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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 12 नए संकाय बनेंगे

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इलाहाबाद : इलाहाबाद विश्वविद्यालय की शुक्रवार को कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू की अध्यक्षता में एकेडमिक काउंसिल की बैठक हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले हुए। विद्वत परिषद ने विभिन्न विभागों को पुर्नसंगठित करने का फैसला किया है। इसके तहत विश्वविद्यालय में 12 नए संकायों की स्थापना का फैसला पारित किया गया। अभी विश्वविद्यालय में केवल चार संकाय- कला, वाणिज्य, विधि व साइंस ही हैं। अंग्रेजों ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की तर्ज पर स्थापित किया। यही कारण है कि यहां का एकेडमिक ढांचा सवा सौ साल पुराना है। भूमंडलीकरण के दौर में विश्वविद्यालय के कई कोर्स आउटडेटेड हो गए हैं। समय-समय पर इन्हें बदलने की बात तो जरूर होती रही पर कमजोर इच्छाशक्ति के कारण इसे अभी तक अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। इसको देखते हुए विश्वविद्यालय ने वैश्विक प्रतिस्पर्धा को देखते हुए फैकल्टी बढ़ाने और रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है, ताकि विश्वविद्यालय पूर्व के गौरवशाली इतिहास को फिर से दोहरा सके। 

फैकल्टी ऑफ एडवांस्ड स्टडीज, फैकल्टी ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स, फैकल्टी ऑफ कॉमर्स एंड बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (फैकल्टी ऑफ कॉमर्स का नाम परिवर्तित), फैकल्टी ऑफ सोशल साइंसेज, फैकल्टी ऑफ मैथमेटिकल साइंसेज, फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंसेज, फैकल्टी ऑफ केमिकल साइंसेज, फैकल्टी ऑफ प्लांट साइंसेज, फैकल्ट ऑफ एजुकेशन, फैकल्टी ऑफ अर्थ एंड एटमोस्फेरिक साइंसेज, फैकल्टी ऑफ फिजिकल साइंसेज, फैकल्टी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग व फैकल्टी ऑफ लैंग्वेजेज है। फैकल्टी ऑफ लॉ में परिवर्तन नहीं है। अभी चार फैकल्टी में करीब 46 विभाग काम कर रहे हैं। इससे एकेडमिक स्तर पर कोई महत्वपूर्ण निर्णय व काम नहीं हो पाते। कम विभाग होने से प्रशासनिक व एकेडमिक सुधार लाया जा सकेगा। आर्डिनेंस में बदलाव कर इसे मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। 

वहीं, विश्वविद्यालय की स्थापना अंग्रेजों के समय में की गई थी। इसीलिए यह विश्वविद्यालय ऑक्सफोर्ड की तर्ज पर विकसित किया गया। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय डीफिल की उपाधि देता रहा है। इसी तर्ज पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय भी अभी तक डीफिल की उपाधि देता है पर अब पीएचडी की उपाधि दी जाएगी। एकेडमिक काउंसिल की बैठक में इस आशय के फैसले पर मुहर लग गई।