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अगर एमबीबीएस में एडमिशन न मिले तो क्या करें

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गोरखपुर : गोरखपुर.  पेश है करियर से जुड़े सवाल और उनके जवाब। 

अगर एमबीबीएस की पढ़ाई के लिये दी जाने वाली परीक्षा में चयन न हो तो 12वीं में बॉयलोजी पढ़ने वाले छात्र के लिए क्या क्या अवसर बाकी बचते हैं?
 मेहित, बस्ती
 
 अगर एमबीबीएस में सीट नहीं मिलती है तो मेडिकल लाइन की अन्य ब्रांचेज में एडमिशन के बारे में सोचा जा सकता है। होम्योपैथी के लिए बीएचएमएस और आयुर्वेद के लिए बीएएमएस जैसे कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं। फार्मेसी, नर्सिंग, फिजियोथेरपी, बायोटेक्नोलेजी, जूलॉजी, बोटनी, फूड टेक्नोलोजी, फॉरेंसिक साइंस जैसे विषयों में डिग्री हासिल कर करियर बनाया जा सकता है।
कृषि
12 वीं विज्ञान के बाद कोई भी कृषि विज्ञान के इन पाठ्यक्रमों में से भी चयन कर सकता है -
 1। कृषि क्षेत्र में बीएससी
2। कृषि विज्ञान और कृषि प्रबंधन में बीएससी
3। कृषि मौसम विज्ञान में बीएससी
4। कृषि जैव प्रौद्योगिकी में बीएससी
5। कृषि सांख्यिकी में बीएससी
6। कृषि विज्ञान में बीएससी
7। बीएससी (बिजनेस मैनेजमेंट)
8। बीएससी (जैव रसायन और कृषि रसायन)
9। क्रॉप फिजियोलॉजी में बीएससी
10। बीएससी इन एंटॉमोलॉजी
11। कृषि में बीएससी (ऑनर्स)
फोरेंसिक विज्ञान
फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में वैज्ञानिक सिद्धांतों की मदद से अपराध की जांच करना शामिल है। 12वीं के बाद फॉरेंसिक विज्ञान में कैरियर विकल्प के रूप में रुचि रखने वालों के लिये डिग्री और डिप्लोमा कोर्स निम्नवत हैं
1। बीएससी फॉरेंसिक साइंसेस
2। बी।एससी लाइफ साइंस, केमिस्ट्री, फॉरेंसिक साइंस
3। पुलिस कर्मियों के लिए क्रिमिनोलॉजी और फॉरेंसिक साइंस में डिप्लोमा
4। फोरेंसिक विज्ञान में बीएससी
5।  फॉरेंसिक साइंस में डिप्लोमा (बैलिस्टिक एंड फिंगर प्रिंट्स)
6। फॉरेंसिक साइंस में डिप्लोमा (साइबर अपराध)
7। फॉरेंसिक साइंस में डिप्लोमा (कम्प्यूटर फोरेंसिक्स)
 
जैव प्रौद्योगिकी
जैव प्रौद्योगिकी का क्षेत्र आधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ जीव विज्ञान का एक संयोजन है, जिसका उपयोग पर्यावरण, कृषि, फार्मास्युटिकल, ऊर्जा और रसायन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है। 12 के बाद ये हैं जैव प्रौद्योगिकी में डिग्री और डिप्लोमा के अवसर
 1। बायो साइंस इन बायोटेक्नोलॉजी
2। जैव प्रौद्योगिकी और जैव सूचना विज्ञान में बीएससी
3। बी।ई। जैव प्रौद्योगिकी में
4। बीटेक (औद्योगिक जैव प्रौद्योगिकी)
5। बायोटेक्नोलॉजी में डिप्लोमा
 
 
 भूगर्भशास्त्र
भूविज्ञान में रुचि और अध्ययन आपको पर्यावरण सलाहकार कंपनियों, एनजीओ, प्राकृतिक संसाधन सलाहकार कंपनियों, विश्वविद्यालयों और सरकारी एजेंसियों और भारत के भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के साथ काम करने का मौका दे सकता है। भूगर्भ विज्ञान में 12वीं के बाद ये डिग्री और डिप्लोमा कर सकते हैं
 
1। भूविज्ञान में बीएससी विज्ञान
2। बीएससी (ऑनर्स) भूविज्ञान
3। पर्यावरण भूविज्ञान में स्नातकोत्तर डिप्लोमा
4। इंजीनियरिंग भूगर्भ में स्नातकोत्तर डिप्लोमा
5। भूविज्ञान में पीजी डिप्लोमा (भूजल)
 
