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June 20, 2026
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कांग्रेसी खेवनहार पप्पू और केके!

By Shakti Prakash Shrivastva on August 28, 2025
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                                                                              शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

उत्तर प्रदेश की ही तरह बिहार में भी कांग्रेस के पास खोने के लिए कुछ नहीं है। कांग्रेस आलाकमान भी ये भलीभाँति जानता है कि बिहार में अगर पार्टी को पूर्व की भांति मजबूत बनाना है तो उसे राष्ट्रीय जनता दल को साधना होगा। राष्ट्रीय जनता दल में चूंकि तेजस्वी यादव की भूमिका अहम है। लिहाजा कांग्रेस बिहार में किसी भी मुद्दे पर तेजस्वी को असन्तुष्ट नहीं करना चाहती है। जैसे कांग्रेस को सामयिक तौर पर पप्पू यादव और कन्हैया कुमार की आवश्यकता है लेकिन तेजस्वी इन्हे बहुत पसंद नहीं करते है। हालांकि कांग्रेस ने पप्पू यादव के लिए तो तेजस्वी को मना लिया है। लेकिन कन्हैया कुमार को मुख्यधारा में लाने का अवसर नहीं ला पा रही है।

पिछले दिनों विपक्ष के भारत बंद आह्वान के तहत जब बिहार बंद कराया जा रहा था तो उस समय पप्पू यादव और कन्हैया कुमार को मंच पर बैठाने की बजाय उन्हे चढ़ने भी नहीं दिया गया। धक्का मुक्की का वीडियो सोशल मीडिया पर खासा सुर्खियों में रहा। कांग्रेस हाइकमान ने बाद में ये एहसास किया कि ये दोनों ही कांग्रेस के बेहतर भविष्य के लिए जरूरी हैं। बिहार में कन्हैया कुमार की लोकप्रियता के नाते तेजस्वी यादव को वो राह का रोड़ा लगते हैं। इस संदर्भ में तेजस्वी को स्थानीय पुराने काँग्रेसियों का समर्थन भी हासिल है। जिससे इन लोगों को कन्हैया और कृष्णा अल्लावरु की सक्रियता अखरने लगी। यही वजह है कि इन लोगों ने पप्पू और कन्हैया को राहुल गांधी का मंच तक शेयर नहीं करने दिया।

कांग्रेस इस बार विधानसभा चुनाव को लेकर खासी आशान्वित है। यही वजह है कि कांग्रेस ने सीमांचल और उसके आस पास प्रभाव रखने वाले सांसद पप्पू यादव को महागठबंधन में अपने साथ जोड़ा। पप्पू यादव के रूप में एक सशक्त नेता के साथ में आने से महागठबंधन की राजनीति को बल तो मिलेगा ही। साथ ही कांग्रेस को बिहार के जातीय समीकरण में फिट बिठाने का सशक्त कारण भी साबित होगा। बिहार की राजनीति के पैच वर्क में लगे कांग्रेस नेता और उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का अगला होमवर्क कन्हैया कुमार को तेजस्वी यादव की नजरों में स्वीकृति दिलाना है। चर्चा यह है कि राहुल गांधी ने भले मंच पर सीएम के नाम पर चुप्पी साध ली है लेकिन सियासी गलियारे में यह चर्चा है कि राहुल गांधी ने सियासत की बारीकियों को समझते हुए तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने का लालच दे उसे अपने इस बिंदु पर साथ कर लिया है। अब राहुल जल्द ही तेजस्वी की तरह ही कन्हैया कुमार को भी सभी का प्रिय बनाते हुए अपना काम निकलवा लेंगे।

मिली जानकारी की मुताबिक राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर तेजस्वी यादव को समझा लिया है। अब जल्द ही समय और तय तारीख का भी खुलासा हो जाएगा। संभावना यह जताई जा रही है वोट अधिकार यात्रा के समापन के बाद किसी एक बड़ी रैली का आयोजन कर उसी मंच पर राहुल गांधी की मौजूदगी में कन्हैया कुमार को बुलाकर जनता के सामने उनकी वापसी किया जाएगा।

 

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