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नेपाल में हुई हिंसा ने जलाई हिंदुस्तानियों के पेट की आग

By Shakti Prakash Shrivastva on October 7, 2023
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

                                नेपाल की पहचान दुनिया के शांतिप्रिय देशों में होती है। अमूमन ऐसा देखा गया है की नेपाल के निवासी भी शान्त रहते हैं। लेकिन पिछले दिनों यूपी के बहराइच से सटे नेपाल का हिस्सा अचानक अशांत हो गया। हुआ ये कि नेपाल के बांका जिले में सद्भावना रैली का आयोजन मंगलवार को किया गया था। अचानक रैली में शामिल कुछ लोगों के बीच मारपीट हो गई और बाद में बात इतनी बढ़ गई कि वह मारपीट अच्छा खासा बवाल का रूप ले लिया। चारों तरफ हिंसा की वारदातें होने लगी। अभी भी नेपाल सीमा पर स्थितियाँ सामान्य नहीं है। लेकिन नेपाल के अंदर हुई इस हिंसक वारदात का दुखद पहलू जो अपने देश से जुड़ा हुआ है वो ये है कि भारतीय व्यापारियों का एक बड़ा तबका बाजार बंद होने के चलते आर्थिक तंगी का शिकार होता जा रहा है। नेपाल सीमा से लगे भारतीय क्षेत्र के व्यापारियों की बड़ी संख्या है जो वहाँ पर व्यापार करता है। वही के व्यापार की बदौलत उनके घर का चूल्हा जलता है। हिंसात्मक घटनाओं से उपजी स्थिति से चंद दिनों की इस बंदी ने ही उन व्यापारियों की कमर तोड़ दी है।

रैली के दौरान जब आपस में मारपीट शुरू हुई तो उस समय किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह मारपीट इतना बड़ा हिंसक रूप ले लेगा। देखते ही देखते उपद्रवियों ने दुकानों और गाड़ियों को आग के हवाले करना शुरू कर दिया। उधर से गुजरने वाले सामान्य राहगीरों तक को नही बख्शा। उनसे भी मारपीट की गई। उपद्रवियों को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोलों और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गोलियां तक चलानी पड़ी। इस हिंसा में अब तक दर्जन भर से अधिक  लोग घायल हो चुके हैं। जिसमें कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। हिंसा की वजह से घटनास्थल बांका में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। इसके चलते सभी स्कूल-कॉलेज और दुकानें बंद कर दिए गए हैं। आपसी सद्भाव बढ़ाने के पवित्र उद्देश्य के साथ हिन्दू संगठन की तरफ से पिछले मंगलवार को यह सद्भावना रैली निकाली जा रही थी। सामान्य तरीके से शांतिपूर्ण तरीके से निकल रही रैली में आपसी झड़पों के बीच अचानक दूसरे समुदाय के कुछ अराजकतत्वों की तरफ से कुछ पत्थरबाजी कर दी गयी। इसी के बाद से वहाँ हिंसा भड़क गई। नेपाल में हुई इस हिंसात्मक वारदात के बाद बॉर्डर पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। हिंसा को देखते हुए यूपी की सीमा पर कर्फ्यू लगा दिया गया है। सीमा से लगे पांच थानों की पुलिस व सशस्त्र सीमा बल के जवानों ने भी अपनी दैनिक गश्त बढ़ा दी है। बॉर्डर से सटे सभी पुलिस थानों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

भारतीय सीमा से लगे बांका के नेपालगंज में भड़की हिस्सा को लेकर देश का गृह मंत्रालय भी नजरें बनाए हुए हैं। मंत्रालय के सूत्रों की मुताबिक गृह मंत्रालय की ओर से भी आवागमन और हालात की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। हर 12 घंटे पर रिपोर्ट गृह मंत्रालय को दी जा रही है। बहराइच जिले के कप्तान  प्रशांत वर्मा की मुताबिक नेपालगंज की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सीमा से लगे पांचों थाने, पुलिस चौकियां अलर्ट मोड में हैं। कप्तान श्री वर्मा की मुताबिक औसतन भारत नेपाल सीमा पर प्रतिदिन दोनों देशों के बीच 1 लाख लोगों और दस हजार वाहनों का आवागमन होता है। मंगलवार दोपहर 1 बजे कर्फ्यू के आदेश जारी होने के बाद से नेपाली सीमा पर भारतीयों को नेपाल जाने से रोक दिया गया। वहीं पहले से भारतीय क्षेत्र में आ गए नेपालियों को नागरिकता प्रमाण पत्र देखकर उन्हें नेपाल जाने की परमिशन दी जा रही है। भारत नेपाल सीमा पर रुपईडीहा और नेपालगंज दो प्रमुख बाजार माने जाते हैं। जहां पर व्यापारिक दृष्टिकोण से काफी खरीद-बिक्री होती है। हिंसा के चलते दोनों सीमा क्षेत्र में कारोबार भी पूरी तरह से ठप हो गया। व्यापारियों की माने तो रोज यहां पर 5 से 10 करोड़ रुपए का व्यापार दोनों देशों के बीच होता है। आवागमन ठप होने से भारत-नेपाल सीमा पर आयात और निर्यात करने वाले वाहनों की लंबी कतार लग गई है। इनमें फंसे सैकड़ों वाहनों को प्रतिदिन औसतन 5000 से 10000 रूपए के हिसाब से किराया भी देना पड़ेगा। हालांकि स्थितियाँ धीरे-धीरे सामान्य होने की ओर अग्रसर है और जिस तरह दोनों देशों की तरफ से शांति बहाली के प्रयास हो रहे है माना जा सकता है कि जल्द ही स्थितियाँ पूर्ववत सामान्य हो जाएंगी।

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