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April 18, 2026
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कार्यकर्ताओं के महाराज मंत्री संजय निषाद!

By Shakti Prakash Shrivastva on August 25, 2023
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

                           उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार में कैबिनेट मंत्री है डॉ. संजय निषाद। 2017 के विधानसभा चुनाव के पहले अस्तित्व में आई निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल यानि निषाद पार्टी के ये मुखिया भी है। अपने पहले ही विधानसभा चुनाव जो 2022 में हुआ उसमें सत्तारूढ़ दल से गठबंधन कर अपने हिस्से में मिले 16 सीटों में 11 पर इन्होंने जीत हासिल की थी। इस सुखद और चमत्कारी परिणाम से रातों-रात डॉ संजय निषाद अपने बिरादरी के सबसे बड़े रहनुमा बन गए थे और कार्यकर्ताओं के लिए एक महाराज। उनका एक बेटा सांसद, दूसरा बेटा विधायक और स्वयं विधान परिषद सदस्य बन सरकार में मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री बन गए। लेकिन कहते हैं न कि अचानक मिली अनापेक्षित प्रभाव इंसान को मदांध कर देती है। अगर समय-समय पर संजय निषाद से संबंधित वायरल हुए सभी वीडियो को यदि सच माना जाए तो यह कहा जा सकता है कि कहीं न कहीं संजय अवचेतन में पल रहे अपने राजसी ख्वाब को हकीकत मान ‘महाराजी व्यवहार’ भी करने लगे हैं। उनसे जुड़ी हालिया जो तस्वीर वायरल हुई है। उसमें संजय निषाद कार्यकर्ताओं से पैर दबवाते दिख रहे हैं। बाकायदे मंत्री डॉ संजय निषाद सोफ़े पर दोनों पैर सामने की ओर फैलाकर आराम फरमा रहे हैं। हाथों में मोबाइल है और पैरों के दोनों तरफ बैठे दो लोग उनका पैर दबा रहे हैं। मिली जानकारी पर यकीन करें तो पैर दबा रहे दोनों शख्स उनके पार्टी के कार्यकर्ता हैं। महाराजा की माफिक आराम फरमा रहे मंत्रीजी की यह तस्वीर खासा सुर्खियां बटोर रहा है।

ऐसा नहीं है कि मंत्री संजय निषाद से संबंधित यह कोई पहली  तस्वीर या वीडियो है जो सुर्खियों में है। इसके पहले भी गुरु पूर्णिमा के मौके पर इनका एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें डॉ संजय को भगवान मान पार्टी कार्यकर्ता उनकी आरती उतारते हुए पूजा-अर्चना कर रहे हैं। एक ऐसा भी वीडियो डॉ संजय निषाद से जुड़ा हुआ एक बार वायरल हुआ था जिसमें वो अपनी गाड़ी से उतर कर एक पगडंडी पर चलते हुए दिख रहे हैं। पगडंडी पर कीचड़ होने के चलते मंत्री जी के पैर में या उनके चप्पल में कीचड़ न लग जाए कार्यकर्ता उनके पैरों के नीचे जूट का बोरा बिछाते दिख रहे हैं। यह दृश्य देख ऐसा लग रहा था मानो गांवों-देहात में जब घर में नई-नवेली दुल्हन शादी के बाद आती है तो उसके पाँव सीधे जमीन पर नहीं रखने की परंपरा है। उसके लिए बांस से बनी गोलाकार दौरी को पैरों के नीचे रखा जाता है। ठीक उसी तरह संजय के लिए कार्यकर्ता पैरों के नीचे दौरी की जगह बोरा रख रहे हैं। डॉ संजय निषाद की इन तस्वीरों की सियासी गलियारे में चटखारे ले-ले कर चर्चाएं की जाती है। लेकिन इन चर्चाओं को लेकर संजय निषाद किसी तरह का कोई दबाव महसूस नहीं करते है। बल्कि कभी चर्चा होने पर बेबाकी से इन स्थितियों का जवाब भी देते हैं। हालांकि पैर दबवाने वाले वायरल तस्वीर के बाबत उनका कोई स्पष्टीकरण अभी तक नहीं आया है। पैर दबवाने वाली तस्वीर पर कांग्रेस ने निशाना साधते हुए ट्वीट कर कहा है कि लगता है मंत्री की आंख का सारा पानी ही सूख गया है। ट्वीट में लिखा है कि ‘पहचान तो रहे ही होंगे इन्हें आप! मंत्री संजय निषाद। कार्यकर्ताओं से पांव दबवाकर फोटोशूट करा रहे हैं। ये आए थे, निषादों का भला करने नाम पर। मगर, सत्ता की हवा ऐसी लगी कि इनकी आंख का सारा पानी ही सूख गया।

अभी ये सब चर्चाएं-कुचर्चाएं चल ही रही थी कि मंगलवार को मंत्री जी अपने ही विभाग के अफसरों पर इतना नाराज हो गए कि प्रमुख सचिव को फोन कर कहा- ‘जितने डिप्टी डॉयरेक्टर रैंक के अधिकारी हैं, उन सभी को अभी सस्पेंड कर सड़क पर ला दो। इनकी मनमानी नहीं चलेगी।’ डीडी स्तर के अधिकारी योजनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जिन लोगों को बीमा और अन्य सुविधााएं मिलनी चाहिए, वह लोग मेरी जांच में इन सुविधाओं से वंचित पाए जा रहे हैं।’ मंत्री जी की हनक की ये भी एक बानगी है। यह वाकया उस समय का है जब मंत्रीजी गोरखपुर के कैंपियरगंज क्षेत्र में 50 करोड़ की लागत से बनने वाले एक्वा पार्क का निरीक्षण करने पहुंचे थे। लेकिन विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति से वो नाराज हो गए थे। वायरल वीडियो में मंत्रीजी बेशक कभी कार्यकर्ताओं के लिए गुरु बन जाते हैं और कार्यकर्ता उनकी आरती उतारते हैं, तो कभी बरसात में कीचड़ में चलने पर पैर गंदा न हो कार्यकर्ता उनके पैरों के नीचे बोरे रखते है तो कभी उनकी थकान दूर करने के लिए उनके कार्यकर्ता उनके पैर दबाते है। लेकिन इन सबके जवाब में मंत्रीजी का यकीन है कि मैं कार्यकर्ताओं की भावनाओं का अनादर नहीं कर सकता। मेरे प्रति मेरे कार्यकर्ताओं की भावनाओं का प्रतिफल है।

 

 

 

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