# # # # # # #
लाइव
  • वाराणसी : सिटी स्टेशन पर रेलवे के सिग्नल स्टोर में देर रात लगी भीषण आग, आसपास के घरों में सहमे लोग

कुशीनगर: किसान का कर्ज माफी के लाभ से इनकार

#
कुशीनगर : कुशीनगर जिले के साधारण किसान ने बड़ा काम करके दिखाया है। यहां के दुदही विकास खंड के पृथ्वीपुर गांव में रहने वाले नागा कुशवाहा ने उत्तर प्रदेश सरकार की कर्ज माफी योजना का लाभ लेने से इनकार कर दिया है। उसका कहना है कि जीने के लिए दो बीघा जमीन भी काफी है। बैंक को दिए प्रार्थनापत्र में उसने लिखा है, मैं देश पर बोझ नहीं बनना चाहता। पड़ताल करने पर पता चला कि कुशवाहा की कथनी और करनी में फर्क भी नहीं है। ढाई बीघे जमीन की मिल्कियत वाला यह बुजुर्ग किसान महज पब्लिसिटी के लिए लाख रुपए का लाभ छोड़ देने की स्थिति में नहीं है। दरअसल, योगी सरकार ने चुनावी वादे के अनुरूप किसान कर्ज माफी का काम शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश में ऐसे करीब 86 लाख किसान हैं, जिनके कर्ज की माफी के लिए सरकार ने बजट में 36 हजार करोड़ रुपए की व्यवस्था की है। इस बीच, ढाई बीघे का कोई छोटा सा किसान सामने आकर कहे कि वह अपना कर्ज पाटने में सक्षम है, तो कई बड़े सवाल उठ खड़े होना लाजिमी है। 

नागा ने यह साबित किया है कि ढाई बीघे का किसान भी यदि कृषि ऋण का सही इस्तेमाल करे तो परिवार के पेट पालने के साथ-साथ कर्ज भी समय पर चुका सकता है। नागा कहते हैं कि ढाई बीघे के बूते मैंने तीन बेटों को अच्छी तालीम दी और दो बेटियों के हाथ भी पीले किए। मेरे दो बेटे एमए कर चुके हैं और एक इंटर में पढ़ रहा है। बेटे भी खेती में हाथ बंटाते हैं। 

नागा किसी एक फसल के भरोसे कतई नहीं रहते। वह बहुफसली खेती करते हैं, ताकि मौसम की मार भी पड़े तो पूंजी जरूर निकल आए। घर के खाने के लिए धान और गेहूं बोते हैं, तो नकदी आय के लिए गन्ने, हल्दी आदि की बोआई करते हैं। नकदी आय से ऋण भरते हैं और पर्याप्त बचत भी करते हैं। रोजमर्रा के खर्च चलाने के लिए सब्जी भी उगाते हैं।