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महाकुंभ में सबको फायदा, जानिए किसको हुआ नुकसान ?

By Shakti Prakash Shrivastva on April 4, 2025
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                                                                      शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

एक सौ चवालीस वर्षों बाद आने वाले इस सदी के इकलौते महाकुंभ में 66.30 करोड़ श्रद्धालुओं ने प्रयागराज पहुँच गंगा-यमुना-सरस्वती के पवित्र संगम में स्नान कर पुण्य लाभ की प्राप्ति की। प्रदेश सरकार समेत महाकुंभ मेला प्रशासन की माने तो इस साल 13 जनवरी से 26 फरवरी तक चले इस महाकुंभ में करोड़-करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। दातुन बेचने वाले से लेकर चाय बेचने वाले तक के करोड़पति बनने की खबरे मीडिया की सुर्खियां बनी। लेकिन इसके ठीक विपरीत महाकुंभ आयोजन से जुड़ा एक अति महत्वपूर्ण विभाग ऐसा भी है जो घाटे में रहा। वो विभाग है रेलवे। रेलवे के घाटे का खुलासा राज्यसभा की कार्रवाई के दौरान हुआ।

संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में राज्यसभा में पेश हुए एक सूचना से यह जानकारी मिली कि भले ही करोड़ों-करोड़ लोगों को महाकुंभ के चलते कई गुना आर्थिक लाभ हुआ हो। लेकिन भारतीय रेलवे की जहां तक बात है तो वो महाकुंभ के दौरान घाटे में रही। क्योंकि इस दौरान भारतीय रेलवे की संपत्ति को काफी नुकसान हुआ। एक प्रश्न के जवाब में रेल मंत्रालय ने राज्यसभा को बताया कि 13 जनवरी से महाकुंभ के समापन के बीच रेलवे विभाग ने अनुमानित 120-150 मिलियन तीर्थयात्रियों को सेवाएं दीं। इसके लिए रेलवे को 13,667 ट्रेनें चलानी पड़ी। इस अनावश्यक खर्च के अलावा महाकुंभ के दौरान विभिन्न स्टेशनों पर रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की 23 घटनाएं सामने आईं है। इसके अलावा भीड़ भाड़ के कारण 22 ट्रेनें क्षतिग्रस्त हो गईं थी। इन सबके चलते रेलवे को लगभग 3.13 लाख रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ। इस संबंध में 11 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। रेल मंत्री ने बताया कि महाकुंभ के दौरान हुए नुकसान में ट्रेन के डिब्बों के टूटे हुए दरवाजे और टूटी हुई खिड़कियां शामिल हैं। प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर संभावित उपद्रवियों पर नजर रखने के लिए 1200 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जिनमें से 116 फेशियल रेकेग्निशन टेक्नोलॉजी से लैस थे। रेलमंत्री ने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि, रेल अधिनियम, 1989 की धारा 124 और धारा 124-ए (धारा 123 के साथ पठित) के तहत परिभाषित रेल दुर्घटनाओं और अप्रत्याशित दुर्घटनाओं में रेल यात्रियों की मृत्यु या घायल होने पर रेलवे मुआवजा देता है, जिसका निर्णय रेल दावा अधिकरण द्वारा पीड़ितों या उनके आश्रितों द्वारा आरसीटी के समक्ष दायर किए गए दावे के आवेदन के आधार पर किया जाता है।

रेल प्रशासन तब मुआवजा देता है जब आरसीटी द्वारा दावेदार के पक्ष में निर्णय दिया जाता है और रेलवे उस आदेश को लागू करने का निर्णय लेता है। इस क्रम में 15 फरवरी 2025 को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ में 33 पीड़ितों या उनके परिवार के सदस्यों को 2.01 करोड रुपये की अनुग्रह राशि का भुगतान किया गया है।

रेलमंत्री ने कहा कि, कुंभ को देखते हुए रेलवे ने आरपीएफ और राजकीय रेलवे पुलिस के 15000 कर्मियों को तैनात किया गया था। साथ ही यात्रियों की आवाजाही और ट्रेन परिचालन को सुविधाजनक बनाने के लिए अयोध्या, दीन दयाल उपाध्याय और पटना स्टेशनों जैसे प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए थे।

इस तरह कुल मिलाकर महाकुंभ में जहां हर व्यापारी ने चमत्कारिक तरीके से मुनाफा कमाया। वहीं रेलवे जैसा बड़ा विभाग घाटे में रहा।

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