July 27, 2021
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यूपी:सांसद आजम खां के समर्थन में रामपुर से लखनऊ तक सपा करेगी साईकल रैली

By Shakti Prakash Shrivastva on March 7, 2021
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लखनऊ– सांसद आजम खां के समर्थन में सपा 13 मार्च से साइकिल यात्रा निकालेगी। रामपुर से शुरू होने वाली साइकिल यात्रा करीब 350 किलोमीटर का सफर तय कर 21 मार्च को लखनऊ पहुंचेगी। सपा का आरोप है कि रामपुर के सांसद आजम खां के खिलाफ भाजपा सरकार बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है। इसी के विरोध में साइकिल यात्रा के जरिए सपा जनता का ध्यानाकर्षण करेगी।सपाई हर दिन करीब 40 किलोमीटर साइकिल चलाएंगे। इस दौरान महंगाई, भ्रटाचार व कानून व्यवस्था का भी मुद्दा उठाएंगे। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 12 मार्च को रामपुर के मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में प्रेसवार्ता करेंगे और वहां एक जनसभा करेंगे।

अखिलेश यादव करेंगे जनसभा

13 को प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल साइकिल यात्रा को अंबेडकर पार्क रामपुर से हरी झंडी दिखाकर बरेली रवाना करेंगे। 14 को नेता विरोधी दल रामगोविन्द चौधरी साइकिल यात्रा को बरेली के मीरगंज से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। 15 को बरेली से चलकर साइकिल यात्रा कटरा पहुंचेगी।16 को कटरा से शाहजहांपुर और 17 को शाहजहांपुर से मैगलगंज पहुंचेगी। 18 को साइकिल यात्रा सीतापुर पहुंचेगी। 19 को नेता विरोधी दल विधान परिषद अहमद हसन सीतापुर में हरी झंडी दिखाकर साइकिल यात्रा को रवाना करेंगे। 20 को यात्रा बख्शी का तालाब लखनऊ पहुंचेगी। 21 को साइकिल यात्रा प्रदेश कार्यालय पहुंचेगी। यहां राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश संबोधित करेंगे।इस साइकिल यात्रा का उद्देश्य रामपुर में मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के संस्थापक सांसद मोहम्मद आजम खां के प्रति भाजपा सरकार की बदले की भावना से की जा रही कार्यवाहियों के विरुद्ध जनाक्रोश दर्ज करना है।आजम खां रामपुर से सांसद और पूर्व मंत्री है। उनकी पत्नी तंजीन फातिमा विधायक हैं। इनके साथ आजम के पुत्र अब्दुल्ला आजम को भी आरोपी बनाया गया है।सपा का आरोप है कि जबसे भाजपा सत्ता में आई है इस परिवार पर विपत्तियों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस परिवार पर कई सैकड़ा फर्जी केस दर्ज किए गए हैं। मोहम्मद आजम खां को हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है। आपातकाल के विरोध में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उन्हें जेल की यातना दी थी। सपा आजम खां के समर्थन-सहयोग में खड़ी है। अखिलेश यादव का मानना है कि जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना करके मोहम्मद आजम खां ने उच्च शिक्षा के प्रसार और नौजवानों की जिंदगी बेहतर बनाने की दिशा में जो कदम उठाए थे उससे चिढ़कर ही उन्हें अपमानित और प्रतड़ित किया जा रहा है।


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