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मुख्तार के भाई अफजाल हुए भाजपाई!

By Shakti Prakash Shrivastva on January 21, 2023
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड़ड़ा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शुक्रवार को गाजीपुर पहुँचने पर बहुजन समाज पार्टी के स्थानीय सांसद और माफिया मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी ने जिस तरह दोनों नेताओं का खैर मकदम किया है। उसने सियासी जानकारों को पूर्वाञ्चल की सियासत के बदल रहे तस्वीर का विश्लेषण करने को मजबूर कर दिया है। अफजाल ने कहा कि वो बतौर सांसद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड़ड़ा का स्वागत करते हैं। इतना ही नहीं उन्होंने इन दोनो शीर्ष नेताओं से अपेक्षा भी की है कि गाजीपुर में विश्वविद्यालय  खोलने, सेना भर्ती केंद्र बनाने सहित नंदगंज चीनी मिल आदि के बाबत सरकार की तरफ से जल्द ही सकारात्मक कदम उठाया जाएगा।

श्री नड़ड़ा के बारे में उन्होंने कहा कि बतौर भाजपा अध्यक्ष अपना कार्यकाल पूरा करने और सेवा विस्तार के बाद गाजीपुर आने का उनका निर्णय स्वागत योग्य है। जनपद में दोनों नेताओं के आगमन को उन्होंने शुभ अवसर बताया। भाजपा के धुर विरोधी रहे अफजाल के इस बदले सुर को अलग-अलग सियासत के जानकार अलग-अलग व्याख्या कर रहे हैं। कुछ का मानना है कि अफजाल ने अपनी पार्टी कौमी एकता दल का पहले ही बहुजन समाज पार्टी में विलय कर लिया था। और बहुजन समाज पार्टी का मौजूदा सियासी हाल किसी से छुपा  नहीं है। आज वो अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। इलाकाई राजनीति में खासा दखल रखने वाले छोटे भाई मुख्तार अंसारी भी जेल में बंद है। उनकी भी मुश्किलें कम होने की बजाय लगातार बढ़ रही है। ऐसे में संभवतः अफजाल के पास सुर बदलने के अलावा कोई चारा नहीं है। सो न चाहते हुए भी उन्हे ऐसा करना पड़ रहा है। हालांकि मीडिया के सवालों के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा में भय का माहौल है। 2019 का लोकसभा चुनाव और 2022 का विधानसभा चुनाव में मिली हार को वो पचा नहीं पा रही है।

इसके बावजूद अफजाल अंसारी को सरकार से उम्मीद है कि नंदगंज चीनी मिल और बहादुरगंज की सूत मिल चालू होगी। उन्हे यह भी उम्मीद है कि गाजीपुर में सेना की भर्ती के लिए होने वाली भर्ती रैली को फिर सरकार चालू करेगी। सियासत इसी को कहते हैं। यहाँ कौन, कब, क्या निर्णय लेगा इसका पूर्वानुमान लगाना असंभव है।

 

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