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June 20, 2026
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दौरा से लगा कयासों को विराम

By Shakti Prakash Shrivastva on April 4, 2025
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                                                                                      शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

जबसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नागपुर जाने का कार्यक्रम तय हुआ थ तभी से मीडिया में उनके दौरे को लेकर तरह-तरह की कयासबाजी होने लगी थी। कहीं कहा जा रहा था कि मोदी का नागपुर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत से मिलना देश की सियासी कैनवास पर बढ़ी घटना साबित होगा। चमत्कारिक तरीके से भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बहुप्रतीक्षित नाम पर मुहर लगेगी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर चल रही अटकलों को भी विराम मिलेगा। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नागपुर गए निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार संघ कार्यालय भी पहुंचे। सामान्य शिष्टाचार के तहत संघ प्रमुख से मुलाकात हुई। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ जिसकी मीडिया में चर्चा चल रही थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी 2014 में पहली बार देश के प्रधानमंत्री बनने के लगभग ग्यारह वर्षों बाद नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मुख्यालय पहुंचे। अटल बिहारी वाजपेयी के बाद संघ मुख्यालय पहुँचने वाले मोदी दूसरे प्रधानमंत्री है। 2000 में अटल जी बतौर प्रधानमंत्री संघ मुख्यालय पहुंचे थे। मोदी ने मुख्यालय में डॉ हेडगेवार स्मृति मंदिर पहुँच संघ के संस्थापकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वहाँ वो दीक्षा भूमि भी गए जहां डॉ भीमराव अंबेडकर ने 1956 में अपने हजारों अनुयायियों के साथ बोद्ध धर्म अपनाया था। उन्होने माधव नेत्रालय नेत्र संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र के नए विस्तार भवन प्रीमियम सेंटर की आधारशिला भी रखी। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयंसेवक देश के विभिन्न क्षेत्रों एवं हिस्सों में निःस्वार्थ भाव से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संघ भारत की अमर संस्कृति और आधुनिकीकरण का वटवृक्ष है, जिसका आदर्श और सिद्धांत राष्ट्रीय चेतना की रक्षा करना है। यह विशाल वटवृक्ष कोई साधारण वटवृक्ष नहीं है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ सेवा का पर्याय है। विगत सौ वर्षों में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अपने संगठन के साथ की गई तपस्या का फल मिल रहा है। क्योंकि देश 2047 में विकसित भारत के लक्ष्य के करीब पहुँच रहा है। मोदी ने कहा कि 2025 से 2047 तक का समय बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि हमारे सामने बड़े लक्ष्य है। हमें अगले 1000 साल के मजबूत और विकसित भारत की आधारशिला रखनी है। यह भी कहा कि राष्ट्र इस वर्ष संविधान की 75 वीं वर्षगांठ माना रहा है और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अपनी स्थापना के सौ वर्ष पूरे कर रहा है। इस मौके पर मौजूद संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि माधव नेत्रालय ने लोगों के कल्याण के लिए कई वर्षों तक कड़ी मेहनत की है। यह संघ की निःस्वार्थ सेवा की विचरधारा से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि यह अच्छा नहीं लगता है कि लोग स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं। इसलिए संघ के स्वयं सेवकों ने माधव नेत्रालय मे जरूरतमंदों को दृष्टि प्रदान करने के लिए निःस्वार्थ भाव से काम किया है। यह भी कहा कि संघ के स्वयं सेवक अपने लिए कुछ नहीं चाहते है बल्कि समाज के लिए काम करते हैं।

इस तरह के आयोजनों के बीच आखिरकार प्रधानमंत्री मोदी का नागपुर दौरा सम्पन्न हो गया। लेकिन वो कुछ नहीं हुआ जिसकी कयासबाजी पखवारे भर से मीडिया की सुर्खियां बनी हुई थीं।

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