June 20, 2021
ब्रेकिंग न्यूज

Sign in

Sign up

  • Home
  • टॉप न्यूज
  • कोरोना से जंग में भारत की मदद में आया रूस, वेंटिलेटर्स-ऑक्सीजन प्रोडक्शन यूनिट समेत भेजे कई उपकरण

कोरोना से जंग में भारत की मदद में आया रूस, वेंटिलेटर्स-ऑक्सीजन प्रोडक्शन यूनिट समेत भेजे कई उपकरण

By Manoj Kumar Singh on April 29, 2021
0 14 Views
शेयर न्यूज

नई दिल्ली(एजेंसी)- कोरोना संकट काल में भारत का पुराना भरोसेमंद दोस्त रूस एक बार फिर आगे आया है।रूस ने भारत को कोरोना महामारी से उबारने के लिए मेडिकल उपकरणों से भरे दो विमान भेजे हैं, जो गुरुवार सुबह दिल्ली हवाई अड्डे पर उतर गए हैं।भारत में रूस के राजदूत निकोल कुदाशेव ने बताया कि कोरोना महामारी को देखते हुए रूसी फेडरेशन ने भारत को मानवीय सहायता भेजने का फैसला लिया है। बता दें कि पीएम मोदी ने बुधवार (28 अप्रैल) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी बात की थी।बता दें कि इससे पहले कई अन्य देश भी संकट की इस घड़ी में भारत की मदद के लिए मेडिकल उपकरण भेज चुके हैं।

पीएम ने रूस का जताया आभार

रूस से भेजे गए दो कार्गो विमानों के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंच चुके हैं। इन विमानों में 20 ऑक्सीजन कंसनट्रेटर्स, 75 वेंटिलेटर्स, 150 बेडसाइड मॉनिटर्स और दवाइयां हैं। रूस के राजदूत ने कहा कि कोरोना से जंग में दोनों देश एक साथ हैं। बता दें कि इससे पहले रूस के राष्ट्रपति की तरफ से कहा गया था कि कोरोना वायरस के इस संकट के समय में पुतिन ने नरेंद्र मोदी का समर्थन किया है और भारत को मानवता के आधार पर भेजी जा रही इमरजेंसी मदद के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘रूसी इमरजेंसी मंत्रालय की फ्लाइट्स के जरिए से 22 टन के आवश्यक उपकरणों को भेजा जा रहा है, जिसमें 20 ऑक्सीजन प्रोडक्शन यूनिट, 75 वेंटिलेटर्स, 150 मेडिकल मॉनिटर्स और 2 लाख दवाओं के पैकेट हैं’। उधर, भारत के प्रधानमंत्री ने प्रदान की गई सहायता के लिए रूस के राष्ट्रपति को गर्मजोशी से धन्यवाद भी दिया। गौरतलब है कि दोनों नेताओं ने भारत में रूसी स्पुतनिक-V वैक्सीन के रजिस्ट्रेशन का स्वागत किया। उन्होंने इस तथ्य पर भी संतोष व्यक्त किया कि रूसी डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड ने स्पुतनिक की 850 खुराकों का प्रोडक्शन करने के लिए भारतीय कंपनियों के साथ एक समझौता किया है। इसका प्रोडक्शन मई में शुरू होगा।


शेयर न्यूज
Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *