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भारत और चीन के बीच 9 अप्रैल को हो सकती है सैन्य वार्ता, सेनाओं को पीछे करने पर चर्चा संभव

By on April 7, 2021 0 5 Views

नई दिल्ली(एजेंसी)-पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण (LAC) की 1,597 किलोमीटर की रेखा पर पिछले साल के मई महीने से शुरू हुए सीमा तनाव को हल करने के लिए भारत और चीन के बीच अब तक 10 बार सैन्य वार्ता हो चुकी हैं। अब 11वें दौर की बातचीत 9 अप्रैल को होने की संभावना है। मामले से परिचित लोगों ने मंगलवार को बताया कि दोनों देशों के बीच हॉट स्प्रिंग्स, गोगरा और देप्सांग समेत अन्य टकराव वाले मुद्दों को लेकर 11वें दौर की बातचीत 9 अप्रैल को हो सकती है।हालांकि इस मामले पर अभी चीन के जवाब का इंतजार किया जा रहा है।

चीन के जवाब का इंतज़ार

सूत्रों के मुताबिक, पैंगोंग झील क्षेत्र में चीन के साथ तनाव के समाधान के बाद दोनों देशों की सेनाएं गोगरा पहाड़ियों और डेपसांग इलाके में सैन्य मौजूदगी घटाने के मुद्दे पर चर्चा कर सकती हैं। यह वार्ता भारत-चीन के बीच सैन्य विवाद को लेकर हाल ही में हुई राजनयिक स्तर की बातचीत के बाद होगी। पिछले महीने सैन्य और राजनीतिक स्तर की विभिन्न दौर की बैठक के बाद दोनों देश पैंगोंग में सेना हटाने पर सहमत हुए थे। सभी पक्षों ने विवाद के समाधान का श्रेय सेना प्रमुख एमएम नरवणे को दिया था।बता दें कि पहले लद्दाख के पैंगोंग त्सो के उत्तरी और दक्षिणी किनारों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों से दोनों देशों की सेनाओं की वापसी के पूरा होने के दो दिन बाद 20 फरवरी को भारत और चीन की सेनाओं के कोर कमांडर-रैंक के अधिकारियों के बीच 10वें दौर की बातचीत हुई थी। करीब 16 घंटे चली इस बैठक में पूर्वी लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स, गोगरा और देप्सांग जैसे गतिरोध वाले बिंदुओं से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया था।इधर, क्वाड को लेकर चीन की चिंताएं बढ़ गई हैं। चीन ने मंगलवार को कहा कि विभिन्न देशों के बीच सैन्य सहयोग क्षेत्रीय शांति के अनुकूल होना चाहिए। क्षेत्र में बढ़ती चीनी आक्रामकता के बीच हिंद महासागर में फांस और भारत सहित क्वाड के अन्य सदस्यों के वृहद नौसेना अभ्यास में शामिल होने के एक दिन बाद चीन ने यह टिप्पणी की है।वहीं, थल सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने मंगलवार को कहा कि भारत अपनी सीमाओं पर नए सिरे से चुनौतियों का सामना कर रहा है और प्रशिक्षण ले रहे सैन्य अधिकारियों को इस तरह के सभी घटनाक्रमों से अवगत रहना चाहिए।

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