 
प्राणि विज्ञान
जूलॉजी विविध और विस्तृत क्षेत्र है इसका अध्ययन करने के बाद कोई प्राणी विज्ञानी, व्याख्याता, पक्षी विज्ञानी और वन्यजीव विशेषज्ञ भी बन सकता है। 12 वीं विज्ञान के बाद के कैरियर पर विचार करते समय या जीव विज्ञान में डिग्री के बाद
1। जूलॉजी में बीएससी
2। जीव विज्ञान में बीएससी साइंस (ऑनर्स)
3। बीएससी एक्वाकल्चर में विज्ञान (फिशरी माइक्रोबायोलॉजी)
4। उन्नत जूलॉजी और जैव प्रौद्योगिकी में बीएससी
5। बीएससी इन जूलॉजी एंड एनिमल बायोटेक्नोलॉजी
खाद्य प्रौद्योगिकी
खाद्य टेक्नोलॉजिस्ट की मांग रोजाना बढ़ रही है। इस क्षेत्र में डिग्री के माध्यम से फूड क्वालिटी कंट्रोलर, फूड रिसर्च ऑफिसर, पैकेजिंग मैनेजर और कई अन्य नौकरियों मिल सकती हैं। 12 वीं विज्ञान के बाद छात्र खाद्य प्रौद्योगिकी के इन पाठ्यक्रमों के लिए जा सकते हैं
1। खाद्य संरक्षण और प्रसंस्करण में बीएससी
2। खाद्य प्रसंस्करण में बीएससी
3। खाद्य प्रसंस्करण और प्रौद्योगिकी में बीएससी
4। खाद्य भंडारण, संरक्षण और फूडटेक में बीएससी।
5। खाद्य प्रौद्योगिकी में बीएससी (जैव-केमिकल इंजीनियरिंग)
6। मछली प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा
7। डिप्लोमा इन शुगर टेक्नोलॉजी
 
 
माइक्रोबायोलॉजी
माइक्रोबायोलॉजी के जरिये खाद्य सूक्ष्म जीव विज्ञान, पर्यावरण सूक्ष्म जीव विज्ञान और पशु चिकित्सा माइक्रोबायोलॉजी, फार्मास्युटिकल, फूड, रिसर्च और अस्पताल में विकास प्रयोगशालाओं, बेवरेज और केमिकल उद्योग, अनुसंधान संगठन, कृषि और स्वास्थ्य देखभाल अनुसंधान में माइक्रोबायोलॉजिस्ट जैसे क्षेत्रों में कैरियर के अवसर और रोजगार मौजूद हैं।
1। माइक्रोबायोलॉजी में बीएससी
2। माइक्रोबायोलॉजी में बीएससी (ऑनर्स)
3। क्लीनिकल माइक्रोबायोलॉजी में डिप्लोमा
4। क्लिनिकल पैथोलॉजी में डिप्लोमा
5। औद्योगिक माइक्रोबायोलॉजी में डिप्लोमा
 
 
12वी में जीव विज्ञान पढने वाले छात्र उपरोक्त सुझावों के साथ-साथ अपनी रुचि और क्षमताओं के अनुसार कैरियर मार्ग चुनने के लिए आगे बढ सकते हैं।
शिक्षा और कैरियर संबंधी आपके सवालों का उत्तर देने के लिये हमारे पास संबंधित विषय विशेषज्ञों, कैरियर काउंसलरों,परामर्शदाताओं और शिक्षाशास्त्रियों का एक विस्तृत पैनल है, सवाल पूछने के लिये हमें इस तरह संपर्क करें-
ईमेल – editoreastrenstar@gmail.com
पत्र – मीडिया टॉवर
 ईस्टर्नस्टार, संपादकीय विभाग
 रत्न प्रकाश मार्ग, गोरखपुर
 
