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कोरोना का नया स्ट्रेन ! आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव होने पर भी कोरोना पॉजिटिव मिल रहे मरीज

By Manoj Kumar Singh on April 18, 2021
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नई दिल्ली(एजेंसी)-कोरोना का नया स्ट्रेन होने की वजह से लक्षण होने के बावजूद बहुत लोगों की आरटीपीसीआर जांच निगेटिव आ रही है। ऐसे में वे खुद को घर पर ही एकांत में रखें।एम्स के मेडिसिन विभाग के डॉक्टर नीरज निश्चल ने बताया कि कई ऐसे मरीज आ रहे हैं जिनमें यह रिपोर्ट निगेटिव हैं, लेकिन हालत गंभीर होने की वजह से उनका हाई रेजोल्यूशन सीटी (एचआरसीटी) किया जा रहा है। इसमें फेफड़ों में कोरोना के गंभीर संक्रमण की पुष्टि हो रही है।दिल्ली एम्स में काम करने वाली एक नर्स को बुखार-खराश हुई। दो बार कोरोना टेस्ट कराया, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव रही। सांस लेने में तकलीफ होने पर सीटी स्कैन कराया तो उनके फेफड़ों में 25% संक्रमण मिला। अस्पताल ने भर्ती कर उन्हें कोरोना मरीज की तरह इलाज दिया गया।

CT Scan से पता चल रहा कोरोना संक्रमण

दरअसल, वायरस में म्यूटेशन की वजह से करीब 20 फीसद मरीजों में कोरोना की सबसे पुख्ता मानी जाने वाली आरटी-पीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। इनमें ज्यादातर की रैपिड जांच भी निगेटिव होती है। रिपोर्ट निगेटिव होने पर भी सीटी स्कैन कराने पर कोरोना संक्रमण के चलते निमोनिया बहुत ज्यादा बढ़ा मिल रहा है।पिछले एक महीने से ऐसे मामले सामने आ रहे हैं कि मरीज गंभीर हालत में अस्पताल आ रहे हैं, जबकि उनकी आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट निगेटिव होती है। पालीवाल कोविड अस्पताल के संचालक डॉ. जेपी पालीवाल ने बताया कि उनके यहां 120 मरीज भर्ती हैं, इनमें करीब 70 ऐसे हैं जिन्हें निमोनिया है, लेकिन जांच रिपोर्ट निगेटिव है।मरीज को तभी भर्ती किया जा रहा है, जब उसके पास कोरोना पॉजिटिव होने की रिपोर्ट हो। ऐसे में इन मरीजों को भर्ती करने में भी परेशानी आ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि परिजन को भी यह मानकर कि उस व्यक्ति को कोरोना है कोरोना वार्ड में भर्ती करने की सहमति देना चाहिए। साथ ही किसी भी अस्पताल को ऐसे मरीजों को भर्ती करने से मना नहीं करना चाहिए।रैपिड और आरटी-पीसीआर की जांच रिपोर्ट निगेटिव होने पर सीटी स्कैन में निमोनिया मिल रहा है। इसकी बड़ी वजह वायरस में म्यूटेशन भी हो सकता है, जिसे मूल वायरस के आधार पर बनी किट पकड़ नहीं पा रही हो।


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