में लगभग 55 हजार करोड़ कमी का अनुमान है।

 

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