 मैं 12वीं साइंस से कर चुकी हूं और फ्यूचर में एमबीए (मार्केटिंग) करना चाहती हूं। मैं यह जानना चाहती हूं कि इसके लिए बीबीए करना सही होगा या बीए (इकोनॉमिक्स)? प्लीज मुझे यह भी बताएं कि मार्केटिंग में जॉब की रिक्वॉयरमेंट कितनी है?
निधि, गोरखपुर
आप अपनी रुचि के मुताबिक इन दोनों में से कोई भी कोर्स कर सकती हैं, लेकिन हम यहां दोनों में फर्क बता देते हैं। इससे आपको निर्णय लेने में आसानी हो जाएगी। बीबीए पूरी तरह से प्रोफेशनल कोर्स है। ऐसे में इसे पूरा करने के बाद आप चाहें तो सीधे जॉब के लिए ट्राई कर सकती हैं, लेकिन बीए (इकोनॉमिक्स) के साथ ऐसा नहीं है। हां, दिल्ली और मुंबई के कुछ चुनिंदा विश्वविद्यालयों या कॉलेजों से इकोनॉमिक्स ऑनर्स करने के बाद तमाम कंपनियों की तरफ से जॉब ऑफर मिल जाते हैं, लेकिन सभी के साथ ऐसा नहीं है। अगर आप ग्रेजुएशन कोर्स के बाद जॉब करने की इच्छुक हैं, तो मेरे ख्याल से आपको बीबीए करना चाहिए। अगर आप जॉब नहीं भी ज्वाइन करती हैं, तो भी आप इसके बाद एमबीए कर सकती हैं। जहां तक मार्केट में रिक्वॉयरमेंट की बात है, तो मार्केटिंग का सेक्टर सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाला फील्ड है। हर कंपनी को मार्केटिंग के स्मार्ट एग्जीक्यूटिव्स की बड़े पैमाने पर जरूरत होती है, चाहे वह एमएनसी हो या देश की कोई भी बड़ी-छोटी कंपनी। इसके साथ ही देश भर में कुछ चुनिंदा अच्छे कॉलेज है जो बीबीए़़ एमबीए (मार्केटिंग) में कोर्स प्रदान करते है जहां आपको सीधे बारहवीं के बाद दाखिला मिल सकता है। जैसे कि
 
प्रबंधन में आईआईएमए इंदौर
नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ एमजीटी एंड हाई स्टडीज - एनआईएमएस, डीम्ड यूनिर्वसिटी।
लखनऊ विश्वविद्यालय, बादशाह बाग, लखनऊ
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालयए कुरुक्षेत्र
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर, पेशेवर अध्ययन संस्थान, खंडवा आरडी एमपी,
वीआईटी विश्वविद्यालयए वेल्लोर
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालयए रोहतक
एमिटी स्कूल ऑफ बिजनेस  नोएडा
 
 
सवाल मुझे फोटोग्राफी में करियर बनाना है। क्या करना होगा?
 
अमन, गोरखपुर
 
जवाब: फोटोग्राफी में करियर बनाना एक अच्छा विकल्प है। कई संस्थान इसके लिए कोर्स करवाते हैं और इसकी कई विधाएं हैं। यह सीखकर आप अपना काम शुरू कर सकते हैं या फिर किसी स्टूडयिो या मीडिया यूनिट से भी जुड़ सकते हैं। चाहें तो किसी एक फील्ड को चुनकर उसमें आगे बढ़ें मसलन फैशन फोटोग्राफी, फूड फोटोग्राफी, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी आदि।
इसके साथ ही फोटोग्राफी के लिए प्रमुख संस्थान है जो यह पाठ्यक्रम प्रदान करती है जैसे कि-
सर जे जे इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड आर्ट्सए मुंबई
लाइट और लाइफ अकादमीए ऊटी
दिल्ली कॉलेज ऑफ फोटोग्राफी नई दिल्ली
एशियाई अकादमी फिल्म और टेलीविजनए नोएडा
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद
 
अच्छे फोटोग्राफर बनने के गुण
फोटोग्राफी के क्षेत्र में आने भर से कुछ नहीं होगा इसके लिए एक अलग जुनून कि आवश्यकता है जिसमे आपको कई दौर से गुजरना होता हैं। जहां आपको भयकंर जंगलों में फोटोग्राफी करनी पड़ी सकती है वही काफी पेशेंस कि भी आवश्यकता पड़ती है जहां एक शॉट लेने के लिए आपको घंटों खड़ा रहना पड़ सकता है।
 
फोटोग्राफी के लिए शैक्षिक योग्यता
 
फोटोग्राफी का कोर्स करने के लिए बारहवीं पास होना जरुरी है। जहा कुछ कालेज डिप्लोमा और फोटोग्राफी में डिग्री भी प्रदान करते हैं। वही कुछ कालेज इसमें पार्ट टाइम कोर्स भी कराते हैं। जबकी कुछ कालेज में पूरा 3 साल का बीए फोटोग्राफी कोर्स भी उपलब्ध हैं।
 
तरह - तरह के कोर्स
फोटोग्राफी में भी किसी एक विशेष फोटोग्राफी पर आपकी पकड़ बनाने के लिए तरह तरह के कोर्स उपलब्ध है
फैशन फोटोग्राफी
डिजिटल फोटोग्राफी
पेशेवर फोटोग्राफी कोर्स
वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी
 
फोटोग्राफी के लिए रोजगार के अवसर
आजकल फोटोग्राफी कोर्स और फोटोग्राफर का चलन इतना हो गया है कि इसमें जॉब खोजना इतना कठीन कार्य नहीं इसमें तरह के अवसर आपको प्रिंट मीडिया मैग्जीन समाचार चैनल, ऐड एजन्सी जैसे तमाम मीडिया के क्षेत्र हैं जहां करियर ऑप्शन मौजूद है।